धर्मशाला छात्रा मौ-त मामला : - राजकीय प्राध्यापक संघ ने तुरंत बैठक बुलाई, एसपी कांगड़ा से भी मुलाकात की

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा की मौ-त पर उसके परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। कॉलेज के प्रोफेसर और तीन विद्यार्थियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। शुक्रवार को कॉलेज परिसर में मामले पर एक आपात बैठक हुई।

हिमाचल राजकीय प्राध्यापक संघ की राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला इकाई की एक आपात बैठक शुक्रवार को कॉलेज परिसर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष डॉ. विक्रम श्रीवत्स तथा महासचिव डॉ. आशीष रंजन ने की। बैठक का मुख्य विषय सोशल मीडिया पर छात्रा के साथ रैगिंग, मारपीट और अश्लील हरकत रहा। बैठक में संबंधित महाविद्यालय के एक प्राध्यापक पर लगाए जा रहे गंभीर आरोपों के संबंध में विचार-विमर्श किया गया। बैठक की शुरुआत सत्र 2024-25 की एक छात्रा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए की गई तथा दिवंगत छात्रा के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की गई।

इस संवेदनशील प्रकरण से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को बैठक में प्रस्तुत किया गया, जिनमें यह स्पष्ट किया गया कि संबंधित छात्रा सत्र 2024-25 की छात्रा थी और वर्तमान शैक्षणिक सत्र में उसका राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला में कोई दाखिला नहीं है। संघ ने बताया कि महाविद्यालय में यौन शोषण एवं रैगिंग जैसे गंभीर मामलों से निपटने के लिए यूजीसी के निर्देशों के अनुरूप एक सुदृढ़ और प्रभावी कार्य प्रणाली पहले से ही लागू है। कॉलेज रिकॉर्ड के अनुसार, जब छात्रा महाविद्यालय की नियमित छात्रा थी, उस दौरान उसने इस प्रकार की कोई शिकायत कभी भी कॉलेज प्रशासन के समक्ष दर्ज नहीं करवाई।


बैठक में यह भी कहा गया कि सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों में कई प्रकार के विरोधाभास सामने आ रहे हैं, इसलिए इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, संबंधित प्राध्यापक पर जातिगत आरोप भी लगाए गए हैं, जबकि वह स्वयं पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं। संघ ने यह भी रेखांकित किया कि संबंधित प्राध्यापक वर्ष 2006 से विभिन्न महाविद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं और उनका सेवा-आचरण सदैव उच्च नैतिक मूल्यों पर आधारित रहा है। इस अवसर पर संघ अध्यक्ष डॉ. विक्रम श्रीवत्स और महासचिव डॉ. आशीष रंजन ने आग्रह किया कि भविष्य में होने वाली किसी भी कार्रवाई में प्रस्तुत तथ्यों को ध्यान में रखा जाए, ताकि जांच की निष्पक्षता बनी रहे। बैठक के उपरांत संघ पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक अशोक रतन से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की तथा कहा कि जांच प्रक्रिया में कॉलेज के पक्ष को भी मजबूती से शामिल किया जाए।


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