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मंडी में भिड़े दो पक्ष : - चैटिंग के दौरान विवाद, आपसी रंजिश में एक को चाकू से घोंपा

मामला प्रेम संबंधी बताया जाता है। पुलिस जांच कर रही है।शहर से जुड़ी रानी की बाईं का मामला है। मंडी में प्राथमिक उपचार के बाद घायल व्यक्ति को एम्स बिलासपुर भेजा गया। आपसी रंजिश के चलते दो गुटों में भिडंत हो गई। इस भिडंत में एक युवक को चाकू घोंप दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल युवक को जोनल हास्पिटल मंडी में प्राथमिक उपचार के बाद एम्स बिलासपुर रेफर कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच-पड़ताल में यह मामला आपसी रंजिश के साथ-साथ प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ भी बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, मंडी शहर के साथ लगते रानी की बाईं में एक मैकेनिक की दुकान पर बुधवार को दो गुटों में भिडंत हो गई। बताया जा रहा है कि इन दोनों गुटों की पहले से आपसी रंजिश चल रही थी। इसमें प्रेम-प्रसंग होने की बातें भी सामने आ रही हैं। पहले इनकी ऑनलाइन चैट पर बातचीत हुई और वहीं से बहसबाजी शुरू होकर आमने-सामने की भिडंत तक जा पहुंची। दोनों गुट जब एक मैकेनिक की दुकान पर आमने-सामने हुए तो फिर एक युवक को चाकू घोंप दिया गया। घायल युवक कोटली क्षेत्र के बरयारा का रहने वाला बताया जा रहा है। इस युवक का अस्पताल में उपचा...

पंचायत चुनाव मामला : - सुक्खू सरकार ने हिमाचल हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी

हिमाचल सरकार ने पंचायत चुनावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। राज्य सरकार ने विशेष लीव पिटीशन दायर की है। हिमाचल सरकार ने प्रदेश में 30 अप्रैल से पहले पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव को करवाने को लेकर हिमाचल हाईकोर्ट के 9 जनवरी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसे लेकर शीर्ष अदालत में एक अपील याचिका दायर की गई है, जिस पर अब सुनवाई होगी। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के महाधिवक्ता अनूप रत्न ने बताया कि रोस्टर को जारी करने के बाद आपत्तियों को लेकर खंडपीठ की अलग-अलग राय सामने आई है। उन्होंने कहा कि कानून की व्याख्या को स्पष्ट करना बहुत महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट में स्पेशल लीव पिटिशन मुख्य रूप से दो बिंदुओं को लेकर दायर की गई है। पहला, हाईकोर्ट की खंडपीठ ने प्रदेश सरकार को पंचायती चुनाव संस्थाओं का रोस्टर जारी करने के लिए केवल चार दिनों का समय दिया है, जोकि तर्कसंगत और न्याय संगत नहीं है। जबकि एक अन्य खंडपीठ ने 2021 में मनीष धरमैक मामले में रोस्टर जारी करने के बाद आपत्तियों को सुनने के लिए तीन महीनों का समय दिया है। पंचायती चुनाव को समय पर करवाने को लेकर दायर याचिका की सुनवाई क...

19 वर्ष बाद भी कटासनी स्टेडियम पूरा नहीं हुआ; 17 करोड़ रुपये खर्च, पांच सरकारें बदली, ड्रीम प्रोजेक्ट केवल फाइलों में कैद

हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थित कटासनी बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम की हालत बदतर है। सिस्टम फेलियर की मूक गवाही दे रहा है आठ मंजिला अधूरा ढांचा। पहाड़ों के बीच खेल प्रतिभाओं को तराशने का सपना लेकर शुरू हुआ कटासनी बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम आज खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। जिस परियोजना से प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद थी, वह अब सरकारी फाइलों और अधूरे ढांचों के बीच सिमटकर रह गई है। आठ मंजिला अधूरा ढांचा सिस्टम फेलियर की मूक गवाही दे रहा है। खिलाड़ियाें को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने की जहां परिकल्पना हुई थी वहां आज जर्जर दीवारें, उखड़े सरिये की छड़ें और जगह-जगह बिखरी लाखों रुपये की निर्माण सामग्री नजर आती है। 19 साल बीत चुके हैं, लेकिन बहुउद्देशीय कटासनी स्टेडियम का सपना अब तक हकीकत नहीं बन पाया है। मंगलवार को मौके पर पहुंचने पर दिखा कि निर्माणाधीन छह मंजिला भवन का अधिकांश हिस्सा मौसम और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। अधूरे निर्माण कार्य के आसपास झाड़ियां उग आई हैं। लाखों रुपये की मशीनरी जंग लगने से खराब हो गई है। यहां असामाजिक तत्वों के डेरा डाल...

