अनुराग ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम् राष्ट्रभक्तों को उत्साह देता है और राष्ट्रविरोधियों को थका देता है।

हमीरपुर से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि वंदे मातरम राष्ट्रविरोधियों को थका देता है, लेकिन राष्ट्रभक्तों को उत्साह देता है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि वंदे मातरम् से राष्ट्रभक्तों के लिए एनर्जी मिलती है, जबकि राष्ट्र विरोधियों के लिए यह एलर्जी है। वंदे मातरम सिर्फ गीत नहीं बल्कि राष्ट्रप्रेम की रीत है और कांग्रेस इसी से भयभीत है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि वंदे मातरम् कोई धार्मिक गीत नहीं, किसी व्यक्ति या दल या राज्य का गीत नहीं, वंदे मातरम् राष्ट्र की आत्मा का गीत है, भारत के गौरव का गीत है। हर भारतीय के आशाओं-आकांक्षाओं का सुरमयी गीत है। वंदे मातरम से जो हिस्से कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू के कहने पर हटाए, उन हिस्सों के बड़े किस्से हैं। उन हिस्सों में मां दुर्गा की स्तुति थी। शक्ति की आराधना थी, उन हिस्सों को हटाना भारत की आत्मा को चीरना था। कांग्रेस एंड कंपनी ने वंदे मातरम् के विरुद्ध एक महापाप किया है। आज उस महामंत्र के रचना का 150वां साल मनाया जा रहा है कांग्रेस चाहे तो उस महापाप का प्रायश्चित कर सकती है।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि जिन्ना और लीगी मानसिकता को खुश करने के लिए नेहरू ने वंदे मातरम को काट-छांट कर छोटा कर दिया। 1947 में उसी जिन्ना को खुश करने के लिए इन्होंने भारत के दो टुकड़े भी कर दिए। आजादी के 78 साल बाद भी कांग्रेस पार्टी जिन्ना के मुन्ना को खुश रखने के लिए वंदे मातरम् पर गंदी राजनीति कर रही है। भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् इच्छा और अनिच्छा का विषय नहीं हो सकता। क्या सच में मातृभूमि के सामने सर झुकाने से भारत माता को नमन करने से किसी के धार्मिक भावना आहत हो जाती है।





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