छात्रा माै-त मामला : - धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का बयान सामने आया है, पढ़ें क्या कहा

धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने छात्रा की संदिग्ध मौ-त का बयान दिया है।

हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में धर्मशाला काॅलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का बयान सामने आया है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में राकेश पठानिया ने कहा,' पीड़ित 2024-2025 में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। इसके बाद नए सत्र में  उसने द्वितीय वर्ष की कक्षाएं अटेंड कीें। हालांकि, जब उसका रिजल्ट आया तो पता चला कि वह तीन विषयों में फेल हो गई थी, इसलिए उसे प्रथम वर्ष रिपीट करने के लिए कहा गया। हालांकि, उसने ऐसा नहीं किया, इसलिए अब हम उसे अपनी स्टूडेंट नहीं कह सकते, क्योंकि उसने एडमिशन नहीं लिया था। हमें इस घटना के बारे में 22 दिसंबर को पता चला जब पुलिस जांच के लिए कॉलेज आई।  हमने पूरा सहयोग किया, हमें पहले से इस घटना के बारे में पता नहीं था। एफआईआर में नामजद विद्यार्थी समेत सभी उस दिन मौजूद थे। फिर पुलिस ने उनके और शिक्षकों के बयान रिकॉर्ड किए। जिन तीन लड़कियों के नाम रिकॉर्ड में हैं, वे अभी कॉलेज में द्वितीय वर्ष(बीए) की छात्राएं हैं...'

पठानिया ने आगे कहा, 'यूजीसी अपनी कमेटी को जांच के लिए भेजेगी ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि हमारे स्तर पर उसके दिशा-निर्देशों और नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। हम उनके साथ सहयोग कर रहे हैं। हमारे पास पहले से ही एक एंटी रैगिंग कमेटी है और एक उत्पीड़न कमेटी। सब कुछ रिकॉर्ड में है... हमने पहले ही उच्च अधिकारियों को की गई कार्रवाई और सभी तथ्यों और आंकड़ों के बारे में बता दिया है। हायर अथॉरिटीज जो भी एक्शन लेंगी, वह अब फाइनल होगा। पुलिस हमारे रिकॉर्ड वेरिफाई कर रही है... हम पुलिस के साथ सहयोग कर रहे हैं और उन्हें जितने भी रिकॉर्ड दे सकते हैं, दे रहे हैं। हम हमेशा उपलब्ध हैं।

राष्ट्रीय व राज्य महिला आयोग ने भी लिया संज्ञान

उधर, राष्ट्रीय महिला आयोग ने छात्रा से रैगिंग, शारीरिक उत्पीड़न व यौन उत्पीड़न से जुड़ी इस घटना पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें 19 वर्षीय छात्रा की उपचार के दौरान माैत हो गई। आयोग अध्यक्ष ने प्रदेश पुलिस महानिदेशक को पत्र लिखकर तत्काल प्राथमिकी पंजीकरण, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच, पोस्टमार्टम व चिकित्सीय अभिलेखों के संरक्षण तथा भारतीय न्याय संहिता 2023, यौन उत्पीड़न निरोधक कानूनों एवं रैगिंग निषेध नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, दोषी संकाय सदस्यों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई, महाविद्यालय में एंटी रैगिंग तंत्र की समीक्षा के साथ परिसर सुरक्षा, जागरूकता व परामर्श व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इस संबंध में पांच दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट आयोग को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं राज्य महिला आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। राज्य महिला आयोग अध्यक्ष विद्या नेगी ने एसपी कांगड़ा से मामले की रिपोर्ट तलब की है।





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