हिमाचल प्रदेश में बस्तियों, गांवों और गलियों के बदनाम नामों का क्या होगा?

हिमाचल प्रदेश में जातिसूचक और अपमानजनक नाम बदले जाएंगे। मानवाधिकार आयोग ने कहा कि समाज में समानता लाने के लिए ऐसे नाम जो किसी विशेष वर्ग या समुदाय को अपमानजनक लगते हैं, उन्हें हटाना अनिवार्य है।

हिमाचल प्रदेश में अब जातिसूचक और अपमानजनक नामों वाले कस्बों, पंचायतों और गलियों की पहचान मिटने वाली है। मानवाधिकार आयोग के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इन नामों को बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय ने सभी खंड विकास अधिकारियों को आदेश जारी कर उनके क्षेत्रों में ऐसे नामों की व्यापक सूची और उन्हें बदलने का प्रस्ताव मांगा है।

यह पूरी कवायद मानवाधिकार आयोग की ओर से डॉ. आंबेडकर जन कल्याण समिति भोपाल के अध्यक्ष सुनील अहिरवार की कोर्ट में दायर याचिका पर की जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि समाज में समानता लाने के लिए ऐसे नामों को हटाना अनिवार्य है, जो किसी विशेष वर्ग या समुदाय के लिए अपमानजनक प्रतीत होते हैं। प्रशासन अब उन प्राचीन बस्तियों और मोहल्लों को चिह्नित कर रहा है, जिनके नाम जाति आधारित हैं। जिला पंचायत अधिकारी की ओर से इस मुहिम को लेकर निर्देश जारी किए हैं। पंचायत सचिवों और बीडीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर छोटे-बड़े कस्बे और गली का बारीकी से निरीक्षण करें। सूचनाओं के संकलन में कोई त्रुटि न हो, इसके लिए गूगल शीट का उपयोग किया जा रहा है।

प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि यह कदम न केवल कानूनी अनिवार्यता है, बल्कि नागरिकों के आत्मसम्मान से भी जुड़ा है। आने वाले दिनों में चिह्नित क्षेत्रों के नाम बदलकर नए नाम रखे जाएंगे, जिससे समाज में एक समावेशी और सम्मानजनक वातावरण निर्मित होगा। आयोग ने इस मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। इसलिए प्रशासन इसे सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।

सभी खंड विकास अधिकारियों और पंचायत सचिवों को अपने क्षेत्रों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। यदि कहीं भी जाति-सूचक या अपमानजनक शब्दावली का प्रयोग पाया जाता है तो उसकी सूचना तत्काल निदेशालय के माध्यम से मानवाधिकार आयोग को भेजी जाएगी। - सचिन ठाकुर, जिला पंचायत अधिकारी, कांगड़ा।

Comments

Popular posts from this blog

Appeal for Financial Support by Rohit Rana, Alumnus of J.V.S. Public Senior Secondary School, Baijnath ( HP )

धर्मशाला छात्रा मौ-त मामला : - राजकीय प्राध्यापक संघ ने तुरंत बैठक बुलाई, एसपी कांगड़ा से भी मुलाकात की

हिमाचल प्रदेश : - आईआईटी मंडी की खोज: कांगड़ा में पर्याप्त पानी, मंडी में संतुलन और कुल्लू में संकट