शिमला में मंत्रिमंडलीय उप समिति की तीसरी बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने हिमाचल भू सुधार अधिनियम 1954 की धारा-123 के अनुसार नायब तहसीलदार और तहसीलदार को छह माह के भीतर तकसीम के मामलों को हल करने का आदेश दिया।
राजस्व मंत्री ने प्रदेश सरकार की ओर से संशोधन के बाद हिमाचल भू सुधार अधिनियम 1954 की धारा-123 के तहत नायब तहसीलदार और तहसीलदार छह माह के भीतर तकसीम के मामलों का निपटारा करने के निर्देश दिए। इसी तरह निशानदेही के मामलों के लिए दो माह का समय और दुरुस्ती के मामलों के लिए तीन माह का समय निर्धारित किया गया है।
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने सभी जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिला में सभी विभागों के साथ बैठक आयोजित कर 31 मार्च तक भूमि का आंकड़ा एकत्रित करें। इसके लिए गूगल स्प्रेडशीट सभी जिला उपायुक्तों के साथ साझा की जाएगी, जिसमें वह अपने-अपने जिला की उपयोग में नहीं लाई गई भूमि और खाली पड़ी भूमि का ब्योरा देंगे। राजस्व एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में बुधवार को शिमला में मंत्रिमंडलीय उप समिति की तीसरी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सभी जिला के उपायुक्त वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
इस बैठक में अवगत करवाया गया कि राजस्व विभाग की ओर से विभिन्न विभागों को हस्तातंरित और उपयोग में लाई गई भूमि में अंतर पाया गया है। राजस्व विभाग की ओर से वर्ष 2016 से कृषि विभाग को 399-14 बीघा, पशुपालन विभाग को 3029 बीघा, सहकारिता विभाग को 01-73-15 हेक्टेयर, शिक्षा विभाग को 1135-18 बीघा, मत्स्य पालन विभाग को 140 बीघा, स्वास्थ्य विभाग को 257-23 बीघा, गृह विभाग को 364-15 बीघा, न्यायपालिका को 319-17-18 बीघा, बागवानी विभाग को 68-15 बीघा और आवासीय विभाग को 3294 बीघा भूमि का हस्तांतरण किया गया है।
उद्योग विभाग को 20601-14 बीघा, बहुउद्देेशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा विभाग को 3841 बीघा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को 252-18 बीघा, तकनीकी शिक्षा विभाग को 122-01 बीघा, पर्यटन को 718-16 बीघा, परिवहन विभाग को 89-17 बीघा और युवा सेवाएं एवं खेल विभाग को 123-05 बीघा भूमि हस्तातंरित की जा चुकी है।
इस बैठक में अवगत करवाया गया कि संबंधित विभाग को भूमि हस्तातंरित होने के बाद दो वर्ष तक इस्तेमाल न किए जाने की स्थिति में भूमि राजस्व विभाग को वापस की जाती है। इस अवसर पर राजस्व लोक अदालतों के मामलों पर भी चर्चा हुई। बैठक में सचिव डिजिटल टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस आशीष सिंहमार, पशुपालन विभाग के सचिव रितेश चौहान, अतिरिक्त सचिव राजस्व बलवान चंद और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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