जंगली जानवरों की सुरक्षा और अवैध कटान का नियंत्रण: रेपिड रिस्पांस टीम की भूमिका

रेपिड रिस्पांस टीम जंगली जानवरों को बचाएगी और अवैध कटान को रोकेगी

चम्बा, ब्यूरो रिपोर्ट

जिला चंबा में पहली बार रेपिड रिस्पांस टीम जंगली जानवरों और अवैध कटान को रोकेगी। जंगली जानवरों को बेहोश करने और खुद को सुरक्षित रखने के लिए टीम के पास हथियार और अन्य आवश्यक उपकरण होंगे। इससे टीम जंगल की सुरक्षा करते समय जानवरों और शरारती तत्वों से भी बच सकेगी। 

विभाग भी इस टीम को वाहन देता है। टीम इस वाहन से तुरंत बचाव करने के लिए रवाना होगी। चंबा जिले में रहने वाले लोगों को वन्य जीवों का सामना करना पड़ता है। सांप और अन्य जानवर अक्सर घरों में घुस जाते हैं।  यह रेपिड रिस्पांस टीम ऐसे परिस्थितियों में जंगली जानवरों को बचाने का काम करेगी। 

सरकार ने आठ वर्ष पहले चंबा में इस टीम को सक्रिय करने का आदेश दिया था। जिले में इस टीम को आठ साल में विभाग ने सक्रिय नहीं किया। अब विभाग की इस आरआरपी टीम को मुख्य वन अधिकारी ने सक्रिय किया है। डीएफओ रेपिड रिस्पांस टीम का लीडर होगा। वन परिक्षेत्र अधिकारी, वन खंड अधिकारी और वनरक्षक उनके साथ टीम में रहेंगे। 

टीम जंगली जानवरों से आमने-सामने होने पर तुरंत सक्रियता दिखाएगी और जंगलों को बचाने के लिए अन्य कार्यों में भी भाग लेगी। जैसे कोई पेड़ जंगल से सड़क पर गिरता है। तब भी उस टीम उस पेड़ को वहां से हटाकर यातायात को बहाल करेगी। मुख्य वन अरण्यपाल अभिलाष दामोदरन ने बताया कि ट्रेंकुलाइजर गन के अलावा रेपिड रिस्पांस टीम को अन्य हथियार और उपकरण मिलेंगे। यह टीम वन विभाग से संबंधित सभी खोजों को पूरा करेगी।



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