हिमाचल प्रदेश : - 1.2 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त, क्रिप्टो करेंसी ठगी मामले में गिरफ्तारी की तैयारी

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राज्य में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में संदिग्धों की 1.2 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है।

हिमाचल प्रदेश में क्रिप्टो करेंसी के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने संदिग्धों की 1.2 करोड़ की संपत्ति फ्रीज कर दी है। शनिवार को ईडी ने हिमाचल और पंजाब में एक साथ आठ ठिकानों पर दबिश दी थी। धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत की गई कार्रवाई के दौरान ईडी ने तीन तिजोरियां, बैंक में जमा राशि और एफडी को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा कई अचल संपत्तियों में निवेश से जुड़े दस्तावेज, निवेशकों का विवरण, कमीशन ढांचा और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं। इनके आधार पर अब ठगी में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी की तैयारी की जा रही है।

ईडी की जांच एक फर्जी क्रिप्टो करेंसी मामले से जुड़ी है, जिसमें हिमाचल और पंजाब के हजारों लोगों से लगभग 2,300 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। जांच दोनों राज्यों के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज अलग-अलग एफआईआर के आधार पर चल रही है। मामले में मुख्य आरोपी मंडी निवासी सुभाष शर्मा और उसके सहयोगी हैं। सुभाष विदेश भाग चुका है। ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कोर्वियो, वोस्क्रो, डीजीटी, हाइपनेक्स्ट और ए-ग्लोबल जैसे फर्जी माध्यमों से क्रिप्टो करेंसी के नाम पर ठगी की।

लोगों को कई गुणा अधिक लाभ का लालच दिया, जबकि वास्तव में यह सब फर्जी था। यह भी खुलासा हुआ कि फर्जी टोकन मूल्यों में हेरफेर किया गया और धोखाधड़ी छिपाने के लिए बार-बार नए नामों से कंपनियां दोबारा शुरू की गईं। ईडी के रडार पर अब कई बिल्डर, शेल कंपनियों के संचालक, कमीशन एजेंट और आरोपियों के रिश्तेदार हैं, जिनके व्यक्तिगत बैंक खातों के जरिए अपराध से अर्जित धन को ठिकाने लगाया गया।

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