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Showing posts from November 17, 2025

मनाली-लेह सड़क 20 से वाहनों के लिए बंद, बीआरओ की सिफारिश पर डीसी ने जारी की अधिसूचना

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20 नवंबर से मनाली-लेह सड़क आधिकारिक तौर पर वाहनों के लिए बंद हो जाएगी। सोमवार को डीसी लाहौल-स्पीति ने सड़क अवरुद्ध करने की सूचना दी। 20 नवंबर से, हिमाचल को लद्दाख से जोड़ने वाली 435 किलोमीटर मनाली-लेह सड़क को वाहनों के लिए आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया जाएगा। सीमा सड़क संगठन की 70 आरसीसी ने लाहौल-स्पीति और कुल्लू प्रशासन को इस बारे में पत्र भेजा है, क्योंकि सड़क पर ब्लैक आइसिंग और भारी बर्फबारी की आशंका है। सोमवार को डीसी लाहौल-स्पीति ने सड़क बंद करने का आदेश दिया।   अगले वर्ष मई-जून में बर्फ हटने के बाद ही इस सड़क को यातायात के लिए फिर से खोला जाएगा। बीआरओ ने प्रशासन से 20 नवंबर के बाद जिंगजिंगबर से सरचू, गुलाबा से रोहतांग और ग्रांफू से लोसर मार्गों पर सभी वाहनों की आवाजाही रोकने का अनुरोध किया है। संगठन ने कहा कि बीआरओ निर्धारित अवधि के बाद किसी वाहन या व्यक्ति को इन रूटों पर फंसने पर रेस्क्यू की जिम्मेदारी नहीं लेगा। बीआरओ के इनपुट और प्रशासन की अनुमति के आधार पर सीमित आवाजाही की अनुमति दी जा सकती है। नवंबर के तीसरे सप्ताह से सड़कों पर पानी जमने लगता है। इससे दुर्घटनाओं और फि...

हिमाचल प्रदेश सरकार ने नियमों में बदलाव किया: 40 वर्ष से अधिक के लिए लीज नहीं मिलेगी

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 राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह संशोधन हिमाचल प्रदेश विलेज कॉमन लैंड्स एक्ट, 1974 और भूमि सीलिंग एक्ट, 1972 के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर... विस्तृत हिमाचल प्रदेश सरकार ने हिमाचल प्रदेश लीज (संशोधन) अधिनियम, 2025 का मसौदा जारी किया है, जो भूमि लीज नियमों में बदलाव करेगा। राजस्व विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह संशोधन हिमाचल प्रदेश विलेज कॉमन लैंड्स एक्ट, 1974 और भूमि सीलिंग एक्ट, 1972 के प्रावधानों के तहत किया जा रहा है।  मसौदे के अनुसार, लीज अवधि के नियमों में बदलाव होगा। सरकार प्रस्तावित संशोधन के अनुसार किसी भी प्रकार की जमीन की लीज चार दशक से अधिक नहीं दी जाएगी। यद्यपि, हिमुडा को जमीन लीज पर दी जाती है तो इस अवधि को 80 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है। सरकार ने मसौदे को राजपत्र (ई-गजट) में प्रकाशित करने के 30 दिनों के भीतर आम जनता और हितधारकों से सुझाव मांगे हैं।

पंचायतों और नगर पालिकाओं की संरचना, वर्गीकरण और क्षेत्र में परिवर्तन को धीमा करना

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चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक पंचायतों और नगर पालिकाओं की संरचना, वर्गीकरण या क्षेत्र में बदलाव पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता के खंड को पूरे राज्य में लागू कर दिया है। हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियां तेजी से शुरू हो गई हैं। चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने तक पंचायतों और नगर पालिकाओं की संरचना, वर्गीकरण या क्षेत्र में परिवर्तन पर रोक लगा दी गई है, क्योंकि राज्य निर्वाचन आयोग ने आदर्श आचार संहिता का एक खंड पूरे राज्य में लागू कर दिया है। सोमवार को आयोग ने इस संबंध में सूचना जारी की है। अब सरकार पंचायतों को फिर से बनाने में सक्षम नहीं होगी। निर्देशों का सख्ती से पालन करने के लिए सभी विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को आदेश दिया गया है। चुनाव का कार्यक्रम जारी होने के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होगी। परिसीमन का काम पूरा, बची मतदाता सूचियों को जल्द दिया जाएगा अंतिम रूप : आयोग चुनाव आयोग के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं का परिसीमन 3,577 ग्राम पंचायतों, 90 पंचायत समितियों, 11 जिला परिषदों और 71 शहरी स्थानीय निकायों के संबंध में...

हिमाचल प्रदेश : - हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और आयोग को पंचायत चुनाव मामले में नोटिस भेजा

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अदालत ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग से पूछा कि कितने समय के अंदर पंचायतीराज संस्थानों के चुनाव होंगे। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को समय पर करवाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका को सोमवार को ख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ में सुनवाई हुई. मामले में अदालत ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी करने की मांग की, जो 21 दिसंबर से पहले होनी चाहिए। याद रखें कि याचिका में कोर्ट से हस्तक्षेप करके प्रदेश में पंचायती राज चुनावों को तय समय पर करवाने का आदेश दिया गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने संविधान में निर्धारित समयसीमा में चुनाव करवाने की कोई तैयारी नहीं की है। इस याचिका में संविधान के अनुच्छेद 243 ई और के का उल्लेख किया गया है। इन नियमों के तहत हर पांच वर्ष के बाद पंचायत चुनाव कराना अनिवार्य है। जनप्रतिनिधियों का मौजूदा कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो जाएगा। जब तक कोई असाधारण परिस्थिति (जैसे प्राकृतिक आपदा या कानून-व्यवस्था की अस्थिरता) नहीं हो, प्रदेश सरकार चुनाव नहीं टाल सकती। हिमाचल प्रदेश में...

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