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Showing posts from December 23, 2025

आईजीएमसी शिमला : - डॉ. राघव ने कहा कि मरीज ने आईवी स्टैंड से मुझे मारने की कोशिश की और अपशब्द कहे।

आप सबने हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल आईजीएमसी शिमला में मरीज और डॉक्टरों के बीच हाथापाई की वीडियो देखी होगी। मामला अभी भी चर्चा में है। अब आरोपी चिकित्सक राघव ने मीडिया में बयान दिया और घटना का खुलासा किया। आईजीएमसी के वार्ड में डॉक्टर और मरीज के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद पहली बार मारपीट का आरोपी चिकित्सक राघव ने मीडिया में बयान दिया और घटना के बारे में खुलकर बताया। डॉक्टर ने कुछ सवाल भी आम जनता के लिए सामने रखे। आर्थो विभाग में चल रहे डॉक्टर राघव ने कहा कि मरीज ने अपशब्द बोले, मेरे घर वालों को बीच में लेकर आया, उसने कहा कि तू अपने बाप से भी ऐसे ही बात करता है। वह मेरी मां को बीच में लेकर आया गलत बोलने लगा। हम डॉक्टर भी इंसान हैं, हम मरीज देखते हैं, आठ साल से यही काम करते पांच से छह हजार मरीज देखे हैं, पर ऐसा किसी ने नहीं बोला। ऐसा कोई डॉक्टर नहीं होता, जो मरीज को गलत बोले। मैंने कोई गलत नहीं बोला, कोई एटिट्यूड नहीं दिखाया, उसको शांत करने का प्रयास करने लगा, मैंने बोला भाई आराम से बात कर बात कर ले, बात करके सुलझा सकते हैं, इतनी बड़ी बात भी नहीं हुई। इसके बाद मरीज ने गहमागहमी ...

आईजीएमसी शिमला हमले का मामला: सीएम सुक्खू ने 24 दिसंबर तक पूरी जांच करने और उचित कार्रवाई करने का आदेश दिया।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल प्रदेश के आईजीएमसी शिमला में डॉक्टरों और मरीजों के बीच हुए मारपीट मामले में निर्देश दिए कि घटना की जांच 24 दिसंबर, 2025 तक पूरी की जाए और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग, इंदिरा गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, शिमला और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों और आईजीएमसी शिमला में 22 दिसंबर को हुई घटना पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग, आईजीएमसी और निदेशालय चिकित्सा शिक्षा के अधिकारियों से इस घटना से जुड़े सभी तथ्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। सीएम सुक्खू ने कहा कि इस घटना की जांच 24 दिसंबर, 2025 तक पूर्ण कर अतिशीघ्र उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि हर संस्थान में पेशेवरों का व्यवहार सौम्य और शांत होना चाहिए। इससे व्यक्तित्व के साथ-साथ संस्थान की छवि भी झलकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आईजीएमसी से पढ़ाई करने के उपरान्त चिकित्सकों ने राज्य का नाम देश और विदेश में रोशन क...

हिमाचल प्रदेश : - राष्ट्रीय एडवेंचर कोर्स में भाग लेने वाले प्रतिभागियों ने रिवर क्रॉसिंग तकनीक का उपयोग करके फंसे लोगों को बचाने का अभ्यास किया

केरल, तेलगांना, पंजाब और चंडीगढ़ के भागीदारों ने मंगलवार को पिरड़ी राफ्टिंग केंद्र में आपदा प्रबंधन और रेस्क्यू तकनीक का प्रशिक्षण लिया। पिरड़ी राफ्टिंग केंद्र में चल रहे राष्ट्रीय एडवेंचर कोर्स के तीसरे दिन मंगलवार को आपदा प्रबंधन एवं रेस्क्यू तकनीक का प्रशिक्षण दिया। शिविर में केरल, तेलगांना, पंजाब और चंडीगढ़ के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। केंद्र के प्रभारी गिरमन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय सेवा योजना के 35 स्वयंसेवियों को आपदा के दौरान फंसे लोगों को निकालने के लिए रिवर क्रॉसिंग तकनीक का प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने रस्सी के सहारे आपदा में तुरंत प्रभाव से कैसे लोगों को निकाला जाए, इसके बारे में सीखा। वहीं स्वयंसेवियों केे साथ आई महिला प्राध्यापकों को भी रिवर क्रॉसिंग तकनीक के सहारे नदी पार करना सिखाया गया।

हिमाचल प्रदेश : - 8वीं, 10वीं और 12वीं एसओएस परीक्षाओं के परिणाम घोषित

सितंबर 2025 में, स्कूल शिक्षा बोर्ड (HPBOSE) ने 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के लिए एसओएस (स्टेट ओपन स्कूल) परीक्षा की घोषणा की। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड  (HPBOSE ) ने सितंबर 2025 में कक्षा 8वीं, 10वीं और 12वीं के लिए  एसओएस(स्टेट ओपन स्कूल) परीक्षा आयोजित की थी। मंगलवार को इसके परिणाम बोर्ड की ओर से औपचारिक रूप से घोषित कर दिए गए हैं। परिणाम बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट:  www.hnbesc.or g पर भी उपलब्ध है। यह जानकारी बोर्ड के सचिव डॉ. (मेजर) विशाल शर्मा ने दी। पुनर्मूल्यांकन व रि-चैकिंग के लिए ये रहेगी फीस उन्होंने कहा कि जो उम्मीदवार पुनर्मूल्यांकन (कक्षा 10 और 12) या रि-चैकिंग (कक्षा 8, 10 और 12) के लिए आवेदन करने में रुचि रखते हैं, उन्हें 7 जनवरी 2026 को या उससे पहले अपने संबंधित एसओएस अध्ययन केंद्रों के माध्यम से ही अपने ऑनलाइन आवेदन जमा करने होंगे। पुनर्मूल्यांकन (कक्षा 10 और 12) के लिए प्रति विषय 1000 फीस रहेगी। जबकि रि-चैकिंग के लिए (कक्षा 8, 10 और 12) 800 रुपये प्रति विषय निर्धारित हैं। इसके अलावा, जिन उम्मीदवारों का परिणाम री-अपीयर या पास घोषित किया गया है औ...

