विनियामक आयोग ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में घरेलू बिजली की दरें अगले साल नहीं बढ़ेंगी
राज्य विद्युत बोर्ड ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर बिजली दरों को यथावत रखने का प्रस्ताव बनाकर विद्युत विनियामक आयोग को भेजा है।
हिमाचल प्रदेश के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। साल 2026 में घरेलू बिजली की दरें नहीं बढ़ेंगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश के बाद राज्य विद्युत बोर्ड ने बिजली दरें यथावत रखने का प्रस्ताव तैयार कर विद्युत विनियामक आयोग में याचिका दायर कर दी है। सरकार के मुताबिक, अब सब्सिडी केवल जरूरतमंद और पात्र उपभोक्ताओं को ही उपलब्ध करवाई जाएगी। सब्सिडी का दायरा कम होने पर घरेलू बिजली के बढ़े हुए बोझ को उपभोक्ताओं पर न डालने के लिए सरकार ने कदम उठाया है।
राज्य सरकार ने बोर्ड को दिए निर्देश
राज्य सरकार ने बोर्ड को निर्देश दिए हैं कि घरेलू बिजली महंगी न की जाए। इसी के मद्देनजर बोर्ड ने नई टैरिफ पिटीशन में बिजली की मौजूदा दरें ही बरकरार रखने की सिफारिश की है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया है कि बिजली की दरें बढ़ाना विकल्प नहीं है। बोर्ड ने वर्ष 2026-27 के लिए अपने कुल 8,635 करोड़ रुपये के अनुमानित राजस्व घाटे के साथ आवश्यकताओं का ब्योरा आयोग को भेजा है। 8,635 करोड़ की यह राशि सब्सिडी सीमित करने, बढ़ती लागत व वर्तमान टैरिफ संरचना के चलते पैदा हुई है। सरकार ने आश्वस्त किया है कि वह बिजली बोर्ड की वित्तीय आवश्यकता की भरपाई करेगी, ताकि उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का अतिरिक्त बोझ न आए।
एक उपभोक्ता को अधिकतम चार घरेलू मीटरों पर सब्सिडी
नए वित्त वर्ष से सब्सिडी व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। एक उपभोक्ता को चार घरेलू बिजली मीटरों पर ही सब्सिडी मिलेगी। इससे अधिक मीटरों पर सब्सिडी नहीं दी जाएगी। यह व्यवस्था उन उपभोक्ताओं को लक्षित करेगी, जो सही मायनों में सब्सिडी के पात्र हैं। ऊर्जा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सब्सिडी संरचना में सुधार करने से वास्तविक जरूरतमंदों तक राहत पहुंचेगी।
वर्ष 2025 में 15 पैसे प्रति यूनिट घटाई थी घरेलू दरें
हिमाचल में एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक बिजली की घरेलू दरें 15 पैसे प्रति यूनिट तक घटाई गई हैं। 28 मार्च 2025 को जारी नई दरों के तहत सरकार ने उपभोक्ताओं को यह बड़ी राहत दी थी। अप्रैल 2026 से भी यही घरेलू दरें लागू होंगी। उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ नहीं पड़ेगा। 125 यूनिट तक बिजली निशुल्क मिलती रहेगी। 125 यूनिट से अधिक खपत होने पर शून्य से 125 तक प्रति यूनिट दर 5.45 रुपये रहेगी। 126 से अधिक खपत पर 5.90 रुपये प्रति यूनिट चुकाने होंगे।
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