हिमाचल प्रदेश : - हिमाचल प्रदेश की सड़कें दस साल तक खराब नहीं होंगी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने ये सूचना दी।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को शिमला में प्रदेश के बागवानों और प्रगतिशील बागवानों के साथ एक बैठक में कहा कि न्यूजीलैंड से आयात किए जाने वाले सेब पर आयात शुल्क घटाने से बागवानों के हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि न्यूजीलैंड से आयात किए जाने वाले सेब पर आयात शुल्क घटाने से बागवानों के हितों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वह इस विषय के सकारात्मक समाधान के लिए केंद्र सरकार के समक्ष मामला उठाएंगे। वह केंद्रीय वित्त मंत्री तथा केंद्रीय वाणिज्य मंत्री से भेंट कर प्रदेश के बागवानों के हितों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए आग्रह करेंगे। इस बैठक में बागवानों के प्रतिनिधियों ने विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
मंगलवार को शिमला में प्रदेश के बागवानों के प्रतिनिधियों और प्रगतिशील बागवानों के साथ आयोजित बैठक में सीएम ने कहा कि सेब उत्पादन प्रदेश की आर्थिकी का प्रमुख संसाधन है और इसका संरक्षण व संवर्द्धन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार राम सुभग सिंह, सचिव सी पालरासु, निदेशक बागवानी विनय सिंह, हिमाचल सेब उत्पादक संघ की राज्य कमेटी के अध्यक्ष संजय चौहान, हिमाचल किसान सभा के राज्य सचिव राकेश सिंघा, स्टोन फूट ग्रोवर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक सिंघा, प्रोग्रेसिव ग्रोवर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष आशुतोष चौहान और प्रगतिशील बागवान बैठक में उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ केंद्र के समक्ष उठाएंगे मामले : नेगी
बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से हिमाचल के बागवानों को भारी नुकसान का अंदेशा है। केंद्र सरकार ने न्यूजीलैंड के सेब पर आयात शुल्क 25 फीसदी कम कर दिया है। न्यूजीलैंड का सेब जब देश में आएगा तो हिमाचल के हाई डेंसिटी प्लांटेशन के सेब और सीए स्टोर में रखे सेब के लिए कंपीटिशन बढ़ जाएगा। मुख्यमंत्री सुक्खू एफटीए में बदलाव की मांग को लेकर दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री और कृषि मंत्री से मुलाकात करेंगे। मुख्यमंत्री ने इसे लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने का भी आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री एमआईएस योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से रोके गए बजट प्रावधान को दोबारा बहाल करने का भी आग्रह करेंगे। मुख्यमंत्री जम्मू-कश्मीर सरकार के साथ संयुक्त रूप से दोनों मामले केंद्र के समक्ष उठाएंगे।
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