हिमाचल प्रदेश : - हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और आयोग को पंचायत चुनाव मामले में नोटिस भेजा

अदालत ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग से पूछा कि कितने समय के अंदर पंचायतीराज संस्थानों के चुनाव होंगे।



हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को समय पर करवाने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका को सोमवार को ख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जियालाल भारद्वाज की खंडपीठ में सुनवाई हुई. मामले में अदालत ने राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी करने की मांग की, जो 21 दिसंबर से पहले होनी चाहिए।

याद रखें कि याचिका में कोर्ट से हस्तक्षेप करके प्रदेश में पंचायती राज चुनावों को तय समय पर करवाने का आदेश दिया गया है। याचिकाकर्ता ने कहा कि राज्य सरकार और राज्य चुनाव आयोग ने संविधान में निर्धारित समयसीमा में चुनाव करवाने की कोई तैयारी नहीं की है। इस याचिका में संविधान के अनुच्छेद 243 ई और के का उल्लेख किया गया है। इन नियमों के तहत हर पांच वर्ष के बाद पंचायत चुनाव कराना अनिवार्य है। जनप्रतिनिधियों का मौजूदा कार्यकाल जनवरी में समाप्त हो जाएगा।

जब तक कोई असाधारण परिस्थिति (जैसे प्राकृतिक आपदा या कानून-व्यवस्था की अस्थिरता) नहीं हो, प्रदेश सरकार चुनाव नहीं टाल सकती। हिमाचल प्रदेश में पहले पंचायत चुनाव दिसंबर और जनवरी 2020-2021 में तीन चरणों में हुए थे। जनहित याचिका में आपदा अधिनियम के तहत चुनावों को टालने की सरकार की इच्छा को भी चुनौती दी गई है। 8 अक्तूबर को, आपदा अधिनियम का हवाला देते हुए, मुख्य सचिव ने चुनाव कराने की घोषणा की।

Comments

Popular posts from this blog

धर्मशाला छात्रा मौ-त मामला : - राजकीय प्राध्यापक संघ ने तुरंत बैठक बुलाई, एसपी कांगड़ा से भी मुलाकात की

हिमाचल प्रदेश में नए वर्ष पर उत्सव: नालागढ़ में एक बड़ा ब्लास्ट पुलिस थाने के पास हुआ

हिमाचल प्रदेश : - आईआईटी मंडी की खोज: कांगड़ा में पर्याप्त पानी, मंडी में संतुलन और कुल्लू में संकट