केंद्रीय बजट 2026 : - बजट को लेकर कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने क्या कहा? जानें हर किसी की प्रतिक्रिया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां बजट प्रस्तुत किया है। हिमाचल प्रदेश में भाजपा-कांग्रेस और आम जनता का बजट पर क्या विचार है?
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजेश ठाकुर ने दौलतपुर चौक में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ केंद्रीय बजट 2026 को सुना। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह बजट आम आदमी, गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बनाया गया है तथा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है।
इस मौके पर गगरेट के पूर्व विधायक चैतन्य शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट दूरदर्शी सोच पर आधारित है, जिसमें इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार सृजन, आत्मनिर्भर भारत और तकनीकी सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष फोकस से हिमाचल जैसे राज्यों को सीधा लाभ मिलेगा और युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे।
चैतन्य शर्मा ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर, स्वास्थ्य सेवाओं, ग्रीन एनर्जी, सेमीकंडक्टर मिशन और बायो-फार्मा सेक्टर के लिए किए गए प्रावधान देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देंगे। उन्होंने इसे लोक-लुभावन नहीं बल्कि सुधारवादी और विकासोन्मुखी बजट बताया।
प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत यह बजट आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास और आर्थिक अनुशासन का संतुलित उदाहरण है। उन्होंने कहा कि लगभग 7 प्रतिशत की निरंतर आर्थिक वृद्धि दर वैश्विक परिस्थितियों में भारत की आर्थिक ताकत को दर्शाती है।
केंद्रीय बजट हर वर्ग के लिए फायदेमंद: सूद
जिला मुख्यालय कुल्लू के भाजपा कार्यालय में केंद्रीय बजट श्रवण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर जिला भाजपा अध्यक्ष अमित सूद ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि यह बजट हर वर्ग को फायदा पहुंचने वाला है। किसान- बागवान से लेकर बयापारी वर्ग को फायदा मिलेगा। इस मौके पर मंडल से लेकर जिला स्तर के पदाधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने केंद्रीय बजट की सराहना की।
भाजपा जिला कार्यालय नाहन में कार्यकर्ताओं ने सुना बजट, दी ये प्रतिक्रिया
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को नौवां बजट पेश किया। बजट को लेकर भाजपा जिला कार्यालय नाहन में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से बजट भाषण को सुना और उस पर चर्चा की। कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा प्रवक्ता बलदेव तोमर, जिला भाजपा अध्यक्ष धीरज गुप्ता सहित पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता बलदेव तोमर ने कहा कि यह बजट देश के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। जिला भाजपा अध्यक्ष धीरज गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहितैषी फैसले ले रही है। बजट में मध्यम वर्ग के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी प्राथमिकता दी गई है।
केंद्रीय बजट 2026-27 विकसित भारत की मजबूत नींव- इंद्र सिंह गांधी
केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर चक्कर स्थित चक्र आस्था अस्पताल के सभागार में आयोजित 'बजट प्रस्तुतिकरण एवं मीडिया संवाद' कार्यक्रम में बल्ह के विधायक इंद्र सिंह गांधी ने बजट की सराहना करते हुए इसे विकसित भारत–2047 की दिशा में एक ऐतिहासिक, सर्वसमावेशी और दूरदर्शी बजट बताया। विधायक इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत यह बजट युवा, किसान, बागवान, महिलाएं, व्यापारी, कर्मचारी, एसएमई और मध्यम वर्ग सहित समाज के हर वर्ग का संतुलित रूप से ख्याल रखने वाला है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लगातार नौवां केंद्रीय बजट प्रस्तुत करने पर बधाई देते हुए कहा कि यह बजट देश को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।
