Posts

Showing posts from March 21, 2024

दो साल के पानी के बिल को एक साथ लागू करने से परेशान लोग

Image
                                             पानी के दो साल के बिल को एक साथ लागू करने से परेशान लोग काँगड़ा , ब्यूरो रिपोर्ट   बैजनाथ-पपरोला नगर पंचायत के लोगों को जल शक्ति विभाग की कार्य प्रणाली से असंतोष है क्योंकि विभाग ने पेयजल के भारी बिलों को जारी किया है। नगर पंचायत के तहत आने वाले उपभोक्ताओं को विभाग की ओर से तीन हजार से दस हजार रुपये के बिल जारी किए गए हैं।  विभाग को 3970 रुपये के अधिकांश बिल जारी किए गए हैं, जो अप्रैल 2021 से मार्च 2023 की अवधि के लिए 165 रुपये प्रति महीने के हिसाब से जारी किए गए हैं। 2018 से पहले की लंबित राशि भी इसमें शामिल है। बिल जारी करने की तिथि अक्सर बिलों पर नहीं अंकित है। लोगों का कहना है कि विभाग ने एक साथ इतने भारी भरकम बिल जारी किए हैं क्योंकि वह इतने समय तक बिलों को जारी नहीं कर सका। लोगों का कहना है कि अब एक साथ इतने भारी भरकम बिलों का भुगतान करना मुश्किल हो रहा है। उनका कहना है कि विभाग को मासिक बि...

1984 में हिमाचल: कांग्रेस की दूसरी बार चारों सीटों पर जीत

Image
                         1984 में हिमाचल प्रदेश के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार चारों सीटें जीतीं। शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट   1984 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने लगातार दूसरी बार प्रदेश की चारों सीटों पर जीत हासिल की। चारों प्रत्याशियों में से प्रत्येक ने उच्च मार्जिन से जीत हासिल की थी। हमीरपुर से नारायण चंद, कांगड़ा से चंद्रेश कुमारी, मंडी से पंडित सुखराम और शिमला से केडी सुल्तानपुरी ने चुनाव जीते थे।   1984 में 23,14,024 लोगों ने वोट डाला था। इनमें से 14,22,000 लोगों, या 61.45% ने अपना मतदान किया था। इनमें 7,51,618 पुरुष और 6,70,382 महिला मतदाता हैं। आम तौर पर लोगों का मानना है कि आचार संहिता लागू होने के बाद सभी प्रशासनिक कार्य बंद हो जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं है। आचार संहिता लागू होने के बाद भी बहुत से कार्य जारी रहेंगे। आप सरकारी पेंशन प्राप्त कर सकते हैं। कोई अधिकारी मना नहीं कर सकता है। जाति प्रमाण पत्र और आधार कार्ड बनाने का भी काम होगा। इलाज के लिए धन देने का निर्णय आपके...

हिमाचल कांग्रेस: सामने आए मनभेद और राजनीतिक समीकरण के बदलाव

Image
     हिमाचल कांग्रेस में अभी भी कुछ ठीक नहीं है; मनभेद सामने आए हैं, राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट   हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में अभी भी बहुत कुछ बदला गया है। मनभेद एक बार फिर प्रकट हुए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने बुधवार को कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का मुद्दा उठाकर सरकार को बचाने का दावा किया। पार्टी हाईकमान के आदेशों के बावजूद प्रतिभा सिंह का साहस कम नहीं हुआ है।   कांग्रेस हाईकमान को लोकसभा चुनाव से पहले प्रतिभा सिंह के बदले रुख से निराशा हुई है। जयराम सरकार के समय मंडी संसदीय क्षेत्र से उपचुनाव जीतने वाली प्रतिभा सिंह ने अब चुनाव मैदान से पीछे हटने की घोषणा की, जिससे मंडी में राजनीतिक समीकरण भी बदल गए हैं। कांग्रेस ने पहले ही हमीरपुर, कांगड़ा और शिमला में मजबूत प्रत्याशियों की खोज की है।  दिसंबर 2022 में हुए विधानसभा चुनावों के परिणामों के बाद से, कांग्रेस के दो हिस्सों में एक ठोस संघर्ष जारी है। प्रतिभा सिंह ने सरकार के साथ विवाद और असंतोष व्यक्त किए हैं, क्योंकि हॉलीलॉज, पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह का ...

कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने पर अयोग्य घोषित विधायकों के लिए कानूनी पेच: मामले की पूरी जानकारी

Image
                                        कांग्रेस के अयोग्य घोषित विधायकों को भाजपा में शामिल करने का कानूनी विवाद जानें शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट   कांग्रेस के अयोग्य घोषित विधायकों को भाजपा में शामिल करना अभी कानूनी मुद्दा है। नई दिल्ली में भी इस पर व्यापक चर्चा हुई है, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व स्तर पर भी। यही कारण है कि इन बागियों की जल्दबाजी में अभी भी वैधानिक खतरा है। इन छह बागियों को अपनी याचिका वापस लेनी होगी।  इसके बाद ही ये भाजपा में शामिल हो सकेंगे।संविधान और कानून के विशेषज्ञों का कहना है कि यह छह लोग भाजपा में शामिल हो सकते हैं सिवाय कानूनी जटिलताओं के। इन छहों नेताओं ने अभी तक पूरी तरह से अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। विधि विशेष और अतिरिक्त महाधिवक्ता महेंद्र झराईक ने कहा कि अगर अयोग्य घोषित कांग्रेस विधायक भाजपा में शामिल होते हैं तो उनकी याचिका खारिज हो जाएगी।  इसका अर्थ है कि वे अपनी याचिका को खारिज कर चुके हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने इन छ...