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Showing posts from December 19, 2025

हिमाचल प्रदेश : - चिट्ठा तस्करी के दोषी को दस साल की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया

यह निर्णय जिला एवं सत्र न्यायालय देविंद्र कुमार ने सभी साक्ष्यों और गवाहों को सुनने के बाद लिया। दोषी को जुर्माना अदा नहीं करने पर एक साल का अतिरिक्त जेल भुगतना होगा। चिट्टा और एमडीएमए (मेथिलीन डाई ऑक्सी मेथाम्फेटामाइन) तस्करी के मामले में अदालत ने दोषी रोशन कुमार झा को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायालय देविंद्र कुमार की अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यों को सुनने के बाद यह फैसला सुनाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला वर्ष 16 अक्तूबर 2022 का है, जब स्पेशल सेल की टीम की एएसआई अंबीलाल की अगुवाई में शोघी क्षेत्र में नियमित गश्त कर रहे थे। इस दौरान सोलन की ओर से एक हरियाणा रोडवेज की बस नंबर एचआर-58बी-2566 आई। सुबह 11:45 बजे पर आई इस बस को नियमित चेकिंग के लिए रोका गया। बस में उस समय 35 से 36 सवारियां बैठी हुई थीं। पुलिस की टीम ने आगे से सभी सवारियों के सामान की जांच करना शुरू की। पुलिस की टीम सीट नंबर 9 और 10 पर पहुंची तो सीट नंबर 9 में एक युवक बैठा था, जिसकी गोद में पीठू बैग था। पुलिस ने ...

हिमाचल प्रदेश : - हिमाचल सरकार की लापरवाही से रेल परियोजनाओं की गति धीमी हुई, राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा।

शुक्रवार को जारी एक बयान में राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कांग्रेस सरकार को प्रदेश में रेल परियोजनाओं की धीमी प्रगति का दोषी ठहराया। राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने कहा है कि प्रदेश में रेल परियोजनाओं की धीमी प्रगति के लिए राज्य सरकार की नाकामी, लापरवाही और प्रतिबद्धता की कमी जिम्मेदार है। भानुपल्ली–बिलासपुर–बैरी (63 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजना इसका उदाहरण बन चुकी है। शुक्रवार को जारी बयान में हर्ष महाजन ने बताया कि यह परियोजना लागत-साझाकरण के आधार पर स्वीकृत की गई है। इसमें 75 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र और 25 प्रतिशत हिमाचल प्रदेश सरकार की है। इसके अतिरिक्त 70 करोड़ रुपये से अधिक की भूमि लागत राज्य सरकार को वहन करनी है। भूमि लागत सहित इस परियोजना की विस्तृत अनुमानित लागत 6753 करोड़ रुपये स्वीकृत की गई थी। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए हिमाचल प्रदेश में 124 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है, लेकिन कांग्रेस सरकार अब तक केवल 82 हेक्टेयर भूमि ही उपलब्ध करा पाई है। बिलासपुर से बैरी तक की शेष भूमि आज तक राज्य सरकार द्वारा नहीं सौंपी गई है, जिससे परियोजना का कार्य सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है।...

हिमाचल प्रदेश : - 20 दिसंबर को गृहमंत्री अमित शाह हिमाचल जाएंगे, एयरो-स्पोर्ट्स गतिविधियों पर प्रतिबंध

देश के गृहमंत्री अमित शाह 20 दिसंबर को सपड़ी एसएसबी प्रशिक्षण केंद्र, कांगड़ा में मुख्य अतिथि होंगे. सुरक्षा के चलते ज्वालामुखी क्षेत्र में कई मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे। 20 दिसंबर 2025 को आदेश के अनुसार, ज्वालामुखी उपमंडल के तहत कोई भी एयरो-स्पोर्ट्स गतिविधि, जैसे पैराग्लाइडिंग, ड्रोन उड़ान और हॉट एयर बैलूनिंग, पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के 20 दिसंबर, 2025 को कांगड़ा जिले के ज्वालामुखी के दौरे के मद्देनजर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी शिल्पी बेक्टा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत ज्वालामुखी उपमंडल में एयरो-स्पोर्ट्स एवं हवाई गतिविधियों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया है। आदेश के अनुसार 20 दिसंबर 2025 को ज्वालामुखी उपमंडल के तहत पैराग्लाइडिंग, ड्रोन उड़ान, हॉट एयर बैलूनिंग सहित सभी प्रकार की एयरो-स्पोर्ट्स हवाई गतिविधियां पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी। यह निर्णय वीवीआईपी सुरक्षा, सार्वजनिक सुरक्षा तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। यह प्रतिबंध जिला पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों एवं सरकार द्वारा अधिकृत निगरान...

