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Showing posts from December 12, 2025

हिमाचल प्रदेश : - सीएम सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में बस-ट्रेवलर खरीद पर 40% सब्सिडी, चार महीने की रोड टैक्स छूट

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अनुसूचित क्षेत्रों में परिवहन क्षेत्र के माध्यम से आजीविका के अवसर प्रदान करने के लिए बस और ट्रेवलर वाहनों की खरीद पर पात्र युवाओं को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी और सड़क कर पर चार महीने की छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में बस एवं ट्रेवलर खरीदने पर राज्य सरकार पात्र युवाओं को 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देगी। रोड टैक्स में चार महीने की छूट दी जाएगी। शुक्रवार को सचिवालय में हिमाचल प्रदेश जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने को विशेष तवज्जो दे रही है। जनजातीय इलाकों में सरकार निजी क्षेत्र में 250 किलोवाट से एक मेगावाट तक की सौर परियोजना स्थापित करने के लिए ब्याज उपदान भी प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बर्फबारी वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों की टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि मार्च-अप्रैल में स्थिति सामान्य होने पर काम शुरू कर उन्हें शीघ्र पूरा किया जा सके। पांगी के धनवास में 1.2 मेगावाट और स्पीति के रोंगटोंग मे...

हिमाचल प्रदेश : - नई व्यवस्था 1 जनवरी से लागू होगी, जिसमें बिजली प्रोजेक्टों पर 2 प्रतिशत का भू-राजस्व लगाया जाएगा।

अब बिजली कंपनियों को परियोजना का बाजार मूल्य का दो फीसदी भू-राजस्व देना होगा। भू-राजस्व अधिकारी शिमला और कांगड़ा ने शुक्रवार को राजपत्र में इसकी सूचना दी। हिमाचल प्रदेश में बिजली कंपनियों को अब प्रोजेक्ट के औसत बाजार मूल्य का दो फीसदी भू-राजस्व चुकाना होगा। जिला स्तर पर बाजार मूल्य का आकलन करने के बाद भू-राजस्व निर्धारित किया गया है। शुक्रवार को भू-राजस्व अधिकारी शिमला और कांगड़ा की ओर से राजपत्र में इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई। बिजली प्रोजेक्टों पर भू-राजस्व पहली जनवरी 2026 से लागू होगा। वन सरंक्षण अधिनियम के तहत अनुमति लेकर ट्रांसफर की गई जमीन पर भी भू-राजस्व देना होगा। जमीन का मालिकाना हक यदि प्रोजेक्ट के पास नहीं है, तब भी भू-राजस्व देना होगा। ऊर्जा निदेशालय के आकलन के अनुसार कुल 188 बिजली परियोजनाओं से 2,000 करोड़ का भू-राजस्व एकत्र होने का अनुमान है। नई व्यवस्था के तहत ऐसी हर जमीन पर भू-राजस्व देना होगा, जिसे गैर कृषि कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। सरकार ने इससे पहले बिजली परियोजनाओं पर वाटर सेस लगाया था लेकिन मामला कोर्ट में चला गया। इसलिए सरकार ने राजस्व विभाग के माध्...

हिमाचल प्रदेश : - 31 मार्च 2026 को 1600 शिक्षक सेवानिवृत्त होंगे, स्कूल शिक्षा निदेशालय ने विस्तृत विवरण मांगा।

हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में अगले वर्ष 31 मार्च को लगभग 1600 शिक्षक सेवानिवृत होंगे। साथ ही, स्कूल शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी करके सेवानिवृत्ति से रिक्त पदों का विवरण देने को कहा। हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में कार्यरत करीब 1600 शिक्षक 31 मार्च 2026 को सेवानिवृत्त होंगे। सरकार ने चालू शैक्षणिक सत्र से शिक्षकों को 31 मार्च को ही सेवानिवृत्त करने का फैसला लिया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने शुक्रवार को सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी सेवानिवृत्ति से रिक्त होने वाले पदों का विस्तृत ब्योरा देने को कहा गया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि करीब 1600 शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने की सूचना प्राप्त हो चुकी है। सही आंकड़ा इसी माह के अंत तक जुटाया जाएगा। सेवानिवृत्त से रिक्त होने वाले पदों को भी जनवरी से भरने की प्रक्रिया शुरू होगी। शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने बताया कि 5450 पदों पर शिक्षकों की भर्ती के लिए प्रक्रिया को शुरू किया है। इनमें प्रवक्ता (स्कूल न्यू) के 658 पद सीधी भर्ती और 400 पद पदोन्नति से भरे जा रहे हैं। प्रवक्ता शारीरिक शिक्षा (स्कूल न्यू) के...

केंद्रीय रेल मंत्री का लिखित जवाब : - हिमाचल सरकार रेलवे लाइन के लिए हिस्सेदारी का धन और जमीन नहीं दे रही

राज्यसभा में रेललाइन पर पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सरकार भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी 63.1 किलोमीटर नई रेलवे परियोजना के लिए धन और जमीन नहीं दे रही है। हिमाचल प्रदेश की महत्वाकांक्षी भानुपल्ली-बिलासपुर-बैरी 63.1 किलोमीटर नई रेललाइन परियोजना गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार अपनी हिस्सेदारी का पैसा और जमीन नहीं दे रही है। यह बात केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में रेललाइन पर पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में दी। मंत्री ने कहा कि परियोजना की अब तक कुल लागत 6,753 करोड़ है। इसमें लागत का बंटवारा केंद्र का 75 फीसदी है और हिमाचल सरकार का 25 फीसदी है। अब तक 5,252 करोड़ रुपये खर्च हो चुका है। इसमें से हिमाचल को 2,711 करोड़ रुपये देना था। सरकार ने केवल 847 करोड़ देकर किनारा कर लिया। वहीं, 1,863 करोड़ की बकाया देनदारी राशि प्रदेश सरकार पर है। परियोजना में जमीन के मोर्चे पर भी हालत खराब है। परियोजना के लिए 124 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। राज्य सरकार ने अभी तक केवल 82 हेक्टेयर जमीन ही दी है। वहीं, परियोजना में...

नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री सुक्खू पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को हमारा काम नहीं सिखाना चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे विपक्ष का नेता हैं और जनता की आवाज बनकर सरकार के हर ऐसे निर्णय का विरोध करेंगे जो जनहित में नहीं होगा। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री मुझे मेरा काम क्या है वो न सिखाएं। मैं विपक्ष का नेता हूं और जनता की आवाज बनकर सरकार के हर उस काम का विरोध करता रहूंगा जो जनहित में न हो। मुख्यमंत्री को आजकल हमारे सवाल पूछने से भी आपत्ति होने लगी है। मैं उन्हें स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि सबकुछ आपके ही हिसाब से नहीं चलेगा। जयराम ठाकुर ने कहा कि पूरा हिमाचल आज जान चुका है कि मुख्यमंत्री झूठ खुद बोलते रहते हैं और आरोप हमारे ऊपर उछालते हैं कि हम तथ्यों पर नहीं बोलते। मंडी की रैली में क्या कुछ हुआ और किसने किसको क्या बोला क्या ये भी झूठ है। हमने आपकी तीन साल की कारगुजारी को मीडिया के माध्यम से जनता के सामने रखा तो मुख्यमंत्री तिलमिला रहे हैं। क्या आपके उप मुख्यमंत्री को हमन...