हिमाचल प्रदेश : - सीआरआई कसौली का टेस्ट सफल रहा..। टिटनेस और डिप्थीरिया के लिए अब एक ही टीका लगेगा

परीक्षण में वैक्सीन बीमारी के खिलाफ एंटीबॉडी बनाने में सक्षम है। अब सरकारी स्तर पर वैक्सीन कुछ दिनों में उपलब्ध हो जाएगी। देश में टिटनेस और डिप्थीरिया का अब एक ही इंजेक्शन लगेगा। इसके लिए केंद्रीय अनुसंधान संस्थान (सीआरआई) कसौली ने वैक्सीन ईजाद की है। अब इसके क्लीनिकल ट्रायल ने भी पूरे करने में भी सफलता पा ली है। ट्रायल में वैक्सीन बीमारी के लिए एंटीबॉडी बनाने में असरदार सिद्ध हुई है। कुछ दिनों में अब वैक्सीन सरकारी स्तर पर अस्पतालों में उपलब्ध हो जाएगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. जगत प्रकाश नड्डा इस वैक्सीन का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी। बता दें कि वैक्सीन पर सीआरआई में वर्ष 2019 से शोध कार्य किया जा रहा था। पहले दोनों बीमारियों के लिए होती थी अलग-अलग वैक्सीन इससे पहले दोनों बीमारियों में अलग-अलग वैक्सीन लगाई जाती थी। इससे बच्चों में कई प्रकार की दिक्कतें भी देखने को मिलती थीं। आधुनिकता के दौरान में टिटनेस और डिप्थीरिया वैक्सीन का एक ही इंजेक्शन तैयार करने के लिए संस्थान में वैज्ञानिकों ने दिनरात शोध कार्य किया। इस बीच, कोरोना काल के कारण वैक्सीन शोध कार्य में...

हिमाचल प्रदेश : - 25 दिसंबर से, एंबुलेंस कर्मचारी प्रशासन और कंपनी पर शोषण के आरोपों के कारण 48 घंटे की हड़ताल पर रहेंगे।

प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवा कर्मचारियों ने 25 दिसंबर की रात 8:00 बजे से 27 दिसंबर की रात 8:00 बजे तक 48 घंटे की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। हिमाचल प्रदेश में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों ने 25 दिसंबर की रात 8:00 बजे से 27 दिसंबर की रात आठ बजे तक 48 घंटे की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबित मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि प्रशासन कंपनी के हित में काम कर रहा है। 108 एवं 102 कर्मचारी यूनियन के प्रधान सुनील कुमार, सचिव बालक राम के अलावा संजीव कुमार, बीरी सिंह, रामपाल, संदीप कुमार, रविंद्र कुमार, सुरेंद्र कुमार, भुवनेश कुमार और मनोज कुमार ने संयुक्त रूप से कहा कि प्रशासन कर्मचारियों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार करने के बजाय उन्हें एस्मा एक्ट 1972 लगाने की धमकी देकर दबाने का प्रयास कर रहा है। यूनियन नेताओं ने कहा कि एंबुलेंस सेवा का टेंडर सरकार और प्रशासन ने कंपनी को दिया है। इसके बावजूद जब कर्मचारी कंपनी की ओर से किए जा रहे शोषण की शिकायत लेकर प्रशासन के पास जाते हैं तो वहां से यह कहकर पल्ला झाड़ लिया जाता है क...

हिमाचल प्रदेश : - कार्मिक विभाग की सूची बनाने में जुटा हुआ है, तीन साल का कार्यकाल पूरा करने वाले अफसरों को तबादले दिए जाएंगे

हिमाचल प्रदेश सरकार तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अधिकारियों के तबादलों की तैयारी कर रही है। कार्मिक विभाग ने ऐसे अधिकारियों की सूची बनाना शुरू कर दिया है।  हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल होने जा रहा है। राज्य सरकार तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके अधिकारियों के तबादलों की तैयारी में जुट गई है। इस प्रस्तावित फेरबदल के तहत कई जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, विभागाध्यक्ष और विभिन्न सरकारी उपक्रमों के प्रबंध निदेशक बदले जा सकते हैं। कार्मिक विभाग ने ऐसे अधिकारियों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है, जिन्होंने मौजूदा तैनाती में निर्धारित कार्यकाल पूरा कर लिया है। इस प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय से भी लगातार विचार-विमर्श किया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक संतुलन और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया जा सके। प्रशासनिक फेरबदल दिसंबर के अंत तक या जनवरी के पहले सप्ताह में किया जा सकता है। नए साल की शुरुआत के साथ ही सरकार प्रशासनिक मशीनरी को और अधिक सक्रिय व प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाने जा रही है। प्रशासनिक हलकों में चर्चा है कि कुछ संवेदनशील...