हिमाचल प्रदेश : - स्कूली विद्यार्थी अटल की कविता पढ़ेंगे और सुभाष चंद्र बोस के युवा स्वप्न से आगे बढ़ने के बारे में सीखेंगे।

हिमाचल प्रदेश के स्कूली विद्यार्थी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता, "कदम मिलाकर चलना होगा" पढ़कर आगे बढ़ने की प्रेरणा लेंगे। इस पाठ्यपुस्तक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के युवा के सपने (उद्बोधन) भी हैं।

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत अध्ययनरत विद्यार्थी इस बार पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की लिखित कविता कदम मिलाकर चलना होगा को पढ़ेंगे। यह कविता आठवीं कक्षा की हिंदी की पुस्तक मल्हार में पढ़ने को मिलेगी। इस कविता को नेशनल काउंसलिंग ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) ने पहले ही पढ़ाना शुरू कर दिया है, लेकिन इस बार से हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के विद्यार्थी भी एनसीईआरटी का ही सिलेबस पढ़ेंगे, जिसके तहत वे भी 8वीं कक्षा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कविता कदम मिलाकर चलना होगा को पढ़ कर आगे बढ़ने की प्रेरणा लेंगे। ये कविता देशवासियों से एक साथ चलने की अपील करती है। 

इस पाठ्यपुस्तक में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के तरुण के स्वप्न (उद्बोधन) को भी शामिल किया गया है, जिसे नेताजी ने 29 दिसंबर, 1929 को मेदिनीपुर जिला युवा सम्मेलन में दिया था। इस अध्याय में नेताजी के उस स्वप्न बारे लिखा गया है, जिसमें उन्होंने युवाओं से एक नया सर्वांगीण स्वाधीन संपन्न समाज। उस समाज में व्यक्ति सब दृष्टियों से मुक्त हो और समाज के दबाव से वह मरे नहीं। उस समाज में जातिभेद का स्थान नहीं हो, उस समाज में नारी मुक्त होकर समाज एवं राष्ट्र के पुरुषों की तरह समान अधिकार का उपभोग करे...आदि के बारे में कहा था। वहीं इस पाठ्य पुस्तक में गयाप्रसाद शुक्ल स्नेही, भीष्म साहनी, दुष्यंत कुमार, भारतेंदु हरिशचंद्र, कबीर, माधवराव सप्रे, महादेवी वर्मा, उदयशंकर भट्ट, गिरिजा कुमार माथुर और सूर्यकांत त्रिपाठी आदि की कहानियां और रचनाएं होंगी। 

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