100 विद्यार्थियों को 4000 से 6000 रुपये प्रति महीने की छात्रवृत्ति मिलेगी, नवंबर में परीक्षा हुई

हिमाचल प्रदेश के सौ विद्यार्थियों को प्रति महीने चार हजार से छह हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। प्रदेश भर में हर साल स्वर्ण जयंती मध्यम मेरिट परीक्षा दो चरणों में आयोजित की जाती है। हिमाचल प्रदेश में स्वर्ण जयंती मिडल छात्रवृत्ति के लिए 100 विद्यार्थियों का चयन कर लिया गया है। एससीईआरटी सोलन ने जिलेवार छात्रवृत्ति परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया है। इसकी जानकारी अपनी साइट पर भी अपलोड कर ली है। वहीं अब चयनित विद्यार्थियों के बैंक खाता और अन्य दस्तावेजों को जमा किया जा रहा है, जिसे जल्द निदेशालय को भेजा जाएगा। चयनित छठी कक्षा के छात्रों को प्रतिमाह 4,000, सातवीं कक्षा में 5,000 और आठवीं कक्षा के छात्रों को 6,000 प्रतिमाह छात्रवृत्ति मिलेगी। प्रदेश भर में हर वर्ष दो चरण में स्वर्ण जयंती मिडिल मेरिट परीक्षा आयोजित की जाती है। इसमें पिछले शिक्षा सत्र का परिणाम घोषित किया है। उधर, प्रिंसिपल एससीईआरटी सोलन डॉ. रीतू शर्मा सोनी ने बताया कि जिलेवार परीक्षा परिणाम साइट पर अपलोड कर लिया है। वहीं, अब बच्चों के बैंक खाता समेत अन्य दस्तावेजों को एकत्रित किया जा रहा है। जिसे निदेशालय भेजा जाएगा। औपचारि...

सात देशों की यात्रा के बाद एक चीनी नागरिक ने अब कुंडली खंगाली

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने एक चीनी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मामले की जासूसी और स्थानीय लापरवाही की भी जांच हो रही है। हिमाचल पुलिस, आईबी और केंद्रीय सुरक्षा निकाय आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खोज रहे हैं। मैक्लोडगंज में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे चीनी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। मंगलवार को धर्मशाला न्यायालय ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है। बीते दिन ही पूछताछ में स्पष्ट हो गया था कि आरोपी चीनी पुलिस सेवा में रह चुका है। मंगलवार को पूछताछ में पता चला है कि चीनी नागरिक भारत आने से पहले मलयेशिया, इंडोनेशिया, अजरबैजान, तुर्की, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मिस्र की यात्रा कर चुका है। कई देशों की यात्रा करने के बाद उसने भारत में प्रवेश के लिए नेपाल सीमा का सहारा लिया। एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि क्या इन देशों की यात्रा के पीछे कोई कॉमन पैटर्न है या फिर कुछ और। यानी अब यह मामला केवल अवैध प्रवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब इसमें जासूसी और स्थानीय लापरवाही के एंगल स...

हमीरपुर पुलिस ने ऑल्टो कार को मॉडिफाई करने पर एक लाख रुपये का चालान किया

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में पुलिस ने अवैध रूप से मॉडिफाई की गई एक ऑल्टो कार को एक लाख रुपये का चालान काटा है। हमीरपुर शहर में यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्ती करते हुए सदर थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। अवैध रूप से मॉडिफाई की गई ऑल्टो कार पर पुलिस ने एक लाख रुपये का चालान काटा है। यह कार्रवाई शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। सदर थाना क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने गांधी चौक पर एक ऑल्टो कार को रोका। जांच में पाया गया कि वाहन चालक ने नियमों के विपरीत अपनी ऑल्टो गाड़ी के टायरों समेत कुछ अन्य अवैध मोडिफिकेशन करवाई थी। यह सभी बदलाव मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन पाए गए। वाहन मॉडिफिकेशन से न केवल सड़क सुरक्षा को खतरा होता है, बल्कि इससे ध्वनि और प्रदूषण भी बढ़ता है। एसपी बलवीर सिंह ने बताया कि आगे भी इस तरह का अभियान जारी रहेगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए।