उन्होंने कहा कि बजट में हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, बायो-फार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये, कैंसर व शुगर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाओं को सस्ता करने, बड़े टेक्सटाइल पार्कों की स्थापना, महिलाओं के लिए प्रत्येक जिले में छात्रावास की व्यवस्था, स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों के सुधारीकरण, 20 नए जल मार्ग, केमिकल पार्क व खनिज कॉरिडोर, एसएमई के लिए 10 हजार करोड़ रुपये तथा महात्मा गांधी स्वरोजगार योजना जैसे प्रावधान भारत की आर्थिक मजबूती को नई गति देंगे। वहीं हिमाचल प्रदेश, जे एंड के उत्तराखंड में माउंटेन ट्रेल्स बनाए जाएंगे जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इंद्र सिंह गांधी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए आपदा राहत, पर्यटन और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे इन राज्यों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
वित्त मंत्री ने पेश किया गरीब, युवा और महिला उत्थान वाला बजट- कौल नेगी
देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को भाजपा सरकार का नौवां बजट पेश किया। रामपुर भाजपा ने इसे देश को आत्मनिर्भर, मजबूत, समावेशी और विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य करने वाला बजट करार दिया है। रविवार को रामपुर के डकोलढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार का आम बजट सुना। पूर्व हिमकोफेड अध्यक्ष एवं भाजपा नेता कौल सिंह नेगी की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने बजट सुना और इसे गरीब, युवा और महिला उत्थान सहित देश को आगे ले जाने वाला बजट बताया।
बजट सत्र के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में कौल सिंह नेगी ने कहा कि भाजपा सरकार की वित्त मंत्री ने पहली बार कर्तव्य भवन में तैयार किए गए बजट को पेश किया है। मोदी सरकार के 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को मजबूत करने में यह बजट अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि नए भारत, नए दृष्टिकोण और नई कार्य संस्कृति के प्रतीक में इस बजट को देखा जा रहा है। बजट में आर्थिक विकास को बढ़ावा देना, जनता की उम्मीदों को पूरा करना और सबका साथ, सबका विकास सुनिश्चित करना तीन प्रमुख कर्तव्यों को इस बजट में शामिल किया गया है। घरेलू उत्पाद को बढ़ावा देना और आयात पर निर्भरता कम करना इस बजट का लक्ष्य है।
कौल सिंह नेगी ने कहा कि भारत आने वाले समय में ग्लोबल बायो फार्मा हब बनने जा रहा है। बायो फार्मा शक्ति परियोजना के लिए दस हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान रखा गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में मोटापा, कैंसर, हृदय रोगों सहित सात तरह के रोगों की रोकथाम के लिए शुरुआती तौर पर उनकी स्क्रीनिंग और शुरुआती तौर पर ही उनकी रोकथाम का विशेष प्रावधान किया जाएगा। प्रत्येक जिले के अस्पतालों में 50 प्रतिशत क्षमता को बढ़ाया जाएगा। इमरजेंसी और ट्रॉमा सेंटर का निर्माण किया जाएगा। सात हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनेंगे। आधारभूत ढांचे का विकास, पशु चिकित्सा और कृषि क्षेत्र के लिए नई पहल की जाएगी। खेल उपकरणों के लिए नई नीति बनाई जाएगी। खेलो इंडिया मिशन को मजबूत किया जाएगा, ताकि खेल के साथ-साथ रोजगार के अवसर बढ़ें। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी हैंडलूम योजना शुरू की जाएगी, जिससे बुनकरों को आने वाले समय में लाभ मिलेगा। बालिका शिक्षा को सशक्त करने के लिए हर जिले में एक-एक कन्या छात्रावास खोले जाएंगे। उन्होंने देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बधाई दी है। कौल ने कहा कि मोदी सरकार विकसित भारत की नींव पहले ही रख चुकी है और सरकार का यह बजट लोक लुभावना नहीं, बल्कि सुधारों का बजट है। इस मौके पर भाजपा मंडल अध्यक्ष नरेश चौहान, केवल राम बुशैहरी, राम मूर्ति, दिनेश खमराल, तिलक राज, यशपाल झाई, हेमराज, वीना सहित अन्य मौजूद रहे।
सीए संजीव चौहान और सीए नरेश बिष्ट ने सराहा बजट
केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने इसे देश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए इसकी व्यापक सराहना की है। सीए संजीव चौहान ने कहा कि यह बजट न केवल वर्तमान आर्थिक चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करता है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि बजट में किए गए प्रावधानों से निवेश को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
