मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार दशकों से कुछ वर्गों ने राज्य की संपदा हासिल की है। 75 लाख लोगों ने इस संपदा पर अधिकार रखने का दावा किया है।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि आने वाले समय में राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल होगा। हिमाचल प्रदेश में मंत्रियों की परस्पर विरोधी बयानबाजी के बीच सीएम का यह बयान आया है। शनिवार को नई दिल्ली से शिमला पहुंचने के बाद पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कैबिनेट में बदलाव करने की बात कही। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से आने वाले समय में सरकार कई प्रकार की योजनाएं भी लेकर आएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की संपदा 40 साल से कुछ वर्गों के हाथ में है। उन्होंने हमेशा कहा है कि इस संपदा पर 75 लाख लोगों का अधिकार है। उन्होंने दोहराया कि सरकार ने भ्रष्टाचार के चोर दरवाजे बंद किए। जो पैसा चोर दरवाजों से जाने से बचाया, उससे आमजन की योजनाओं को अमलीजामा पहनाया।
उन्होंने कहा कि वह नई दिल्ली से केंद्रीय वित्त मंत्री से मिले और अनुरोध किया कि प्रदेश को 16वें वित्त आयोग में राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) पांचों वर्षों में बराबर मिले। केंद्र सरकार ने जीएसटी मुआवजा 2017 से लेकर जून 2022 तक 3200 करोड़ रुपये हर साल दिया है। अब यह पांच साल बाद बंद हो गया है। हिमालयी और पूर्वोत्तर राज्यों के लिए ऐसी योजनाएं बनानी होंगी, जो निरंतर रहें। उन्होंने कहा कि एक बात का जिक्र केंद्र बार-बार कर रहा है कि हिमाचल ने ओपीएस दिया है। इस वजह से 1600 करोड़ का अतिरिक्त ऋण बंद किया गया है। राज्य सरकार को यूपीएस के बारे में सोचने को कहा जा रहा है ।
कुल्लू में अधिकारियों पर हाथ उठाने का मामला गंभीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुल्लू में अधिकारियों पर हाथ उठाने का मामला गंभीर है। सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर किसी को हाथ नहीं उठाने दिया जाएगा।
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