High Beam Light : - हिमाचल प्रदेश में हाई बीम का गलत इस्तेमाल करने पर चालान करेगी पुलिस

हिमाचल प्रदेश में हाई बीम का दुरुपयोग करने पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पीएचक्यू ने जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे हाई बीम के दुरुपयोग पर विशेष ध्यान दें। हाई बीम लाइट का गलत इस्तेमाल अब वाहन चालकों को भारी पड़ सकता है। हिमाचल प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने हाई बीम के दुरुपयोग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। चंडीगढ़ और दिल्ली की तर्ज पर अब प्रदेश में भी हाई बीम के गलत इस्तेमाल को डेंजरस ड्राइविंग की श्रेणी में माना जाएगा और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया जाएगा। पुलिस विभाग के अनुसार पहाड़ी और घुमावदार सड़कों पर हाई बीम सामने से आने वाले वाहन चालकों को कुछ देर के लिए दिखना बंद हो जाता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। खासकर रात के समय हाई बीम का प्रयोग जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे मामलों में न केवल सामने वाले वाहन बल्कि पैदल यात्रियों और दोपहिया चालकों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है। पीएचक्यू ने जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हाई बीम के दु...

RLA Bilaspur Scam : - वाहन फर्जीवाड़ा केस में फरार एसडीएम कार्यालय झंडूता का क्लर्क गौरव भारद्वाज की निलंबन

वाहन पंजीकरण के फर्जीवाड़े में बिलासपुर आरएलए में फरार चल रहे क्लर्क गौरव भारद्वाज को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। एसडीएम कार्यालय झंडूता में तैनात क्लर्क गौरव भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। गौरव पर दिल्ली में एक आपराधिक मामला दर्ज होने और लंबे समय से ड्यूटी से गायब रहने के चलते यह कार्रवाई अमल में लाई गई है। गौरव बिलासपुर आरएलए में हुए वाहन पंजीकरण के फर्जीवाड़े में फरार चल रहा है। जानकारी के अनुसार निदेशक (भूमि अभिलेख) हिमाचल प्रदेश ने यह आदेश जारी किए हैं। क्लर्क गौरव के खिलाफ नई दिल्ली के क्राइम ब्रांच थाने में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। फिलहाल दिल्ली पुलिस इस मामले में जांच और पूछताछ कर रही है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित कर्मचारी 21 जनवरी 2026 से बिना किसी पूर्व सूचना या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहा है। आधिकारिक निर्देशों की अवहेलना और आपराधिक मामले में संलिप्तता को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। निदेशक भूमि अभिलेख ने केंद्रीय सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम,...

विनय कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट के नाम पर सिर्फ औपचारिकता की, किसी भी वर्ग को राहत नहीं दी गई।

सोमवार को राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में विनय कुमार ने पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार के बजट पर हमला बोला। बजट को कोई दिशा या दशा नहीं है, उन्होंने कहा। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि इस बार केंद्र सरकार ने बजट के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई है। इसमें किसी भी वर्ग को न तो कोई लाभ है, न किसी को कोई राहत मिली है। बजट की न तो कोई दिशा है और न ही दशा है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के साथ जो कुठाराघात केंद्र सरकार ने इस बजट में किया है, उसके खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रदेश केंद्र से कोई खैरात नहीं, अपना हक मांग रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को उम्मीद थी कि आपदा राहत के लिए केंद्र कुछ देता। प्रधानमंत्री की 1500 करोड़ की राशि भी आज दिन तक प्रदेश को नही मिली। विनय कुमार ने प्रदेश से चुन कर गए सभी भाजपा सांसदों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश की कोई चिंता नही है। प्रदेश के लोग इन नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में विनय कुमार ने राजस्व घाटे का अनुदान बंद करने पर कड़ा रुख करते...

हिमाचल प्रदेश में बस्तियों, गांवों और गलियों के बदनाम नामों का क्या होगा?

