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Showing posts from January 3, 2026

छात्रा माै-त मामला : - धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का बयान सामने आया है, पढ़ें क्या कहा

धर्मशाला कॉलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया ने छात्रा की संदिग्ध मौ-त का बयान दिया है। हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में छात्रा की संदिग्ध मौत मामले में धर्मशाला काॅलेज के प्रिंसिपल राकेश पठानिया का बयान सामने आया है। समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में राकेश पठानिया ने कहा,' पीड़ित 2024-2025 में प्रथम वर्ष की छात्रा थी। इसके बाद नए सत्र में  उसने द्वितीय वर्ष की कक्षाएं अटेंड कीें। हालांकि, जब उसका रिजल्ट आया तो पता चला कि वह तीन विषयों में फेल हो गई थी, इसलिए उसे प्रथम वर्ष रिपीट करने के लिए कहा गया। हालांकि, उसने ऐसा नहीं किया, इसलिए अब हम उसे अपनी स्टूडेंट नहीं कह सकते, क्योंकि उसने एडमिशन नहीं लिया था। हमें इस घटना के बारे में 22 दिसंबर को पता चला जब पुलिस जांच के लिए कॉलेज आई।  हमने पूरा सहयोग किया, हमें पहले से इस घटना के बारे में पता नहीं था। एफआईआर में नामजद विद्यार्थी समेत सभी उस दिन मौजूद थे। फिर पुलिस ने उनके और शिक्षकों के बयान रिकॉर्ड किए। जिन तीन लड़कियों के नाम रिकॉर्ड में हैं, वे अभी कॉलेज में द्वितीय वर्ष(बीए) की छात्राएं हैं...' पठानिया ने आगे कहा, 'यूजीसी अपनी क...

हिमाचल प्रदेश : - धर्मशाला छात्रा की हत्या मामले में सीएम सुक्खू ने आरोपी प्रोफेसर को निलंबित करने का आदेश दिया

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की मौत पर बड़ा बयान दिया है। हिमाचल प्रदेश के राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की छात्रा की मौत मामले पर मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का बड़ा बयान सामने आया है। सीएम सुक्खू ने शनिवार को सोलन के कंडाघाट में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में कहा कि धर्मशाला में छात्रा ने अपने वीडियो बयान में जिस प्रोफेसर का नाम लिया है, उसे तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाएगा। प्रोफेसर को निलंबित करने के आदेश दे दिए हैं। मामले की और विस्तृत जांच कॉल डिटेल के साथ की जाएगी। कहा कि जो भी इसमें संलिप्त होगा, सरकार सख्त से सख्त कार्रवाई करेगी।  जांच के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने गठित की कमेटी उधर, छात्रा की माैत मामले में तथ्य खोज/प्रारंभिक जांच करने के लिए उच्च शिक्षा निदेशालय ने अध्यक्ष समेत सदस्यों की समिति का गठन किया है। समिति शिक्षकों और कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न, रैगिंग और जाति संबंधी टिप्पणियों के सभी पहलुओं और कोणों को कवर करते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। समिति को ती...

हिमाचल प्रदेश : - तहसीलदार 5 जनवरी से सप्ताह में तीन दिन तकसीम मामलों की सुनवाई करेंगे

पांच जनवरी से, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार मंगलवार, बुधवार और वीरवार को तकसीम के मामलों की सुनवाई करेंगे। हिमाचल प्रदेश में तकसीम के मामलों की सुनवाई अब हफ्ते में तीन दिन होगी। सचिवालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने निर्देश दिए कि पांच जनवरी से सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदार हर सप्ताह मंगलवार, बुधवार और वीरवार को तकसीम के मामलों की सुनवाई करेंगे। प्रत्येक माह तकसीम मामलों की 12 दिन सुनवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला उपायुक्त हर शनिवार को तकसीम के मामले सुनेंगे और प्रगति की रिपोर्ट अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) को भेजेंगे। राजस्व सचिव सोमवार को राजस्व मंत्री को रिपोर्ट देंगे। राजस्व मंत्री हर महीने के अंतिम सोमवार को तकसीम मामलों के निपटारे की प्रगति रिपोर्ट से मुख्यमंत्री को अवगत करवाएंगे। लंबित मामलों के समयबद्ध निपटारे के लिए यह व्यवस्था की गई है। मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग से प्रदेश में निजी, वन और सरकारी भूमि का पूर्ण विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। राजस्व विभाग को राजस्व अदालतों में लंबित मामलों का विवरण भी दे...

हिमाचल प्रदेश : - कांग्रेस ने चंपा को मंडी, अनुराग को कांगड़ा और भारती को हमीरपुर का अध्यक्ष नियुक्त किया।

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पार्टी हाईकमान ने कल देर रात 11 संगठनआत्मक जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति की है। अब सिर्फ जिला किन्नौर और शिमला ग्रामीण का अध्यक्ष घोषित होना शेष रह गया है। कांग्रेस हाई कमान ने नवंबर 2024 से भंग चल रही प्रदेश कार्यकारिणी का गठन करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शुक्रवार देर रात  पार्टी हाईकमान ने 11 संगठनआत्मक जिलों में अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी है। अब जिला किन्नौर और शिमला ग्रामीण के अध्यक्ष की घोषणा होना शेष रह गया है। कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने हिमाचल के जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों की नियुक्ति को मंजूरी दी है। ये नियुक्तियां संगठन सृजन अभियान के तहत तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इस अभियान के तहत एआईसीसी की ओर से प्रत्येक जिले में नियुक्त पर्यवेक्षकों ने संगठनात्मक स्थिति की गहन समीक्षा की। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और अन्य हितधारकों से संवाद किया गया। सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद पर्यवेक्षकों के साथ वन-टू-वन चर्चा और वरिष्ठ नेताओं से विचार-विमर्श...