नेरचौक मेडिकल कॉलेज का मामला : - रैगिंग के झूठे आरोप लगाकर प्रशिक्षु डॉक्टर ने पहले मारपीट के लिए उकसाया
नेरचौक मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु डॉक्टर ने उसके साथ मारपीट करने के दो अन्य सीनियर प्रशिक्षु डॉक्टरों पर आरोप लगाए, वह नशे में था। कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी ने कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं।
श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में सेकेंड ईयर के प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ मारपीट मामले में कई खुलासे हुए हैं। जिस प्रशिक्षु डॉक्टर ने उसके साथ मारपीट के आरोप दो अन्य सीनियर प्रशिक्षु डॉक्टरों पर लगाए थे, वो नशे का आदि निकला। यही नहीं, शिकायतकर्ता प्रशिक्षु डॉक्टर ने शिकायत के बाद अपने केस को वापस लेने की एवज में सीनियर प्रशिक्षु डॉक्टरों से पैसों की मांग भी की थी। यह सारी बातें कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी द्वारा की गई जांच में सामने आई हैं।
श्री लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक के प्राचार्य डॉ. डीके वर्मा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच के बाद मारपीट करने वाले दोनों थर्ड ईयर के प्रशिक्षु डॉक्टरों को 1 वर्ष के लिए होस्टल से जबकि तीन महीनों के लिए कक्षाओं से निष्कासित करने के साथ ही 20-20 हजार का जुर्माना भी लगाया गया है। जबकि शिकायत करने वाले प्रशिक्षु डॉक्टर को 6 हफ्तों के लिए होस्टल से निष्कासित करने के साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। डॉ. वर्मा ने बताया कि मारपीट करने वाले दोनों प्रशिक्षु डॉक्टर पहले भी रैगिंग के मामले में संलिप्त रह चुके हैं और उन्हें पहले भी छः महीनों के लिए कॉलेज से निलंबित किया जा चुका है। तीनों को काउंसलिंग के लिए भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्रशिक्षु डॉक्टरों की मारपीट का यह मामला 18 दिसंबर 2025 शाम 6 बजे का है। पीड़ित प्रशिक्षु डॉक्टर ने इसकी शिकायत अगले दिन छात्रावास के प्रबंधक व थाना बल्ह में दर्ज करवाई थी। पीड़ित प्रशिक्षु डॉक्टर ने थर्ड ईयर के दो सीनियर प्रशिक्षु डॉक्टरों पर इसके साथ मारपीट और रैगिंग करने के आरोप लगाए थे। शिकायत मिलने के बाद कालेज प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया। कमेटी ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट कॉलेज के प्राचार्य को सौंपी, जिसमें मारपीट के आरोप सही पाए गए, लेकिन रैगिंग के आरोप निराधार निकले। प्राचार्य डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि जांच में यह बात सामने आई कि शिकायतकर्ता प्रशिक्षु डाक्टर ने दोनों सीनियर को किसी बात को लेकर भड़काया और खुद इस बात से बचने के लिए रैगिंग के आरोप लगाए दिए।
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