हिमाचल प्रदेश में जातिसूचक और अपमानजनक नाम बदले जाएंगे। मानवाधिकार आयोग ने कहा कि समाज में समानता लाने के लिए ऐसे नाम जो किसी विशेष वर्ग या समुदाय को अपमानजनक लगते हैं, उन्हें हटाना अनिवार्य है। हिमाचल प्रदेश में अब जातिसूचक और अपमानजनक नामों वाले कस्बों, पंचायतों और गलियों की पहचान मिटने वाली है। मानवाधिकार आयोग के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इन नामों को बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय ने सभी खंड विकास अधिकारियों को आदेश जारी कर उनके क्षेत्रों में ऐसे नामों की व्यापक सूची और उन्हें बदलने का प्रस्ताव मांगा है। यह पूरी कवायद मानवाधिकार आयोग की ओर से डॉ. आंबेडकर जन कल्याण समिति भोपाल के अध्यक्ष सुनील अहिरवार की कोर्ट में दायर याचिका पर की जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि समाज में समानता लाने के लिए ऐसे नामों को हटाना अनिवार्य है, जो किसी विशेष वर्ग या समुदाय के लिए अपमानजनक प्रतीत होते हैं। प्रशासन अब उन प्राचीन बस्तियों और मोहल्लों को चिह्नित कर रहा है, जिनके नाम जाति आधारित हैं। जिला पंचायत अधिकारी की ओर से इस मुहिम को लेकर निर्देश जारी किए ह...

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 2030 तक वन क्षेत्र को 31 प्रतिशत करने का रोडमैप बनाने का आदेश दिया।

वन विभाग को वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश में वन क्षेत्र को 31 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वन विभाग को वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश में वन क्षेत्र को विस्तार प्रदान कर 31 प्रतिशत तक करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य का वन क्षेत्र 29.5 प्रतिशत है, जिसे योजनाबद्ध और सतत तरीके से बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग एक वैश्विक समस्या बनकर उभरी है और इसके प्रतिकूल प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इसके दृष्टिगत वर्तमान राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 16,376 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र हिमाच्छादित, बंजर या पर्वतीय क्षेत्र है, जहां पौधारोपण संभव नहीं है, इसलिए वन विभाग को प्रत्येक जिले में पौधारोपण के लिए उपयुक्त संभावित क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए और उसके अनुसार चरणबद्ध पौधारोपण योजना तैयार करनी चाहिए। उ...

केसीसी ऋण घोटाले में पूर्व बैंक मैनेजर को फर्जी दस्तावेजों पर तीन साल की कैद

पीएनबी की कुल्लू स्थित ढालपुर शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर ऋण घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।  पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की कुल्लू स्थित ढालपुर शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर ऋण घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व बैंक मैनेजर अमर सिंह बोध (काजा) को तीन साल के कठोर कारावास और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। लाभार्थी भोलू राम (कुल्लू) और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले ताशी फुंचोग (भुंतर) को चार-चार साल की कैद और 1.10 लाख जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।  सीबीआई की विशेष अदालत (शिमला) ने यह फैसला चालान संख्या-7 में सुनाया। न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा ने माना कि वर्ष 2010 से 2013 के बीच तीनों आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी जमाबंदी और राजस्व रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर 4 लाख रुपये का केसीसी ऋण मंजूर कराया। विशेषज्ञ की रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हुई कि राजस्व अधिकारियों के नाम से किए गए हस्ताक्षर और मुहरें फर्जी थीं। आरोपियों के ह...

मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मनरेगा में पिछले वर्षों से 1.71 लाख विकास कार्य लंबित हैं

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत प्रदेश में 1,71,841 अतिरिक्त कार्यों की घोषणा की गई है, जो वित्तीय वर्ष 2025 से 26 तक चलेंगे। हिमाचल प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 1,71,841 स्पिल ओवर कार्य चिह्नित किए गए हैं। ये वे कार्य हैं जो पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत तो हुए, लेकिन विभिन्न कारणों से समय पर पूरे नहीं हो सके और अब चालू वर्ष में आगे बढ़ाए जा रहे हैं। यह खुलासा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की हिमाचल प्रदेश में मनरेगा कार्यों पर जारी रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार, स्पिलओवर कार्यों में सबसे बड़ी संख्या व्यक्तिगत भूमि पर कार्यों की है, जो 1,46,653 तक पहुंच गई है। इसके अलावा ग्रामीण संपर्क से जुड़े 11,110, भूमि विकास के 3,336, जल संरक्षण एवं जल संचयन के 2,651 और पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के 295 कार्य शामिल हैं।  इस जिले में सबसे अधिक कार्य शामिल बाढ़ नियंत्रण एवं संरक्षण से संबंधित 4,305 कार्य भी इस सूची में हैं। इसमें मंडी जिला सबसे आगे है, जह...

