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Showing posts from April 9, 2024

हिमाचल प्रदेश में गेहूं पर सुंडी हमले की पहली घटना

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                              हिमाचल प्रदेश में गेहूं पर सुंडी हमले का पहला मामला, किसान चिंतित सिरमौर, ब्यूरो रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश में सुंडी कीट ने गेहूं की फसल पर पहली बार हमला किया है। यह कीट पांवटा साहिब उपमंडल के टोका और खारा में देखा गया है।   सुंडी अभी भी मुलायम फसलों पर हमला करती थी, जैसे मक्की। गेहूं जैसी कठोर फसल पर इसके हमले से किसानों में अब अधिक चिंता है। सुंडी ने लगभग 100 बीघा फसल को मार डाला है। यह लगातार बढ़ रहा है। गेहूं की 2967 किस्मों में इस कीट का सबसे अधिक नुकसान हुआ है।  कृषि विभाग की टीम इसकी सूचना पाकर हैरान रह गई। किसान मलकीत सिंह, राकेश कुमार, रवि कुमार और विशाल चौधरी ने बताया कि सुंडी तीन दिन पहले खेतों में नहीं थी, लेकिन दो दिन में पूरे खेतों में फैल गई है। किसानों को सुंडी की तेजी से गिरावट से घबराहट है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल में पहले कभी ऐसा रोग नहीं हुआ था। क्षेत्र में कीट लगभग 100 बीघा फसल में फैल गया है।  किसानों का कहना है कि पहले ...

वोट न करने पर बैंक खाते से 350 रुपये कटने की सूचना फर्जी है: चुनाव आयोग

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                    चुनाव आयोग ने कहा कि वोट नहीं देने पर 350 रुपये बैंक खाते से कटने की सूचना फर्जी है शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट चुनाव आयोग ने कहा कि सभी को मतदान करना चाहिए। लेकिन वोट नहीं देने की स्थिति में बैंक खाते से 350 रुपये कटने के बारे में सोशल मीडिया पर फैल रही जानकारी फर्जी है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई फैसला नहीं हुआ है।  सोशल मीडिया पर खबरों में कहा गया है कि मोबाइल रिचार्ज करते समय पैसा कट जाएगा अगर मतदाता का बैंक खाता नहीं है। राज्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने कहा कि यह दावा गलत है। ऐसा कोई फैसला चुनाव आयोग ने नहीं किया है। मतदान प्रतिशतता को बढ़ाने के लिए बहुत कुछ किया जा रहा है। बैंक खाते से पैसे काटने का कोई कानून नहीं है।   प्रदेश राज्य चुनाव विभाग ने मंडी के अपने समखेतर से जुड़े साइकलिस्ट जसप्रीत पापल को राज्य चुनाव आइकन बनाया है। सोमवार को शिमला में समझौता दस्तावेज पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग और जसप्रीत पाल ने हस्ताक्षर किए। जसप्रीत साइकलिस्ट हैं, लेकिन वे भी पेशेवर फ...

एमएसपी पर 10 से 30% लाभ पर शराब बेचने का नया व्यापारिक अवसर

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                         कारोबारी केवल 10 से 30 प्रतिशत एमएसपी लाभांश पर शराब बेच सकेंगे। शिमला , ब्यूरो रिपोर्ट हिमाचल प्रदेश में शराब कारोबारी केवल एमएसपी (न्यूनतम विक्रय मूल्य) पर 10 से 30 प्रतिशत लाभांश पर शराब बेच सकते हैं। कर एवं आबकारी विभाग ने विभिन्न श्रेणी के शराब ब्रांडों को लाभांश की प्रतिशतता के पोस्टर चस्पा करके ओवरचार्जिंग को रोकने का प्रयास किया है।  इस साल, हिमाचल प्रदेश सरकार ने ठेकेदारों को पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की तरह खुद लाभांश निर्धारित करने का अधिकार दिया है। शराब की बोतलों पर पहले अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) लिखा जाता था। शराब की बोतलों पर अब सिर्फ न्यूनतम विक्रय मूल्य लिखा जाता है।  MSRP से अधिक मार्जिन पर शराब बेचने वाले ठेकेदारों को भी लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी गई है। हाल ही में राज्य सरकार ने अपनी आबकारी नीति को बदलकर अवैध शराब की निगरानी को पड़ोसी राज्यों से अलग कर दिया। प्रदेश में नई व्यवस्था पहली अप्रैल से लागू हो गई है। कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों का कहना है ...