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Showing posts from November 26, 2025

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस सरकार हार के भय से पंचायत चुनाव टालने की कोशिश कर रही है।

जयराम ठाकुर ने बुधवार को नियम 67 के तहत चर्चा में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर पलटवार करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में 1975 में लगे आपातकाल की तरह हालात पैदा हुए हैं। बीते तीन वर्षों में सरकार ने व्यवस्थाओं को बर्बाद कर दिया है। उन्हें पता है कि चुनाव परिणाम भी सरकार के पक्ष में नहीं होंगे। सरकार हार के डर से पंचायत चुनाव टालने का प्रयास कर रही है, जैसा कि पूर्व मुख्यमंत्री और नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर जवाब देते हुए जयराम ठाकुर ने बुधवार को नियम 67 के तहत चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि संविधान को सिर्फ बोलकर नहीं बचाया जा सकता, बल्कि इसका व्यवहारिक पालन भी करना चाहिए। टालने से स्थिति सुधरती नहीं, बल्कि बिगड़ जाती है। मुख्यमंत्री को परिस्थितियों का सामना करने का अभ्यास करना चाहिए। जब किसी को कुछ समझा न सको तो खज्जल करने की नीति पर सरकार चल रही है। उन्होंंने कहा कि पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव पांच साल बाद होना अनिवार्य है। इन्हें विशेष परिस्थितियों में छह माह में पहले या बाद में करवाने का प्रावधान है। कांग्रेस स...

विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि अभिभावक वोट देने नहीं आ सकते जब बच्चे स्कूल जा रहे हैं।

आज (बुधवार, 26 नवंबर) से हिमाचल प्रदेश की 14वीं विधानसभा का 10वां सत्र शुरू हो गया है। पहले दिन विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों और अफसरों को दिए गए निर्देशों से लगता है कि चुनाव टाले जा रहे हैं। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा की ओर से प्रदेश में पंचायतीराज और शहरी निकाय के चुनाव टालने और चुनाव आयोग से सरकार के टकराव विषय को लेकर नियम-67 में तहत काम रोको प्रस्ताव लाया गया। विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयानों और अफसरों को दिए जा रहे निर्देशों से लगता है कि चुनाव टाले जा रहे हैं। चुनाव आयोग जैसी सांविधानिक संस्था से भी टकराव की स्थिति बनी हुई है। इससे लोकतंत्र को खतरा हो गया है। कांग्रेस के एक बड़े नेता संविधान की किताब लेकर घूमते हैं, लेकिन उनकी ही पार्टी की सरकार संविधान का उल्लंघन कर रही है। चुनावों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चुनाव आयोग की ओर से शुरू की गई प्रक्रिया में सरकार व्यवधान डाल रही है। इस कारण ही आयोग को राजभवन पहुंचना पड़ा है। उन्होंने कहा कि पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर गलत फैसले लिए जा रहे हैं। अपने लाेगों को लाभ देने ...

सरकार ने पंचायत चुनाव को टालना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया

शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में प्रश्नकाल में विवाद हुआ, जिसके परिणामस्वरूप विपक्ष ने पंचायत चुनावों को स्थगित करने की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश की चौथी विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से तपोवन में शुरू हो गया है। 5 दिसंबर तक चलने वाले सत्र में कई मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। यह सत्र आठ बैठकें करेगा। पहले दिन सदन में प्रश्नकाल में विवाद हुआ, जिससे विपक्ष ने पंचायत चुनावों को स्थगित करने का प्रस्ताव लाया। सरकार ने चर्चा के लिए हामी भर दी, हालांकि इस पर हंगामा होने की आशंका थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान का सबसे बड़ा रक्षक है, जिसने महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण दिया। सरकार कानून के अनुसार काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूं तो यह मामला अर्धन्यायिक रहा है। लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने आज संविधान दिवस होने की बात की है तो सरकार ने इसे मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि कानून का यदि सही मायने में कोई संरक्षक है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। जो भी इस संबंध में कार्य हो रहा है तो वह कानून की परिधि में ही हो रहा है। कानून की पर...