Himachal Panchayat Election : - 9 जिलों की मतदाता सूची अभी नहीं जारी की गई, इसलिए बीडीओ-सचिव देखेंगे पंचायतों का काम

हिमाचल प्रदेश में, बीडीओ और पंचायत समिति एवं जिला परिषद की सीईओ की अध्यक्षता वाली कमेटियों को पंचायतों का कार्यभार सौंपा गया है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त होने के बाद कामकाज देखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी है। पंचायतों की कमान बीडीओ और पंचायत समिति एवं जिला परिषद की सीईओ की अध्यक्षता वाली कमेटियों को सौंपी गई है। पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 140(3)(बी) के तहत पंचायतों का कामकाज खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) बतौर अध्यक्ष देखेंगे, जबकि पंचायत सचिव सदस्य सचिव के रूप में काम करेंगे। हालांकि, प्रदेश में कई स्थानों पर दो से तीन पंचायतों का जिम्मा एक ही सचिव संभाल रहे हैं, ऐसे में बतौर सदस्य सचिव उन पर अतिरिक्त प्रभार रहेगा। उधर, प्रदेश के 9 जिलों के उपायुक्तों की ओर से अभी मतदाता सूचियां ही जारी नहीं की हैं। सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, पंचायत समिति का कामकाज देखने वाली कमेटी के अध्यक्ष मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) होंगे। खंड योजना अधिकारी (बीपीओ) सदस्य और पंचायत निरीक्षक सदस्य सचिव होंगे। जिला परिषद का कामकाज मु...

हिमाचल प्रदेश : - चार फरवरी को एम्स बिलासपुर में वॉक इन इंटरव्यू होगा, 52 सीनियर रेजिडेंट पद

4 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के एम्स बिलासपुर में सीनियर रेजिडेंट के पदों पर वॉक इन इंटरव्यू होगा। एम्स बिलासपुर में सीनियर रेजिडेंट (नॉन-अकादमिक) के 52 पदों पर भर्ती होगी। इन पदों के लिए 4 फरवरी को वॉक इन इंटरव्यू होगा। संस्थान पदों को भरने के लिए अब हर महीने साक्षात्कार करवा रहा है। एम्स बिलासपुर, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन राष्ट्रीय महत्व का संस्थान है। यहां सीनियर रेजिडेंट के रूप में चयनित उम्मीदवारों को न केवल स्थिर सरकारी सेवा का अनुभव मिलेगा, बल्कि अत्याधुनिक चिकित्सा संस्थान में काम करने का अवसर भी मिलेगा। इस भर्ती से हिमाचल प्रदेश सहित उत्तर भारत के मेडिकल स्नातकोत्तर युवाओं को बड़ा अवसर मिलेगा। एनेस्थीसिया, जनरल मेडिसिन, सर्जरी, कार्डियोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, न्यूरोलॉजी, ट्रॉमा एंड इमरजेंसी सहित 31 विभागों में पद भरे जाएंगे। कुल 52 पदों में अनारक्षित, ओबीसी, एससी, एसटी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए अलग-अलग सीटें निर्धारित की गई हैं। एम्स जैसे संस्थान में सेवा का अनुभव आगे की पढ़ाई और करियर के लिए बेहद उपयोगी साबित होता है। भर्ती शुरूआत में छह महीने के लिए ...

केंद्रीय बजट 2026 : - बजट को लेकर कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने क्या कहा? जानें हर किसी की प्रतिक्रिया

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां बजट प्रस्तुत किया है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा-कांग्रेस और आम जनता का बजट पर क्या विचार है? प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजेश ठाकुर ने दौलतपुर चौक में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय बजट 2026 को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह बजट आम आदमी, गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है तथा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है। इस मौके पर गगरेट के पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट दूरदर्शी सोच पर आधारित है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन, आत्मनिर्भर भारत और तकनीकी सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष फोकस से हिमाचल जैसे राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। चैतन्य शर्मा ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर, स्वास्थ्य सेवाओं, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर मिशन और बायो-फार्मा सेक्टर के लिए किए गए प्रावधान देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देंगे। उन्...