वहीं सीए नरेश बिष्ट ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए किए गए विशेष प्रावधान आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव लाएंगे और इन क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। दोनों विशेषज्ञों ने कहा कि कई आवश्यक वस्तुओं पर करों में राहत दिए जाने से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे महंगाई पर नियंत्रण में मदद मिलेगी। साथ ही उद्योग और व्यापार को प्रोत्साहन मिलने से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी और समग्र रूप से देश की विकास गति को नई दिशा मिलेगी।
विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक बजट 2026 : सुरेश कश्यप
भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के समावेशी विकास और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि ₹12.2 लाख करोड़ के रिकॉर्ड पूंजीगत व्यय से इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और टियर-2/3 शहरों को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे पर्वतीय राज्यों के लिए ईको-फ्रेंडली माउंटेन कॉरिडोर और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली घोषणाएं प्रदेश के लिए विशेष सौगात हैं।
युवा आकांक्षाओं और विकसित भारत की सिद्धि का बजट : अनुराग सिंह ठाकुर
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने बजट 2026-27 को विकसित भारत और युवा आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने 'Reform Over Rhetoric' के सिद्धांत के तहत आर्थिक विकास, जन आकांक्षाओं की पूर्ति और सबका विकास के तीन कर्तव्यों को स्पष्ट किया है। उन्होंने बजट में खेलो इंडिया मिशन, AVGC लैब्स, स्किल और रोजगार के प्रावधानों को युवाओं के भविष्य के लिए क्रांतिकारी कदम बताया।
हिमाचल को विकास, स्वास्थ्य और रोजगार का मजबूत बजट : डॉ. राजीव भारद्वाज
भाजपा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने केंद्रीय बजट 2026-27 को हिमाचल प्रदेश के लिए विकास और अवसरों का बजट बताया। उन्होंने कहा कि हेल्थ एंड केयर वर्कफोर्स योजना, मेडिकल टूरिज्म हब और आयुष सेक्टर को मजबूती देने वाले फैसले हिमाचल जैसे राज्य के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाओं को रोजगार और प्रदेश को स्वास्थ्य पर्यटन में नई पहचान देगा।
आत्मनिर्भर भारत और MSME सशक्तिकरण का बजट : हर्ष महाजन
भाजपा सांसद हर्ष महाजन ने कहा कि बजट 2026-27 आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने वाला बजट है। एमएसएमई ग्रोथ फंड, ट्रेड्स प्लेटफॉर्म और टियर-2/3 शहरों में उद्यमिता समर्थन से हिमाचल के छोटे उद्योगों और युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह बजट रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है।
युवा शक्ति, क्रिएटिव इकोनॉमी और नए भारत का बजट : कंगना रनौत
भाजपा सांसद कंगना रनौत ने केंद्रीय बजट 2026-27 को युवाओं के सपनों और नए भारत की क्रिएटिव इकोनॉमी का बजट बताया। उन्होंने कहा कि 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में AVGC लैब्स, डिजाइन स्कूल और डिजिटल करियर के अवसर देश को ग्लोबल क्रिएटिव हब बनाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल के युवा भी इस नई अर्थव्यवस्था में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।
महिला सशक्तिकरण और सबका विकास का बजट : इंदु गोस्वामी
1 फरवरी 2026, शिमला: भाजपा सांसद इंदु गोस्वामी ने बजट 2026-27 को महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी विकास का बजट बताया। उन्होंने कहा कि SHE-Marts योजना, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा-रोजगार को जोड़ने वाले कदम महिलाओं को नई ताकत देगे। उन्होंने कहा कि यह बजट महिला उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
महिला सशक्तिकरण और सबका विकास का बजट : इंदु गोस्वामी
1 फरवरी 2026, शिमला: भाजपा सांसद इंदु गोस्वामी ने बजट 2026-27 को महिलाओं के सशक्तिकरण और समावेशी विकास का बजट बताया। उन्होंने कहा कि SHE-Marts योजना, हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल और शिक्षा-रोजगार को जोड़ने वाले कदम महिलाओं को नई ताकत देंगे।
उन्होंने कहा कि यह बजट महिला उद्यमिता और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला ऐतिहासिक बजट 2026: डॉ. राजीव बिंदल