नशा मुक्त हिमाचल प्रदेश: शिक्षण संस्थानों में चिट्टे की खोज; :12 मामले दर्ज, 385 चालान

शिक्षा संस्थानों में मंगलवार को हिमाचल पुलिस ने विशेष खोज अभियान चलाया। अभियान के दौरान सभी 12 जिलों में 598 दुकानों और 41 शिक्षण संस्थानों में छापे मारे गए। शिक्षा संस्थानों में मंगलवार को हिमाचल पुलिस ने राज्य सरकार की ओर से शुरू किए गए एंटी चिट्टा अभियान के तहत विशेष खोज अभियान चलाया। सुबह 7 बजे से शाम 4 बजे तक यह कार्रवाई चलाई गई। अभियान के दौरान सभी 12 जिलों में 598 दुकानों और 41 शिक्षण संस्थानों में छापे मारे गए। इस अवधि में 12 मामले दर्ज किए गए और 385 चालान किए गए। अभियान का लक्ष्य था कि स्कूलों, छात्रावासों और आसपास के क्षेत्रों में नशामुक्त स्थान हों। आने वाले दिनों में पुलिस ने नशे की तस्करी और इस्तेमाल करने वाले कई नए संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया है। संस्थान प्रबंधन की मौजूदगी में पुलिस ने पार्किंग स्थलों, छात्रावासों और आवासीय ब्लॉकों की तलाशी ली। कई जगहों पर मोबाइल फोन की डिजिटल जांच भी की गई, जिससे संपर्क, नशे के लेनदेन या अन्य संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके। सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने न सिर्फ शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों, बल्कि आसपास स्थित दुकानों...

घणाहट्टी प्राथमिक स्कूल, शिमला: बच्चे बिना हाथ धोए मिड-डे मील खाते मिले, चावल में घुन, कम सब्जी

सोमवार को राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने घणाहट्टी प्राथमिक स्कूल में एक निरीक्षण किया, जिसमें पाया गया कि मिड-डे मील में न तो पोषण मानकों का पालन किया जा रहा था और न ही अनिवार्य सब्जियां परोसी जा रही थीं. बच्चों के लिए बनाए गए चावल में भी घुन, काले छोटे कीड़े, थे। हिमाचल प्रदेश के प्री-प्राइमरी स्कूलों में मिड-डे मील की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। सोमवार को राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष की ओर से किए गए निरीक्षण में यह पाया गया कि नर्सरी और केजी के छोटे बच्चे बिना हाथ धोए ही मिड-डे मील खा रहे हैं। खाने की व्यवस्था में साफ सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने शिमला के घणाहट्टी प्राथमिक स्कूल में निरीक्षण के दौरान मिड-डे मील की गुणवत्ता भी संतोषजनक नहीं पाई। मिड-डे मील में न तो पोषण मानकों का पालन किया जा रहा था और न ही अनिवार्य सब्जियां परोसी जा रही थीं, यहां तक की बच्चों के लिए बनाए जाने वाले चावल में घुन (काले छोटे कीड़े) लगा था। राज्य खाद्य आयोग ने पाया कि प्री प्राइमरी स्कूल में खाद्य स...

हाईकोर्ट में अनिवार्य शिक्षा के अधिकार की घोषणा को नए सिरे से चुनौती दी जाएगी

याचिकाकर्ताओं ने हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में 6 से 14 साल के बच्चों के निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के अधिकार को लेकर प्रदेश सरकार की अधिसूचना को फिर से चुनौती दी जाएगी। हिमाचल प्रदेश सरकार ने 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देने वाली अधिसूचना को हाईकोर्ट में फिर से चुनौती दी जाएगी। याचिकाकर्ताओं के वकील ने न्यायालय को बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार ने 24 जुलाई को बच्चों को निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार देते हुए हिमाचल प्रदेश नियम 2025 पारित किया था। याचिकाकर्ता अब इन नियमों को चुनौती देना चाहते हैं। याचिकाकर्ताओं की मांग को न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने स्वीकार कर ली है। स्कूलों को बंद करने का आदेश याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। सरकार ने 25 से कम विद्यार्थियों वाले स्कूलों को नजदीक के स्कूलों में विलय करने का आदेश दिया है, अधिवक्ता ने बताया। 2010 के केंद्र सरकार के रूल्स में ऐसा कोई भी प्रावधान नहीं है। उनका कहना था कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यह रूल्स नहीं बनाए गए हैं। यहां...