कोर्ट ने एससी-एसटी कानून के आरोपों को रद्द कर दिया, निजी क्षेत्र में जातिसूचक टिप्पणी को सार्वजनिक स्थान में नहीं माना

  हिमाचल प्रदेश में एससी-एसटी एक्ट के आरोपों को जिला न्यायालय ने रद्द कर दिया है। क्या अदालत ने कहा? जिला न्यायालय ने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण फैसला दिया है। विशेष न्यायाधीश ने कहा है कि यदि घटना के समय केवल पीड़ित और उसके परिवार के सदस्य मौजूद हों और कोई स्वतंत्र गवाह न हो, तो उसे सार्वजनिक स्थान या सार्वजनिक दृष्टि में घटित घटना नहीं माना जा सकता है। इसी टिप्पणी के साथ ही अदालत ने आरोपियों के खिलाफ चल रहे एससी-एसटी एक्ट के आरोप रद्द कर दिए हैं। हालांकि, आरोपियों के खिलाफ धमकी देने के मामले में मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। यह मामला साल 2025 में सिरमौर जिला का है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुख राम व अन्य के खिलाफ मुकद्दमा दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि जाति के नाम से आरोपियों की ओर से 15-20 वर्षों से उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही थीं। आरोपियों की ओर से दलील दी गई कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को यदि सही भी मान लिया जाए, तो भी एससी-एसटी एक्ट की धारा 3(1)(आर)(एस) के आवश्यक तत्व पूरे नहीं होते। पुलिस की चार्जशीट में ...

Union Budget 2026 : - बजट में हिमाचल प्रदेश को क्या मिला? सभी घोषणाओं को देखने के लिए क्लिक करें

Union Budget 2026 : -  रविवार को देश की वित्तमंत्री निर्मणा सीतारमण केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगे। ऐसे में हिमाचल प्रदेश की जनता का ध्यान बजट पर है। क्या कोई घोषणा की जा रही है? देश की वित्तमंत्री निर्मणा सीतारमण रविवार को केंद्रीय बजट 2026 पेश कर रही हैं। ऐसे में हिमाचल प्रदेश के लोगों की नजरें बजट पर टिकी हैं। सबसे पहली घोषणा वित्तमंत्री निर्मणा सीतारमण ने की है कि हिमाचल प्रदेश में माउंटेन ट्रेल्स बनेंगे। माउंटेन ट्रेल्स पहाड़ी या जंगली क्षेत्रों में बने पथ या पगडंडियां होते हैं, जो मुख्य रूप से पैदल यात्रा, माउंटेन बाइकिंग और रोमांचक गतिविधियों के लिए उपयोग किए जाते हैं ।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि सभी लंबित विकास कार्य अगले तीन महीनों के भीतर पूरे किए जाएं।

राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों का विकास प्राथमिकता प्राप्त कर रहा है। राज्य का निरंतर और समावेशी विकास ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे चहुंमुखी विकास से देखा जा सकता है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शनिवार को राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए स्वीकृत विभिन्न क्षेत्रीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इस दाैरान उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि सभी लंबित विकास कार्यों को अगले तीन महीनों के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की लगभग 90 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। राज्य में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को प्रमुखता प्रदान की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे चहुंमुखी विकास से राज्य के सतत और समावेशी विकास को आंका जा सकता है।  बैठक के दौरान कई क्षेत्रीय कार्यों में धनराशि की स्वीकृति के उपरांत भी परियोजना के शुरू होने में विलंब अथवा इनकी धीमी गति पर समीक्षा की गई। इनमें पिछड़ा क्षेत्र उप योजना, एमपीएलएडी, विधायक क्षेत्र विकास निधि योजना, लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड, मुख्यमंत्री ग्राम पथ योजना तथा अन्य विधायक-वित्तपोषित योजनाओं के अंतर्गत परियोजनाओं की ...