भारतीय जनता पार्टी हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने केंद्रीय आम बजट 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आत्मनिर्भरता, समावेशी विकास और विकसित भारत के लक्ष्य की ओर ले जाने वाला ऐतिहासिक बजट बताया है। डॉ. बिंदल ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट केवल आर्थिक आंकड़ों का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भारत के भविष्य का रोडमैप है, जो निवेश, उद्योग, रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और आम नागरिकों की आकांक्षाओं को केंद्र में रखता है। डॉ. बिंदल ने कहा कि मोदी सरकार ने लोक-लुभावनवाद की बजाय आम लोगों को प्राथमिकता दी है और बयानबाज़ी की जगह सुधारों को चुना है। आत्मनिर्भरता हमारी अर्थव्यवस्था का मूल मंत्र बन चुकी है और सरकार के प्रत्येक निर्णय का उद्देश्य नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार के निर्णायक फैसलों के कारण भारत निरंतर लगभग 7% की उच्च विकास दर प्राप्त कर रहा है और मजबूत मैक्रो-आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हुई है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह बजट ऐतिहासिक दृष्टि से भी विशेष है क्योंकि यह पहला बजट है जो कर्तव्य भवन में तैयार किया गया है। वित्त मंत्री ने बजट के तीन प्रमुख कर्तव्य स्पष्ट किए हैं—पहला आर्थिक ग्रोथ को गति देना और निवेश, उद्योग व रोजगार को मजबूत करना; दूसरा जनता की उम्मीदों को पूरा करते हुए सामान्य नागरिकों को अधिक अवसर व सुविधाएं देना; और तीसरा सबका साथ, सबका विकास के माध्यम से विकास का लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाना। डॉ. बिंदल ने विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश के संदर्भ में कहा कि बजट 2026-27 प्रदेश के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। केंद्र सरकार के करों में हिमाचल प्रदेश को 1.217% हिस्सेदारी के अंतर्गत कुल ₹13,949.97 करोड़ की राशि प्राप्त होगी। यह आवंटन राज्य में विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास तथा अधोसंरचना परियोजनाओं को नई गति प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्यों के लिए बजट में विशेष ध्यान रखा गया है। वित्त मंत्री ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण-संवेदनशील पर्वतीय मार्ग विकसित करने की घोषणा की है, जिससे हिमाचल में पर्यटन, कनेक्टिविटी और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। पर्यटन और जैव विविधता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की योजनाएं हिमाचल जैसे पर्यटन-प्रधान राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। होटल, होमस्टे, इको-टूरिज्म और स्थानीय उत्पादों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। डॉ. बिंदल ने कहा कि बजट में घोषित मेडिकल टूरिज्म हब योजना से हिमाचल प्रदेश को वेलनेस और स्वास्थ्य पर्यटन के क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं मिलेंगी। साथ ही आयुष सेक्टर को मजबूती देते हुए नए आयुर्वेद संस्थानों, फार्मेसियों और औषधि परीक्षण प्रयोगशालाओं के अपग्रेडेशन की घोषणा हिमाचल के लिए विशेष अवसर है क्योंकि प्रदेश औषधीय पौधों और पारंपरिक चिकित्सा का केंद्र रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि ₹10,000 करोड़ की बायो फार्मा शक्ति परियोजना हिमाचल के फार्मा उद्योग के लिए वरदान सिद्ध होगी। बद्दी-सोलन क्षेत्र पहले ही देश के बड़े फार्मा हब के रूप में स्थापित है और इस योजना से निवेश, रोजगार और उत्पादन को नई गति मिलेगी। एमएसएमई क्षेत्र को ट्रेड्स के जरिए ₹7 लाख करोड़ से अधिक फंडिंग का प्रावधान हिमाचल के छोटे उद्योगों, फूड प्रोसेसिंग, स्थानीय उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मजबूती देगा। डॉ. बिंदल ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए सरकार ने पूंजीगत व्यय को रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही हाईस्पीड रेल कॉरिडोर, फ्रेट कॉरिडोर, जलमार्ग विकास तथा ₹20,000 करोड़ की कार्बन कैप्चर योजना भारत को ग्रीन ग्रोथ की ओर अग्रसर करेगी। टियर-2 और टियर-3 शहरों में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का लाभ हिमाचल के शिमला, मंडी, सोलन, कांगड़ा जैसे शहरों को भी मिलेगा। डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि बजट 2026 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत, विकसित हिमाचल और समृद्ध राष्ट्र निर्माण की दिशा में निर्णायक कदम है। यह बजट प्रदेश के पर्यटन, फार्मा, आयुष, पर्वतीय अवसंरचना, युवाओं के रोजगार और महिला सशक्तिकरण के लिए नई संभावनाएं लेकर आया है।
बलदेव तोमर बोले- बजट में सभी वर्गों का रखा विशेष ध्यान
