कुल्लू अग्नि दुर्घटना : - डढेई में आग लगने से सवा करोड़ से अधिक की संपत्ति जली, दो घर और देवता का भंडार जला

रविवार देर रात जिला कुल्लू के डढेई गांव में आग लगने से सवा करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

पार्वती घाटी की पंचायत पुंथल के डढेई गांव में रविवार देर रात आग की घटना में 12 और 18 कमरों के ढाई मंजिला मकान सहित देवता अठारह पेड़े का चार मंजिला काष्ठकुणी शैली का भंडार जलकर राख हो गया। इस अग्निकांड में सवा करोड़ से अधिक की संपत्ति का नुकसान हुआ है। गांव तक सड़क न होने के चलते आग बुझाने में परेशानी हुई। बड़ी मुश्किल से ग्रामीणों और दमकल ने आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

जानकारी के अनुसार रविवार रात करीब 1:30 बजे श्याम सुंदर के मकान में अचानक चिंगारी भड़की। आग ने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद आग की चपेट में प्यारे लाल का मकान भी आ गया। काष्ठ कुणी शैली का चार मंजिला देवता अठारह पेड़े का भंडार और लंगर सराय भी आग की भेंट चढ़ गए। प्यारे लाल के मकान के ढाई मंजिला मकान में 12 कमरे और दो हॉल थे। इसमें सारा सामान जल गया। वहीं श्याम सुंदर के स्लेटपोश 18 कमरों वाले मकान में राशन, बिस्तरे आदि सामान जल गया। आग के बाद यहां एक सिलिंडर भी फटा, जिससे आग और भी भड़क गई।

खेख राम के ढाई मंजिला मकान को भी क्षति पहुंची है। गांव तक पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर सीधी चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। गांव सड़क सुविधा से वंचित है। आग की सूचना दमकल विभाग को भी दी गई। सूचना मिलने के बाद दमकल के कर्मियों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। करीब पांच घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। वार्ड पंचायत पुंथल की वार्ड पंच मीना देवी ने कहा कि आग की घटना से गांव में काफी क्षति हुई है। वहीं दमकल चौकी प्रभारी जरी टिकम राम ने कहा कि देवता अठारह पेड़े का भंडार, साजो सामान और दो मकान जलकर राख हुए हैं। आग की घटना में एक करोड़ 20 लाख रुपये की संपत्ति जलने का अनुमान है। नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है।





Comments

Popular posts from this blog

Appeal for Financial Support by Rohit Rana, Alumnus of J.V.S. Public Senior Secondary School, Baijnath ( HP )

धर्मशाला छात्रा मौ-त मामला : - राजकीय प्राध्यापक संघ ने तुरंत बैठक बुलाई, एसपी कांगड़ा से भी मुलाकात की

हिमाचल प्रदेश : - आईआईटी मंडी की खोज: कांगड़ा में पर्याप्त पानी, मंडी में संतुलन और कुल्लू में संकट