मुख्यमंत्री सुक्खू ने पूछा कि राधे-राधे बोलने का क्या अर्थ है? इसका प्रश्न था; भारतीय जनता पार्टी ने काटकर चलाया

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की परिभाषा वे न सिखाएं जो खुद सनातन धर्म की राजनीति कर वोट प्राप्त करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने राधे-राधे पर चल रहे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी।


मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने धर्मशाला में आयोजित वॉकथॉन के दौरान मीडिया के बात करते हुए कहा कि सनातन धर्म की परिभाषा वे न सिखाएं जो खुद सनातन धर्म की राजनीति कर वोट प्राप्त करते हैं। सनातन धर्म का मतलब है कर्म अच्छे करना, सेवा करना, दिन दयाल और गरीबों की मदद करना। धर्मशाला में बच्चियों से मिला था तो उनसे पूछा था कि राधे-राधे क्यों बोलते हैं, इसका अर्थ क्या है। मगर भाजपा ने क्या अर्थ है नहीं बताया और उसे आधा काट कर चला दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अयोध्या में राम मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा समारोह था तो उस समय केंद्र में भाजपा सरकार थी और उन्होंने आधे दिन की छुट्टी दी थी। मगर हिमाचल में कांग्रेस सरकार थी और हमने प्रदेश में पूरे दिन की छुट्टी दी थी। कन्या पूजन, गोवर्धन पूजा आदि हमें आज से नहीं बचपन से सिखाया जाता है। इसलिए सनातन धर्म की परिभाषा वे न सिखाएं, जिन्होंने खुद सनातन के नाम पर राजनीति कर वोट प्राप्त करने का काम किया है। प्रदेश में भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। उनका काम बस यह रह गया है कि अगर मैं कहीं जाता हूं या बच्चों से मिलता हूं तो इसका वीडियो बना लेते हैं। भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की संपदा को लुटाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब अयोध्या में राम मंदिर में प्राणप्रतिष्ठा समारोह था तो उस समय केंद्र में भाजपा सरकार थी और उन्होंने आधे दिन की छुट्टी दी थी। मगर हिमाचल में कांग्रेस सरकार थी और हमने प्रदेश में पूरे दिन की छुट्टी दी थी। कन्या पूजन, गोवर्धन पूजा आदि हमें आज से नहीं बचपन से सिखाया जाता है। इसलिए सनातन धर्म की परिभाषा वे न सिखाएं, जिन्होंने खुद सनातन के नाम पर राजनीति कर वोट प्राप्त करने का काम किया है। प्रदेश में भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। उनका काम बस यह रह गया है कि अगर मैं कहीं जाता हूं या बच्चों से मिलता हूं तो इसका वीडियो बना लेते हैं। भाजपा ने हिमाचल प्रदेश की संपदा को लुटाया है।

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि पांच साल में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश को केवल लूटने का काम किया है। जनता की करोड़ों की संपदा को कौड़ियों के भाव में लुटा दिया गया, जिसका जनता को पता नहीं लगता। 4500 बीघा जगह को 1.22 करोड़ रुपये में कस्टमाइज्ड पैकेज के नाम पर दे दी, जिसकी कीमत करीब पांच हजार करोड़ रुपये कीमत है। उस जगह पर एक नया शहर बसाया जा सकता था। भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए विधानसभा में उन मुद्दों पर बात नहीं करते। केवल इन मुद्दों पर चर्चा करने बैठ जाते हैं।

ऑल्टो कार के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे उन्होंने अपनी कमाई से खरीदी है। हर बार बजट में ऑल्टो में ही जाते हैं। एक गरीब परिवार से निकला हूं, इसलिए गरीब परिवार का दर्द समझता हूं। जब से मुख्यमंत्री बना हूं तब से सही सोचा है कि जो कमाऊंगा इसे जनता में बांटूंगा। मुख्यमंत्री बनाने के बाद मैंने कोई संपत्ति नहीं बनाई और न कोई होटल बनाए, कोई जगह नहीं खरीदी है। हमेशा यह सोच के काम करता हूं कि जो समाज ने मुझे दिया है वे मैं समाज को वापस करुंगा। मुख्यमंत्री को जनता के बीच रहकर आज जनता से बात करनी चाहिए।

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