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को नौवां बजट पेश किया। यह बजट देश के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता बलदेव तोमर ने यह बात नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि यह पहला बजट है तो कर्तव्य भवन में तैयार हुआ है। यह नए भारत के नए दृष्टिकोण और कार्य संस्कृति का प्रतीक है। बजट में हर वर्ग की आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित की गई है। पांच लाख की आबादी से अधिक शहरों पर फोकस किया गया है। इससे आधुनिक आधारभूत ढांचा सुदृढ़ होगा। उन्होंने कहा कि भारत अब ग्लोबल फार्मा हब बनेगा। बायो फार्मा शक्ति प्रोजेक्ट के लिए अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे दवा उद्योग में आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। पर्यटन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य बजट में विशेष प्रावधान किया गया है। टूरिस्ट गाइड तैयार किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यटन व्यावसाय की आपार संभावनाएं है।
विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि प्रदान करने वाला सर्वस्पर्शी बजट- जयराम ठाकुर
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 को 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य का मजबूत आधार स्तंभ और सर्वस्पर्शी बताते हुए इसकी सराहना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार का लगातार 13वाँ और महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां बजट बताते हुए इसे अमृत काल का वह 'अमृत-कलश' करार दिया जो अर्थ से सामर्थ्य और अंत्योदय से अभ्युदय की ओर ले जाने वाला है, जिसमें विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के लिए ईको-टूरिज्म के तहत 'ईको ट्रेल्स' (ट्रेकिंग ट्रैक) विकसित करने की घोषणा एक क्रांतिकारी कदम है।
शिमला स्थित पार्टी कार्यालय में बजट का सीधा प्रसारण वरिष्ठ नेताओं के साथ सुनने के बाद उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत का एक ठोस ब्लूप्रिंट है। 7% की विकास दर और 12.2 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बुनियादी ढांचा निवेश के साथ, यह बजट आईटी, सेमीकंडक्टर और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों को नई गति प्रदान करेगा। विशेष रूप से 12.75 लाख रुपये तक की कर-मुक्त आय ने मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी है। 'लखपति दीदी' और 'महात्मा गांधी हैंडलूम' जैसी योजनाओं के माध्यम से नारी शक्ति और बुनकरों को वैश्विक बाजार से जोड़ा गया है। कैंसर की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और हिमाचल में 'माउंटेन ट्रेल' जैसे प्रोजेक्ट दर्शाते हैं कि यह बजट 'विकास भी, विरासत भी' के मंत्र के साथ हर वर्ग और क्षेत्र का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने वाला है।
उन्होंने कहा कि बजट में इस बात का खास तौर से जिक्र होने से पहाड़ी राज्य हिमाचल में पर्यटन गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी और रोजगार के साधन बढ़ेंगे। नए पर्यटन स्थल उभरेंगे और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन विस्तार होगा जो राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। यह बजट न केवल घरेलू उद्योगों, ऊर्जा सुरक्षा और कृषि उत्पादकता को बल देता है, बल्कि हिमाचल की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और एमएसएमई सेक्टर को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा, जिससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर पैदा होंगे। हिमाचल के परिप्रेक्ष्य में यह बजट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि केंद्र सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए बहुपक्षीय विकास बैंकों की सहायता से विशेष वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया है, जो पिछले वर्ष आई आपदा के जख्मों को भरने और भविष्य के सुरक्षित पुनर्निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए 'वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम' के तहत बजट आवंटन से हिमाचल के दूरदराज के क्षेत्रों में कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचा सुधरेगा, जिससे पर्यटन को और अधिक विस्तार मिलेगा। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में विशेष प्रावधानों के साथ-साथ राज्य के फार्मा हब को मजबूती देने के लिए एमएसएमई क्षेत्र के लिए क्रेडिट गारंटी योजना और नई ऋण व्यवस्था से हिमाचल के दवा उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बढ़त मिलेगी।