HP Panchayat Election : - सरकार ने पंचायतों में प्रशासक नियुक्त किए, समितियों का गठन किया और सूचना दी

आज पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा और वे भंग हो जाएंगे। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के कार्यकाल का आज अंतिम दिन है और अवधि समाप्त होने पर इन्हें भंग माना जाएगा। 1 फरवरी से पंचायतीराज संस्थाओं की शक्तियां प्रशासकों के पास जाएंगी। इसको देखते हुए शनिवार को सरकार की ओर से प्रशासकों की तैनाती कर दी गई है। इस संबंध में पंचायतीराज विभाग की ओर से अधिसूचना जारी की गई है। इसके अनुसार समितियों का गठन करके ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों की सभी शक्तियों का प्रयोग और कार्यों को किया जाएगा।  इसके साथ ही फरवरी से अब पंचायतीराज विभाग की ओर से जारी मोहरों का भी कोई औचित्य नहीं रह जाएगा। पंचायतों में विकास कार्यों की देखरेख से लेकर नई कार्य प्रशासक कराएंगे। समितियां ऐसे करेंगी काम ग्राम पंचायतों के लिए खंड विकास अधिकारी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। जबकि पंचायत सचिव सदस्य सचिव होगा। इसी तरह पंचायत समिति के लिए समिति में मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंचायत समिति को अध्यक्ष और सामाजिक शिक्षा और खंड योजना अधिकारी सदस्य होगा। यह पद खाली होने की स्थिति में...

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के समक्ष आयातित सेब पर शुल्क का मुद्दा उठाया: सीएम सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने यूरोपियन यूनियन से भारत आने वाले सेब पर आयात शुल्क को 50 प्रतिशत से घटाकर 20 प्रतिशत करने को लेकर कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश के बागवानों को बहुत नुकसान होगा। न्यूजीलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते के बाद यूरोपियन यूनियन के देशों से भारत आने वाले सेब पर आयात शुल्क 50 से घटाकर 20 फीसदी करने को लेकर पूछे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के साथ न्यूजीलैंड से आयातित सेब पर शुल्क कम करने का मुद्दा उठाया था। यूरोपियन यूनियन के देशों से भारत आने वाले सेब पर आयात शुल्क घटाने का भी हिमाचल के बागवानों को बड़ा नुकसान होगा। इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से अधिकारियों और बागवानों की एक टीम भेजने को कहा है, जिसके बाद केंद्र सरकार इस विषय के सभी पहलुओं की गंभीरतापूर्वक जांच कर चर्चा करेगी। सरकार इस मामले को दोबारा केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी। प्रदेश में शाॅल बेचने वालों पर हो रहे हमलों को लेकर पूछे सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के संविधान में जो हिंदुस्तान का नागरिक है, उसे सुरक्षा देना हमा...

चिट्टा तस्करों को पंचायत चुनावों में भाग लेने से रोकने के लिए कानून बनाया जाएगा, ड्राफ्ट तैयार

सरकार राज्य में चिट्टा तस्करी में शामिल लोगों को पंचायत चुनावों में भाग लेने से रोकने के लिए कानून बनाने जा रही है। हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी में संलिप्त लोगों को पंचायत चुनाव लड़ने से रोकने के लिए सरकार कानून बनाने जा रही है। विधि विभाग से चर्चा के बाद राज्य सरकार ने इस संबंध में संशोधन विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। इसे विधानसभा के बजट सत्र में लाया जा रहा है। चिट्टे के साथ पकड़े जाने या तस्करी पर एफआईआर दर्ज को इसके लिए आधार बनाया जाएगा। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि प्रदेश सरकार इसके लिए पंचायती राज एक्ट में भी नया कानूनी प्रावधान जोड़ने जा रही है। हिमाचल प्रदेश में सैकड़ों लोगों के खिलाफ चिट्टे के मामले दर्ज हुए हैं। पुलिस कर्मियों से लेकर अन्य सरकारी विभागों के कर्मचारी भी चिट्टे के साथ पकड़े गए हैं। सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसे कर्मचारियों की सेवाएं तक समाप्त कर दी हैं। अब पंचायत प्रतिनिधियों के चुनाव से जुड़े कानून को भी सख्त बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विधि विभाग से विचार-विमर्श करने के बाद ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है। अब विधानसभा...