बिलासपुर वाहन पंजीकरण फर्जीवाड़ा : - शराब के सहारे किया गया काम, मुख्य आरोपी गौरव अभी भी फरार है

आरएलए बिलासपुर वाहन पंजीकरण घोटाले की जांच में पता चला कि शराब ने फर्जी वाहन पंजीकरण का काम चलाया था। साथ ही, आरोपी का फरार होना घोटाले में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका का संकेत है।


आरएलए बिलासपुर के बहुचर्चित वाहन पंजीकरण घोटाले की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार फर्जी वाहन पंजीकरण का काम शराब के सहारे करवाया जाता था, जबकि पूरा खेल पीछे बैठकर फरार सीनियर असिस्टेंट गौरव संचालित कर रहा था। पुलिस की सक्रियता बढ़ते ही आरोपी फरार हो गया और अब दिल्ली में अग्रिम जमानत लेने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली न्यायालय में एक बार जमानत की अर्जी लगाकर गौरव उसे वापस ले चुका है, वहीं दूसरी बाद अर्जी लगाई है।

आरोपी का फरार होना इस बात का संकेत है कि घोटाले में उसकी भूमिका अहम रही है। अब जांच एजेंसियां उसकी गिरफ्तारी को पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की अहम कड़ी मान रही हैं। जानकारी के मुताबिक पहले से गिरफ्तार वरिष्ठ सहायक सुभाष को न तो पैसों के लेनदेन की जानकारी थी और न ही पूरे नेटवर्क का अंदाजा। उससे जो भी काम कराया जाता था, उसके बदले उसे शराब की एक बोतल उपलब्ध कराई जाती थी। इसी कारण जांच के दौरान पैसों की परतों को लेकर सुभाष कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रहा है। जांच में सामने आया है कि जब वाहन पंजीकरण पोर्टल को बीएस-4 से बीएस-6 में बदला जा रहा था, उसी दौरान बैकएंड के जरिये सैकड़ों वाहनों की फर्जी एंट्री की गई। उस समय गौरव आरएलए बिलासपुर में तैनात था।



आरोप है कि उसके पास विभाग के अन्य कर्मचारियों और उच्चाधिकारियों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड थे, जिनका इस्तेमाल कर फर्जी रजिस्ट्रेशन को अप्रूव किया गया। बताते चलें कि दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने गत बुधवार रात और वीरवार को बिलासपुर में गौरव के घर पर दबिश दी थी, लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस को मौके पर उसकी आलीशान कोठी और लग्जरी गाड़ियां ही मिलीं, जिनकी फोटोग्राफी की गई है। सूत्रों का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए गौरव दिल्ली में अग्रिम जमानत लेने की कोशिश कर रहा है। बताया जा रहा है कि उसने पहले भी जमानत अर्जी दायर की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया। अब दोबारा जमानत के प्रयास किए जा रहे हैं। 

आय से अधिक संपत्ति पर सवाल

जांच एजेंसियों को गौरव के पास थार, क्रेटा सहित कई महंगी गाड़ियां, वीआईपी नंबर प्लेट, एसी से लैस आलीशान मकान मिला है। एक सीनियर असिस्टेंट के पद पर रहते हुए इतनी संपत्ति कैसे अर्जित की गई, यह अब जांच का अहम बिंदु बन गया है।

Comments

Popular posts from this blog

Appeal for Financial Support by Rohit Rana, Alumnus of J.V.S. Public Senior Secondary School, Baijnath ( HP )

धर्मशाला छात्रा मौ-त मामला : - राजकीय प्राध्यापक संघ ने तुरंत बैठक बुलाई, एसपी कांगड़ा से भी मुलाकात की

हिमाचल प्रदेश : - आईआईटी मंडी की खोज: कांगड़ा में पर्याप्त पानी, मंडी में संतुलन और कुल्लू में संकट