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कृषि के क्षेत्र में डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रस्ताव से प्रदेश के बागवानों और किसानों की आय में वृद्धि होगी, साथ ही सौर ऊर्जा की दिशा में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' से पहाड़ी क्षेत्रों के परिवारों को आर्थिक राहत के साथ-साथ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त होगी। लगभग 7% की विकास दर और समावेशी विकास के मंत्र के साथ यह बजट गरीब कल्याण, किसान उत्थान, नारी शक्ति के सम्मान और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को समर्पित है, जो अधोसंरचना विकास के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त करता है। कार्यक्रम में अंत में उन्होंने संत शिरोमणि बाबा रविदास को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
डॉ. वंदना जग्गी बोलीं- स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देने वाला है बजट
चक्कर स्थित आस्था अस्पताल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वंदना जग्गी ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार जताया। उन्होंने कहा कि एक महिला के रूप में लगातार नौवीं बार बजट प्रस्तुत करना अपने आप में ऐतिहासिक है और यह बजट सर्वस्पर्शी है। डॉ. जग्गी ने कहा कि बजट में विशेष रूप से स्वास्थ्य सुविधाओं पर दिया गया फोकस बेहद सराहनीय है। जिला अस्पतालों को सुदृढ़ करने, बायो-फार्मा, आयुर्वेद और मनोचिकित्सा जैसे क्षेत्रों के लिए किए गए प्रावधान आने वाले समय में देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के निर्णय आम नागरिकों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मददगार साबित होंगे। डॉ. जग्गी ने इसके लिए केंद्र सरकार को बधाई देते हुए नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री सीतारमण का धन्यवाद प्रकट किया ।
पहाड़ी राज्यों के हितों के साथ खिलवाड़: सुदर्शन सिंह बबलू
चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने केंद्रीय बजट पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे पहाड़ी राज्यों के हितों के साथ खिलवाड़ करार दिया है। उन्होंने केंद्र सरकार पर हिमाचल प्रदेश के साथ वित्तीय भेदभाव करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत राजस्व घाटा अनुदान को समाप्त करने का निर्णय प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए घातक सिद्ध होगा। विधायक ने आशंका जताई कि इस कदम से हिमाचल को सीधे तौर पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीते 15वें वित्त आयोग के दौरान राज्य को जो 35 से 40 हजार करोड़ की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई थी। उसके बंद होने से प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार पूरी तरह थम जाएगी और सरकार के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।
विधायक बबलू ने बजट में पर्यटन क्षेत्र के लिए की गई घोषणाओं को नाकाफी बताते हुए इनकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि आपदा की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश को केंद्र से कम से कम 50 हजार करोड़ रुपये के ''ग्रीन फंड'' की बड़ी उम्मीद थी, लेकिन बजट में इस मांग को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। उनके अनुसार, माउंटेन ट्रेल जैसी छोटी-मोटी योजनाओं की घोषणा कर जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि राज्य की मुख्य आर्थिक शक्ति को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को आगाह किया कि यदि हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतियों को देखते हुए विशेष वित्तीय पैकेज बहाल नहीं किया गया, तो आने वाले समय में क्षेत्रीय असंतुलन की खाई और अधिक गहरी हो जाएगी।
हिमाचल को निराश करने वाला केंद्र सरकार का बजट: प्रेम कौशल
हिमाचल कांग्रेस के पूर्व मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट हिमाचल प्रदेश के लोगों को निराश और हताश करने वाला है। दो दो आपदाओं और कमज़ोर आर्थिक परिस्थिति का सामना कर रहे प्रदेश को केंद्र से किसी प्रकार की राहत इस बजट के माध्यम से प्रदेश को मिलती नज़र नहीं आ रही। प्रदेश में आपदा के के उपरांत प्रधानमंत्री द्वारा की गई 1500 करोड़ की राहत की घोषणा का भी वित्त मंत्री ने कोई संज्ञान वर्तमान बजट में नहीं लिया है। नए शहरों को विकसित करने की बात करने का सपना दिखाने वाली वित्त मंत्री ने पूर्व में100 स्मार्ट सिटी बनाने के अपने दिव्य स्वप्न का लेखा जोखा जनता को नहीं दिया और नए एम्स खोलने की घोषणा तो की मगर पहले से स्थापित हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत करने और ज़्यादा उपयोगी बनाने की दिशा में कोई प्रावधान नहीं किया गया।