हिमाचल प्रदेश : - प्रशासन ने क्रिसमस और नववर्ष के लिए शोघी और तारादेवी के बीच अस्थायी चेकपोस्ट बनाने की तैयारी शुरू की

गुरुवार को डीसी ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस को अस्थायी चेकपोस्ट स्थापित करने के लिए जगह चुनने का आदेश दिया। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि क्रिसमस और नया साल मनाने के लिए शिमला में हजारों पर्यटक पहुंचेंगे। पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। इसको देखते हुए शोघी और तारादेवी के बीच में विभिन्न स्थानों पर अस्थायी चेकपोस्ट बनाई जाएंगी। यहां पर एंबुलेंस की सुविधा भी रहेगी जिससे किसी भी प्रकार का हादसा होने पर लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। डीसी ने गुरुवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए पुलिस विभाग को अस्थायी चेकपोस्ट स्थापित करने के लिए स्थान चिह्नित करने के निर्देश दिए। जिले में ब्लैक स्पॉट का डाटा पुराना हो चुका है, इसलिए लोक निर्माण विभाग, हिमाचल पथ परिवहन निगम, एंबुलेंस ऑपरेटर और पुलिस विभाग सभी उपमंडल का डाटा क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी से साझा करें। ब्लैक स्पॉट की नई सूची तैयार करें। इस सूची के आधार पर सबसे संवेदनशील मार्ग के ब्लैक स्पॉट की मरम्मत करवाई जाएगी जिससे लोगों के जान...

हिमाचल प्रदेश : - हाईकोर्ट ने कहा कि आवेदन के समय आरक्षण का दावा करना होगा, बाद में लाभ नहीं मिलेगा।

प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि यदि कोई आवेदन करते समय आरक्षण का लाभ नहीं चुनता है, तो वह चयन प्रक्रिया शुरू होने या असफल होने के बाद पिछड़ी श्रेणी के आधार पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई उम्मीदवार आवेदन करते समय आरक्षण का लाभ नहीं चुनता है, तो चयन प्रक्रिया शुरू होने या असफल होने के बाद वह पिछड़ी श्रेणी के आधार पर नियुक्ति का दावा नहीं कर सकता। न्यायाधीश रंजन शर्मा की अदालत ने पाया कि विज्ञापन में ओबीसी के लिए आरक्षण का प्रावधान होने के बावजूद, याचिकाकर्ता ने सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार के रूप में आवेदन किया था। आवेदन के साथ कोई ओबीसी प्रमाणपत्र भी संलग्न नहीं किया गया था। एक बार जब याचिकाकर्ता ने स्वयं ओबीसी उम्मीदवार के रूप में आरक्षण का लाभ नहीं लेने का विकल्प चुना और सामान्य श्रेणी में भाग लेकर असफल हो गई, तो उसके पास वापस मुड़ने और ओबीसी पद पर नियुक्ति का दावा करने का न तो कोई अधिकार है और न ही कोई आधार। बता दें कि याचिकाकर्ता बलजिंदर कौर ने अदालत में प्रतिवादी की नियुक्ति को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि वह अन्य पिछड़ा वर...

हिमाचल प्रदेश : - 15 महीने का 130 किलो वजन का बकरा 95 हजार रुपये में खरीदा गया; जानें नस्ल और भोजन

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में बीटल नस्ल का 15 महीने का एक बकरा 95 हजार रुपये में खरीदा गया। बकरे चार फीट से अधिक ऊँचा हो सकता है। उपतहसील भराड़ी की लढ़याणी पंचायत के ललवाण गांव में बीटल नस्ल का एक 15 माह का बकरा 95 हजार रुपये में बिका। खास बात यह रही कि इसे पंजाब के व्यापारी ने खरीदा और अब यह बकरा केरल भेजा गया है। जहां इसे ब्रीडिंग फाॅर्म में रखा जाएगा। यह पहला मौका है जब जिले में किसी बकरे की इतनी ऊंची कीमत मिली है। युवक अश्विनी ने पटियाला के नजदीक कराला कस्बे से 25 हजार रुपये में बीटल नस्ल का एक बकरे का बच्चा खरीदा। दस माह पहले उसने बकरी पालन का काम शुरू किया। उस समय बकरा लगभग पांच माह का था। युवक ने बताया कि घर में उगने वाले गेहूं, बाजरा,जौ और हरी घास से ही इसका पोषण किया गया और किसी प्रकार का महंगा आहार नहीं दिया। दस माह की मेहनत के बाद वही बकरा अब 95 हजार रुपये में बिक गया। बकरे की ऊंचाई चार फीट से अधिक है। वजन लगभग 130 किलोग्राम है। यह बीटल नस्ल के लिए काफी प्रभावशाली माना जाता है। बकरे की कीमत उन्होंने 1 लाख 20 हजार रुपये रखी थी, लेकिन खरीदारों के साथ भविष्य में व्यापारिक संबंध ...