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Showing posts from March 27, 2024

रानी को क्वीन के सामने लड़ाने की तैयारी

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                                   "क्वीन" के सामने रानी को लड़ाने की तैयारी, राजनीतिक हलचल शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट  हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को ही मंडी संसदीय सीट से दोबारा चुनाव लड़ाने की कोशिश ने जोर पकड़ लिया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक कमेटी, जो राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों को देखने के लिए बनाई गई है, भी प्रतिभा सिंह को मनाने के हक में है। आंतरिक सर्वे में भी प्रतिभा सिंह को मंडी का सबसे अच्छा प्रत्याशी बताया गया है।  भाजपा द्वारा कंगना का टिकट घोषित होने के बाद कांग्रेस ने प्रतिभा का प्रचार शुरू कर दिया है। सूत्रों ने बताया कि प्रतिभा ने पिछले डेढ़ साल में मंडी संसदीय क्षेत्र, जो किन्नौर, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, शिमला और चंबा में फैला हुआ है, का कई बार दौरा किया है। वह हर जगह जानते हैं। ऐसे में उन्हें किसी नए प्रत्याशी की जगह लेना चाहिए। अब तक हुए 20  चुनावों में कांग्रेस 14 बार, भाजपा पांच बार और जनता पार्टी एक बार जीती ...

अमित का 'मेरेया शराबनुआ' गाने ने नचाया

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                                                   मेरेया शराबनुआ, अमित ने गीत पर नचाया काँगड़ा , ब्यूरो रिपोर्ट  उपमंडल बैजनाथ में संसाल गांव में तीन दिनों का होली मेला हुआ। कालजुए पीड़ फेम अमित मीत्तू ने सांस्कृतिक संध्या में मेरेया शराबनुआ सहित कई गाने गाकर लोगों को नचाया।  गीतकार राकेश रावत ने याद करेगी दुनिया तेरा मेरा याराना और एबी रावत ने युग राम राज्य का आ गया जैसे गाने गाकर लोगों को तालियां बजाने को मजबूर किया। लोक गायक संजीव कपूर और अंकुश शर्मा (दोनों पीएचडी) ने भी लोगों को मनोरंजन दिया। व्यवसायी और समाजसेवी आनंद भूषण नंदी और समाजसेविका रविता भारद्वाज ने मेले के समापन पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।  व्यापार मंडल के प्रधान संतोष जम्वाल की अगुवाई में मुख्य अतिथि का स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि आनंद भूषण ने कहा कि मेले हमारी ऐतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर है जिन्हें हमारे पूर्वज...

कांग्रेस के बागियों को टिकट देने की चुनौती

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                                        कांग्रेस के बागियों को टिकट देने की चुनौती, अपनों को मनाना चुनौती शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट  कांग्रेस के बागियों को टिकट दिए गए हैं, लेकिन भाजपा के सामने बागियों को मनाने की बड़ी चुनौती है। भाजपा को बगावत के मामले में ज्यादा अनुशासित माना जाता है, लेकिन कई पुराने नेताओं की महत्वाकांक्षाएं उसके आगे बढ़ सकती हैं।  कांग्रेस और भाजपा के बीच प्रदेश में चल रहे राजनीतिक संघर्ष के दौरान हर दिन नए राजनीतिक गणित बनते और बिगड़ते हैं। भाजपा में निर्दलीय सदस्यों और बागी विधायकों की एंट्री से कई नेताओं में असंतोष बढ़ा है। 2022 में भाजपा के प्रत्याशी चुनाव हारने वाले विधानसभा क्षेत्रों में इससे भेदभाव हो सकता है। इन नेताओं को यह चिंता सताने लगी है कि निर्दलियों और बागियों को विधानसभा प्रत्याशी बनाने से उनका क्या भविष्य होगा।  कांग्रेस अब इन भाजपा नेताओं को देख रही है। इन नेताओं को कांग्रेस में शामिल करने की कोशिश की जा रही है। मुख्य...