हिमाचल में बर्फ "भारी" है, सैकड़ों गांवों में ब्लैकआउट, कई इलाके कटे हुए हैं और 5 नेशनल हाईवे समेत 563 सड़कें बंद हैं।
शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश के कई जिलों में ताजा बर्फबारी हुई है। सीजन का पहला हिमपात कई पर्यटकीय स्थानों पर हुआ है। बर्फबारी के कारण कई सड़कें बंद हो गई हैं, जिसमें पांच एचएच भी शामिल हैं। यही नहीं, कई गांवों में बिजली नहीं है।
हिमाचल प्रदेश में चार महीने से जारी सूखे का दौर भारी बर्फबारी और बारिश के साथ खत्म हो गया है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच शुक्रवार को प्रदेश के कई इलाके बर्फ से लकदक हो गए। पहाड़ों की रानी शिमला, मनाली, डलहौजी और चायल जैसे पर्यटन स्थलों में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। हिमाचल के निचले क्षेत्रों में झमाझम बारिश के साथ कई स्थानों पर ओले भी गिरे हैं।
भारी बर्फबारी-बारिश के चलते पांच नेशनल हाईवे समेत प्रदेश में 563 सड़कें बंद हो गई हैं। अपर शिमला समेत प्रदेश के कई इलाके कट गए हैं। विभिन्न स्थानों पर हजारों पर्यटक फंस गए हैं। कुफरी-फागू से 100 और आनी के रघुपुरगढ़ से 48 को किया रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश में 10,384 ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों गांवों में बिजली नहीं है। बारिश-बर्फबारी से फसलों को संजीवनी के साथ पर्यटन को भी पंख लगने की उम्मीद है। शुक्रवार को भी शिमला-मनाली में पर्यटकों ने बर्फबारी के बीच मस्ती की। उधर, मनाली और बंजार उपमंडल के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। मनाली विंटर कार्निवल के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं।
शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा जिले के कई क्षेत्रों में दिनभर बर्फबारी का दौर जारी रहा। शिमला, लाहौल-स्पीति में बर्फीला तूफान भी चला। तूफान के बीच भारी बर्फबारी के चलते शिमला में लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। राजधानी की सड़कों पर भी सैकड़ों पर्यटक वाहन बर्फ में घंटों फंसे रहे। आनी-कुल्लू, शिमला-किन्नौर, मनाली-लेह, हाटकोटी-पांवटा साहिब व चंबा-भरमौर एनएच समेत सैकड़ों सड़कें बंद होने से परिवहन सेवाएं भी ठप हो गई है। सैकड़ों बसें जगह-जगह फंसी है। दूध, ब्रेड और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित रही। बर्फबारी-बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शिमला, मनाली और डलहौजी में न्यूनतम तापमान शून्य के करीब पहुंच गया।
खराब मौसम के चलते शुक्रवार को कांगड़ा, कुल्लू और शिमला हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द रहीं। कालका-शिमला ट्रैक पर पेड़ गिरने से तीन से चार घंटे तक ट्रेनें बाधित रहीं। चौहार घाटी व छोटा भंगाल के सभी गांवों में दो से 20 सेंटीमीटर तक बर्फबारी रिकार्ड की गई है। चंबा जिले के पांगी की ऊपरी चोटियों में शुक्रवार को एक से डेढ़ फीट और निचले क्षेत्रों में 25.4 सेंटीमीटर हिमपात हुआ। तेज हवाएं चलने से भरमौर की गाण, सुनारा और छतराड़ी पंचायतों में 12 मकानों की छतें उड़ गईं। लाहौल का संपर्क कुल्लू से कट गया है। लाहौल में 200 से अधिक से सड़कें और 85 बिजली के ट्रांसफार्मर बंद हैं। कमरूघाटी में अंधड़ से कई घरों की छतें उड़ गईं। कांगड़ा, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और मंडी समेत प्रदेश भर में बारिश हुई है।
शिमला समेत विभिन्न स्थानों पर प्रशासन ने बर्फ हटाने के लिए मशीनरी तैनात कर दी है। लोक निर्माण विभाग और विद्युत बोर्ड की टीमें सड़क बहाली और बिजली आपूर्ति सुचारु करने में जुटी हैं। लोगों से अनावश्यक यात्रा न करने और मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करने की अपील की गई है।
