सात देशों की यात्रा के बाद एक चीनी नागरिक ने अब कुंडली खंगाली

हिमाचल प्रदेश पुलिस ने एक चीनी व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। मामले की जासूसी और स्थानीय लापरवाही की भी जांच हो रही है। हिमाचल पुलिस, आईबी और केंद्रीय सुरक्षा निकाय आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खोज रहे हैं।

मैक्लोडगंज में बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे चीनी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। मंगलवार को धर्मशाला न्यायालय ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उससे कड़ाई से पूछताछ शुरू कर दी है।

बीते दिन ही पूछताछ में स्पष्ट हो गया था कि आरोपी चीनी पुलिस सेवा में रह चुका है। मंगलवार को पूछताछ में पता चला है कि चीनी नागरिक भारत आने से पहले मलयेशिया, इंडोनेशिया, अजरबैजान, तुर्की, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मिस्र की यात्रा कर चुका है। कई देशों की यात्रा करने के बाद उसने भारत में प्रवेश के लिए नेपाल सीमा का सहारा लिया। एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि क्या इन देशों की यात्रा के पीछे कोई कॉमन पैटर्न है या फिर कुछ और। यानी अब यह मामला केवल अवैध प्रवास तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब इसमें जासूसी और स्थानीय लापरवाही के एंगल से भी जांच की जा रही है।

हिमाचल पुलिस के साथ-साथ इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां आरोपी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खंगाल रही हैं। आरोपी के लैपटॉप और मोबाइल फोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा सकता है, जिससे उसके डिलीट किए गए संदेशों और कॉल लॉग्स का पता लगाया जा सके। एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि आरोपी चीन में बैठे किन हैंडलर्स के संपर्क में था और क्या उसने दलाई लामा के निवास या निर्वासित सरकार से जुड़ी कोई गुप्त सूचना साझा की है।

भवन मालिक के खिलाफ दर्ज हो सकती है प्राथमिकी

इस मामले में स्थानीय प्रशासन भी सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। मंगलवार को पुलिस टीम ने मैक्लोडगंज स्थित स्थानीय भवन मालिक से भी पूछताछ की है। इसमें पता चला है कि भवन मालिक ने विदेशी नागरिक के ठहरने की जानकारी न तो पुलिस को दी और न ही एफआरआरओ (विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी) को। ऐसे में पुलिस ने बिना सी-फार्म भरे विदेशी नागरिक को किराये पर रखने के आरोप में भवन मालिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

भारत में विदेशी नागरिक को ठहराने के नियम

विदेशी नागरिक अधिनियम 1946 और विदेशी नागरिक पंजीकरण नियम 1992 के तहत किसी भी विदेशी नागरिक के आगमन के 24 घंटे के भीतर सी-फॉर्म के माध्यम से एफआरआरओ या स्थानीय पुलिस को ऑनलाइन सूचना देना अनिवार्य है। सी-फॉर्म में विदेशी नागरिक का पासपोर्ट, वीजा और अन्य विवरण दर्ज करना होता है। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माना या अधिकतम पांच वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। यह प्रक्रिया सुरक्षा कारणों से विदेशी नागरिकों की आवाजाही पर निगरानी और अवैध प्रवास रोकने के लिए अपनाई जाती है।

मैक्लोडगंज में बिना वैध दस्तावेज के रह रहे चीनी नागरिक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया है। न्यायालय ने आरोपी को तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। हिमाचल पुलिस के अलावा अन्य केंद्रीय जांच एजेंसियां भी उससे पूछताछ कर रही हैं। पुलिस और विदेशी पंजीकरण कार्यालय को सूचना दिए बिना अपने निजी आवास में विदेशी नागरिक को ठहराने वाले स्थानीय व्यक्ति के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - बीर बहादुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कांगड़ा

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