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Showing posts from March 18, 2024

आचार संहिता लागू होते ही सरकारी योजनाओं के होर्डिंग्स-पोस्टर गायब हो गए

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आचार संहिता के प्रभाव में चुनावी होर्डिंग्स-पोस्टर का गायब काँगड़ा , ब्यूरो रिपोर्ट  चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता को लागू करते हुए लोकसभा चुनाव 2024 और उपचुनावों की तिथि घोषित की है। आचार संहिता लागू होते ही जिला कांगड़ा में नेताओं और राजनीतिक पार्टियों की बेवकूफ योजनाओं और सरकारी योजनाओं के होर्डिंग्स, बैनर और बोर्ड हटाने का काम शुरू हो गया है।  इस तरह के सरकारी होर्डिंग्स से रविवार को धर्मशाला शहर मुक्त हो गया। शनिवार को जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त कांगड़ा हेमराज बैरवा ने नगर निगम के कर्मचारियों को धर्मशाला शहर में लगे होर्डिंग्स को हटाने का काम शुरू किया। 48 घंटों के भीतर चुनाव आयोग ने सरकारी योजनाओं के होर्डिंग्स, बैनर, बोर्ड और विज्ञापनों को हटाने का आदेश दिया था।  इस तरह के होर्डिंग्स को जिला कांगड़ा के अन्य हिस्सों में भी हटाया जा रहा है। धर्मशाला में नगर निगम के कर्मचारियों की एक टीम ने पूरे शहर में लगे होर्डिंग्स को हटाया और गाड़ियों में डाल दिया। रविवार को भी यह कार्रवाई जारी रही। पूरा शहर जल्द ही होर्डिंग्स और बैनर से मुक्त हो जाएगा।  किसी पार्टी ...

हिमाचल की वीरभूमि में: 'अग्निपथ' योजना का अग्निपरीक्षण

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वीरभूमि हिमाचल में "अग्निपथ" योजना का परीक्षण शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट  वीरभूमि हिमाचल में भी अग्निपथ भर्ती योजना की परीक्षा होगी, जो लोकसभा चुनाव में नेताओं के साथ होगी। केंद्रीय यूपीए और राज्य की धूमल सरकार द्वारा 2002 में उठाई गई हिमाचल रेजिमेंट की मांग अब विरोधी पक्ष के नेताओं के भाषणों से भी गायब हो गई है।  नेताओं ने पिछले पांच वर्षों में इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा है। अब अग्निपथ योजना के चलते पूरे भारत में भाषायी और क्षेत्रीय आधार पर रेजिमेंट का गठन भी गौण होता दिख रहा है। वर्तमान में, इस प्रणाली में प्रदेश या भाषायी सैनिकों के लिए अलग से रेजिमेंट नहीं है। वीरभूमि हिमाचल में लोकसभा चुनाव में भी अग्निपथ भर्ती योजना की जांच होगी।  2002 में केंद्रीय यूपीए और राज्य की धूमल सरकार के समय उठी हिमाचल रेजिमेंट की मांग अब सत्ताधारी पार्टी के नेताओं के भाषणों से भी गायब हो गई है। नेताओं ने पिछले पांच साल में इस मुद्दे को लेकर कुछ नहीं कहा। अब, अग्निपथ योजना के चलते, पूरे भारत में भाषायी और क्षेत्रीय आधार पर रेजिमेंट बनाना भी गौण होता दिख रहा है। इस प्रणाली में फिलहाल प्रदे...

विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर रोक लगाने से इनकार

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विधानसभा अध्यक्ष द्वारा कांग्रेस के बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने के निर्णय पर रोक लगाने से इनकार शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल प्रदेश के छह बागी कांग्रेस विधायकों को अयोग्य ठहराने के विधानसभा अध्यक्ष के फैसले को चुनौती दी। मामला बागी नेताओं के वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने अदालत में पेश किया।  सुप्रीम कोर्ट ने बागी कांग्रेस नेताओं को अयोग्य ठहराने के विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर संबंधित उत्तरदाताओं को नोटिस भेजा।  साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के निर्णय पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। उसने सदन की कार्यवाही में भाग लेने या वोट देने से भी इनकार कर दिया। जवाबी हलफनामा चार सप्ताह के भीतर दाखिल करना होगा।  प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने व्हिप का उल्लंघन करने पर छह कांग्रेस विधायकों सुधीर शर्मा, राजेंद्र राणा, इंद्रदत्त लखनपाल, रवि ठाकुर, देवेंद्र भुट्टो और चैतन्य शर्मा की योग्यता रद्द कर दी थी।  व्हिप जारी होने के बावजूद ये विधायक सदन में बजट पारित करते समय उपस्थित नहीं हुए, इसलिए सदन अध्य...