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री बोले- केंद्र का बजट हिमाचल के हितों के साथ धोखा
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि यह बजट हिमाचल प्रदेश के हितों के साथ सीधा धोखा है। उन्होंने कहा कि बजट में हिमाचल प्रदेश के साथ अन्याय किया गया है तथा पहाड़ी राज्यों की विशेष भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों की पूरी तरह अनदेखी की गई है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का यह रवैया संघीय ढांचे की भावना के विपरीत है, जिसका सीधा और गंभीर असर राज्य के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय स्थिरता पर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अवधि के दौरान वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से लगभग 38 हजार करोड़ रुपये का राजस्व घाटा अनुदान प्राप्त हुआ था, लेकिन अब इस महत्वपूर्ण सहायता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। जबकि राज्य को यह उम्मीद थी कि उसकी विषम भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों को ध्यान में रखते हुए इस अनुदान में वृद्धि की जाएगी। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों को दिए जाने वाले विशेष अनुदानों को समाप्त करना न केवल राज्य के विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा, बल्कि जनहित से जुड़ी योजनाओं और वित्तीय संतुलन के समक्ष भी गंभीर चुनौतियां खड़ी करेगा। उपमुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से बजट प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश को उसके संवैधानिक अधिकारों और वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप न्यायसंगत बजटीय सहयोग दिया जाना चाहिए।
विकसित भारत की नींव को मजबूत करने वाला दूरदर्शी बजट : धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने केंद्रीय बजट को देश की विकास यात्रा को नई गति देने वाला ऐतिहासिक और दूरदर्शी बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत, सामाजिक न्याय और सर्वसमावेशी विकास की दिशा में ठोस कदम है। प्रो. धूमल ने विशेष रूप से बजट के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रावधानों की सराहना करते हुए कहा कि कैंसर, मधुमेह सहित सात गंभीर बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने का निर्णय करोड़ों परिवारों के लिए बड़ी राहत है।
उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संवेदनशील और जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है। इसके साथ ही देशभर में जिला स्तर पर अस्पतालों के उन्नयन और छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण का प्रावधान स्वास्थ्य एवं शिक्षा ढांचे को मजबूत करेगा और ग्रामीण व दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए वरदान सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि बजट में मेडिकल टूरिज्म पर विशेष फोकस हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वच्छ वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता और अनुकूल जलवायु के कारण हिमाचल चिकित्सा पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकता है, जिससे राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
प्रो. धूमल ने सार्वजनिक पूंजीगत व्यय में वृद्धि की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसे 11.2 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना भारत के दीर्घकालिक विकास के लिए मजबूत आधार तैयार करेगा। इससे सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, डिजिटल और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में बड़े निवेश होंगे, जो देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देंगे। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल संख्याओं का दस्तावेज नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का रोडमैप है।
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