रविवार को कांगड़ा जिले के परागपुर में 56वां पूर्ण राज्यत्व दिवस मनाया गया। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस दौरान कई घोषणाएं कीं।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने रविवार को परागपुर में आयोजित 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक मौका है, क्योंकि परागपुर में पहली बार राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर पहुंचे ही सबसे पहले राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली जिसका नेतृत्व आईपीएस अधिकारी तरुणा कर रहीं थी।
वहीं मुख्यमंत्री ने जसवां परागपुर हलके के परागपुर में एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणा। साथ ही अपने ससुराल नलसूहा में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश ज्ञान विज्ञान समिति द्वारा बनाई गई वेब सीरीज द व्हाइट ट्रुथ भी रिलीज की। इस वेब सीरीज का उद्देश्य युवाओं को मादक पदार्थों के सेवन से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना है। समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक दलों ने रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने परेड में शामिल प्रतिभागियों और सांस्कृतिक दलों को भी सम्मानित किया।
इस अवसर पर आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा, राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी सिंह पठानिया, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय रतन, आशीष बुटेल, कमलेश ठाकुर, राकेश कालिया, रंजीत सिंह, मलेंद्र राजन, महाधिवक्ता अनूप रतन, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा, हिमाचल पथ परिवहन निगम के उपाध्यक्ष अजय वर्मा, हिमाचल प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव सिंह कंवर, हिमाचल प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष मनोज ठाकुर, कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक के अध्यक्ष राम चंद्र पठानिया, एचपीएमसी कांगड़ा के अध्यक्ष निशु मोंगरा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुराग शर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता कुलदीप पठानिया, सुरेंद्र काकू, मुख्य सचिव संजय गुप्ता, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
अस्पतालों में पुरानी मशीनरी और उपकरण बदलने पर खर्च होंगे 3 हजार करोड़: सीएम
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू परागपुर में आयोजित पूर्ण राज्यत्व दिवस पर कहा कि सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में सुधारों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने 15 से 20 वर्ष पुरानी मशीनरी और उपकरणों को बदलने के लिए 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। राज्य में पहली बार रोबोटिक सर्जरी की शुरूआत की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश ने हाल ही में देश में छात्रों को गुणवत्ता शिक्षा देने में 5वां स्थान हासिल किया है, जबकि 2021 में यह 21वें पायदान पर था। इसके अतिरिक्त, प्रदेश ने छात्रों के पढ़ने और सीखने के स्तर के मामले में पहला स्थान हासिल किया है।
सुक्खू सरकार ने पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए खोला खजाना
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर प्रदेश के पेंशनरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। परागपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभाली तो पूर्व सरकार ने कर्मचारियों के वेतन और पेंशन बकाया के रूप में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की देनदारियां छोड़ी थीं। वर्तमान में यह राशि 8,555 करोड़ रुपये है। कठिन वित्तीय हालात के बावजूद उन्होंने जनवरी माह में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों की लंबित पेंशन और पारिवारिक पेंशन बकाया का पूरा भुगतान करने की घोषणा की।
इसके लिए 90 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो 1 जनवरी, 2016 और 31 दिसंबर, 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए हैं, उनका पेंशन और अन्य लाभ में संशोधन के कारण ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट का एरियर बना है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि ग्रेच्युटी के बकाए के अतिरिक्त 50 प्रतिशत और लीव एनकैशमेंट के बकाए के 70 प्रतिशत का भुगतान उन्हें जनवरी माह में किया जाएगा। राज्य सरकार के इस देनदारी पर 96 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने किसानों और बागवानों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए राज्य में एक कृषि और बागवानी आयोग के गठन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस आयोग के गठन के लिए आगामी विधानसभा बजट सत्र में एक विधेयक पेश करेगी।
चुनावों के दौरान किए गए दस वादों में से सात पूरे किए
मुख्यमंत्री ने परागपुर में कहा कि राज्य सरकार ने विधानसभा चुनावों के दौरान किए गए अपने दस वादों में से सात पूरे कर दिए हैं। पात्र महिलाओं को हर माह 1,500 रुपये चरणबद्ध तरीके से दिए जा रहे हैं और यह गारंटी अगले दो वर्षों के भीतर पूरे राज्य में लागू कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं एक किसान का बेटा हूं और मैंने किसानों, बागवानों और पशुपालकों के संघर्षों को बेहद करीब से देखा और अनुभव किया है। इसलिए हमारी सरकार की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि पैसा सीधे किसानों के हाथों में पहुंचे।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में मनरेगा योजना को खत्म करके एक और बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार ने मनरेगा की मूल भावना को ही खत्म कर दिया है। यह मांग पर आधारित कानून था जिसके तहत कोई भी बेरोजगार, मजदूर रोजगार के लिए पंचायत में आवेदन कर सकता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पक्का घर होने की शर्त को हटाकर बीपीएल चयन के मानदंडों में ढील दी है। इसके अतिरिक्त, पहली बार सरकार उन 27,717 परिवारों को पक्के घर देने जा रही है जो पिछले 20 वर्षों से आईआरडीपी का हिस्सा रहे हैं। यह परिवार कई वर्षों से कच्चे घरों में रहने को मजबूर थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने न्यूजीलैंड से सेब पर आयात शुल्क का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाया है। प्रदेश सरकार हर मंच पर सेब बागवानों के मामलों को मजबूती से उठाएगी। उन्होंने कहा कि गंभीर वित्तीय संकट से जूझते हुए राज्य ने 2023 और 2025 में दो विनाशकारी प्राकृतिक आपदाओं का सामना किया। राज्य सरकार ने नुकसान के मुआवजे का मुद्दा केंद्र सरकार के समक्ष बार-बार उठाया, लेकिन पर्याप्त सहायता प्रदान नहीं की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन परिवारों के घर आपदा में पूरी तरह से तबाह हो गए हैं, उन्हें नए घर के निर्माण के लिए 8 लाख रुपये दिए जा रहे हैं, साथ ही अन्य नुकसानों के लिए बढ़ी हुई वित्तीय सहायता भी प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन शिकायतों का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। काफी समय से लंबित राजस्व मामलों का समयबद्ध निपटान सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से विशेष राजस्व अदालतों का आयोजन किया जा रहा है। अब तक रिकॉर्ड लगभग 5 लाख 10 हजार 257 राजस्व मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
उप मुख्यमंत्री ने 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने हिमाचल प्रदेश के 56वें पूर्ण राज्यत्व दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं दीं। 25 जनवरी 1971 से राज्य की यात्रा को याद करते हुए, उप-मुख्यमंत्री ने उन दूरदर्शी नेताओं और मेहनती नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने हिमाचल को देश भर के पहाड़ी राज्यों के लिए विकास का एक रोल मॉडल आदर्श बना दिया।
उप मुख्यमंत्री ने समान विकास सुनिश्चित करने और कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने युवाओं से राज्य के गौरवशाली इतिहास से प्रेरणा लेने और हिमाचल प्रदेश को एक आत्मनिर्भर और समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने सभी निवासियों के लिए शांति, प्रगति और सद्भाव की कामना की।
वहीं, पूर्ण राज्यत्व दिवस को लेकर पीएम मोदी ने शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि 'प्रकृति और संस्कृति की संगमस्थली हिमाचल प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को पूर्ण राज्यत्व दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं। अपनी अद्भुत प्रतिभा और पराक्रम से वे सदैव मां भारती की सेवा करते आए हैं। मैं उनके सुनहरे भविष्य के साथ-साथ इस देवभूमि की समृद्धि की कामना करता हूं।'
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