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Showing posts from February 2, 2026

विनय कुमार ने कहा कि केंद्र सरकार ने बजट के नाम पर सिर्फ औपचारिकता की, किसी भी वर्ग को राहत नहीं दी गई।

सोमवार को राजीव भवन में प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में विनय कुमार ने पत्रकार वार्ता में केंद्र सरकार के बजट पर हमला बोला। बजट को कोई दिशा या दशा नहीं है, उन्होंने कहा। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि इस बार केंद्र सरकार ने बजट के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई है। इसमें किसी भी वर्ग को न तो कोई लाभ है, न किसी को कोई राहत मिली है। बजट की न तो कोई दिशा है और न ही दशा है। उन्होंने कहा है कि हिमाचल प्रदेश के साथ जो कुठाराघात केंद्र सरकार ने इस बजट में किया है, उसके खिलाफ हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। प्रदेश केंद्र से कोई खैरात नहीं, अपना हक मांग रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को उम्मीद थी कि आपदा राहत के लिए केंद्र कुछ देता। प्रधानमंत्री की 1500 करोड़ की राशि भी आज दिन तक प्रदेश को नही मिली। विनय कुमार ने प्रदेश से चुन कर गए सभी भाजपा सांसदों की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश की कोई चिंता नही है। प्रदेश के लोग इन नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे। सोमवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में विनय कुमार ने राजस्व घाटे का अनुदान बंद करने पर कड़ा रुख करते...

हिमाचल प्रदेश में बस्तियों, गांवों और गलियों के बदनाम नामों का क्या होगा?

हिमाचल प्रदेश में जातिसूचक और अपमानजनक नाम बदले जाएंगे। मानवाधिकार आयोग ने कहा कि समाज में समानता लाने के लिए ऐसे नाम जो किसी विशेष वर्ग या समुदाय को अपमानजनक लगते हैं, उन्हें हटाना अनिवार्य है। हिमाचल प्रदेश में अब जातिसूचक और अपमानजनक नामों वाले कस्बों, पंचायतों और गलियों की पहचान मिटने वाली है। मानवाधिकार आयोग के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन ने इन नामों को बदलने की प्रक्रिया तेज कर दी है। जिला पंचायत अधिकारी कार्यालय ने सभी खंड विकास अधिकारियों को आदेश जारी कर उनके क्षेत्रों में ऐसे नामों की व्यापक सूची और उन्हें बदलने का प्रस्ताव मांगा है। यह पूरी कवायद मानवाधिकार आयोग की ओर से डॉ. आंबेडकर जन कल्याण समिति भोपाल के अध्यक्ष सुनील अहिरवार की कोर्ट में दायर याचिका पर की जा रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि समाज में समानता लाने के लिए ऐसे नामों को हटाना अनिवार्य है, जो किसी विशेष वर्ग या समुदाय के लिए अपमानजनक प्रतीत होते हैं। प्रशासन अब उन प्राचीन बस्तियों और मोहल्लों को चिह्नित कर रहा है, जिनके नाम जाति आधारित हैं। जिला पंचायत अधिकारी की ओर से इस मुहिम को लेकर निर्देश जारी किए ह...

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 2030 तक वन क्षेत्र को 31 प्रतिशत करने का रोडमैप बनाने का आदेश दिया।

वन विभाग को वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश में वन क्षेत्र को 31 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए एक व्यापक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वन विभाग को वर्ष 2030 तक हिमाचल प्रदेश में वन क्षेत्र को विस्तार प्रदान कर 31 प्रतिशत तक करने के लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को वन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वर्तमान में राज्य का वन क्षेत्र 29.5 प्रतिशत है, जिसे योजनाबद्ध और सतत तरीके से बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग एक वैश्विक समस्या बनकर उभरी है और इसके प्रतिकूल प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। इसके दृष्टिगत वर्तमान राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। हिमाचल प्रदेश में लगभग 16,376 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र हिमाच्छादित, बंजर या पर्वतीय क्षेत्र है, जहां पौधारोपण संभव नहीं है, इसलिए वन विभाग को प्रत्येक जिले में पौधारोपण के लिए उपयुक्त संभावित क्षेत्रों की पहचान करनी चाहिए और उसके अनुसार चरणबद्ध पौधारोपण योजना तैयार करनी चाहिए। उ...

केसीसी ऋण घोटाले में पूर्व बैंक मैनेजर को फर्जी दस्तावेजों पर तीन साल की कैद

पीएनबी की कुल्लू स्थित ढालपुर शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर ऋण घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है।  पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की कुल्लू स्थित ढालपुर शाखा में किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) पर ऋण घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पूर्व बैंक मैनेजर अमर सिंह बोध (काजा) को तीन साल के कठोर कारावास और 50 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। लाभार्थी भोलू राम (कुल्लू) और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले ताशी फुंचोग (भुंतर) को चार-चार साल की कैद और 1.10 लाख जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर चार-चार माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।  सीबीआई की विशेष अदालत (शिमला) ने यह फैसला चालान संख्या-7 में सुनाया। न्यायाधीश डॉ. परविंदर सिंह अरोड़ा ने माना कि वर्ष 2010 से 2013 के बीच तीनों आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत फर्जी जमाबंदी और राजस्व रिकॉर्ड का इस्तेमाल कर 4 लाख रुपये का केसीसी ऋण मंजूर कराया। विशेषज्ञ की रिपोर्ट में भी यह पुष्टि हुई कि राजस्व अधिकारियों के नाम से किए गए हस्ताक्षर और मुहरें फर्जी थीं। आरोपियों के ह...

मंत्रालय की रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मनरेगा में पिछले वर्षों से 1.71 लाख विकास कार्य लंबित हैं

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत प्रदेश में 1,71,841 अतिरिक्त कार्यों की घोषणा की गई है, जो वित्तीय वर्ष 2025 से 26 तक चलेंगे। हिमाचल प्रदेश में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत 1,71,841 स्पिल ओवर कार्य चिह्नित किए गए हैं। ये वे कार्य हैं जो पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत तो हुए, लेकिन विभिन्न कारणों से समय पर पूरे नहीं हो सके और अब चालू वर्ष में आगे बढ़ाए जा रहे हैं। यह खुलासा केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय की हिमाचल प्रदेश में मनरेगा कार्यों पर जारी रिपोर्ट में हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार, स्पिलओवर कार्यों में सबसे बड़ी संख्या व्यक्तिगत भूमि पर कार्यों की है, जो 1,46,653 तक पहुंच गई है। इसके अलावा ग्रामीण संपर्क से जुड़े 11,110, भूमि विकास के 3,336, जल संरक्षण एवं जल संचयन के 2,651 और पारंपरिक जल स्रोतों के जीर्णोद्धार के 295 कार्य शामिल हैं।  इस जिले में सबसे अधिक कार्य शामिल बाढ़ नियंत्रण एवं संरक्षण से संबंधित 4,305 कार्य भी इस सूची में हैं। इसमें मंडी जिला सबसे आगे है, जह...