कुल्लू और लाहौल के ऊंचाई वाले इलाकों में हिमस्खलन का खतरा
हिमालयी क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी बर्फबारी के बीच कुल्लू और लाहौल में हिमखंड गिर सकते हैं। अगले 24 घंटों में कुल्लू और लाहौल में 2,200 मीटर से ऊपरी इलाकों में हिमखंड गिरने का अलर्ट है। 25 जनवरी तक हिमखंड का खतरा बताया है। मनाली-लेह मार्ग के क्लाथ, नेहरूकुंड, कुलंग, पलचान, कोठी से रोहतांग दर्रा, कोकसर-सिस्सू-तांदी, तांदी-केलांग-दारचा रूट के अलावा दारचा-पटसेउ-जिंगजिंगबार, अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ पोर्टल से सिस्सू-तांदी, जिंगजिंगबार व बारालाचा, सरचू के बीच हिमखंड गिर सकते है।
वहीं, अटल टनल के साउथ पोर्टल, तांदी-थिरोट, उदयपुर, छतडू-लोसर, ताबो -काजा-समदो, जलोड़ी दर्रे से खनाग के बीच हिमस्खलन की आशंका जताई है। कुल्लू के एडीसी अश्वनी कुमार ने जिलावासियों से बर्फीले और संवदेनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है। सैलानियों को भी अति संवेदनशील इलाकों की तरफ न जाने की सलाह दी है।
शनिवार और रविवार को हल्की, 27 को फिर भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में शनिवार और रविवार को हल्की बर्फबारी और बारिश के आसार हैं। मैदानी जिलों में मौसम शुष्क बना रहेगा। 26 जनवरी से प्रदेश में दोबारा नया पश्चिमी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते 27 जनवरी को उच्च और मध्य पर्वतीय जिलों किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला के कई क्षेत्रों में भारी बर्फबारी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट है जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा में बारिश की संभावना है। 28 जनवरी को बारिश-बर्फबारी का येलो अलर्ट जारी हुआ है।
शिमला में तीन साल बाद एक दिन में हुई पूरे महीने की बर्फबारी
राजधानी शिमला में शुक्रवार को तीन साल बाद जनवरी के दौरान एक दिन में पूरे महीने की बर्फबारी दर्ज हुई। शिमला में शुक्रवार को 25.3 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई। इससे पूर्व साल 2023 के पूरे जनवरी के दौरान शहर में 9 सेंटीमीटर, 2024 में शून्य और 2025 में 12.6 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज हुई थी। इस बार सीजन की पहली ही बर्फबारी 20 सेंटीमीटर हुई है। राजधानी में बीते कई माह से बारिश का इंतजार था। बारिश की जगह शहर में शुक्रवार तड़के सीधे बर्फबारी ही हुई।
मनाली में जाम में फंसे मरीज की माैत सोलन में किशोरी पर आ गिरी चट्टान
भारी बारिश, बर्फबारी से प्रदेश में चार लोगों की जान चली गई। प्रीणी से मनाली के लिए रेफर ऊना निवासी मरीज की जाम में फंसने से माैत हो गई। कांगड़ा के डमटाल में भी एक व्यक्ति की ठंड से माैत का अंदेशा है। सोलन में 15 साल की किशोरी की चट्टान के नीचे दबने से जान चली गई। मंडी में हाइवा के खड्ड में गिरने से ट्रक चालक की मौत हो गई। सोलन जिले के गोल गांव में बारिश के दौरान चट्टान गिरने से 15 साल की किशोरी चपेट में आ गई।
हिमानी सुबह 10 बजे बहन के साथ घर से दूध लेकर गांव में जा रही थी। घर से करीब एक किमी की दूरी पर अचानक पहाड़ी से चट्टान आ गिरी और हिमानी उसके नीचे दब गई। बहन रेणु ने पास लगते एक घर जाकर लोगों को बुलाया जब तक लोगों ने चट्टान को हटाया, मगर तब तक हिमानी दम तोड़ चुकी थी। हिमानी के पिता दुनी चंद पिकअप चलाते हैं और घटना के समय वह पिकअप में सामान लेकर शिमला गए थे।
उधर, मंडी जिले के चैलचौक-पंडोह वाया गोहर मार्ग पर हाइवा खड्ड में जा गिरा और चालक की मौके हो गई। वह मलबा फेंकने के लिए हाइवा को बैक कर रहा था। उधर, भरमाैर में भरमाणी माता मंदिर गए दो युवक लापता हैं।
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