19 वर्ष बाद भी कटासनी स्टेडियम पूरा नहीं हुआ; 17 करोड़ रुपये खर्च, पांच सरकारें बदली, ड्रीम प्रोजेक्ट केवल फाइलों में कैद
हिमाचल प्रदेश के शिमला में स्थित कटासनी बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम की हालत बदतर है। सिस्टम फेलियर की मूक गवाही दे रहा है आठ मंजिला अधूरा ढांचा। पहाड़ों के बीच खेल प्रतिभाओं को तराशने का सपना लेकर शुरू हुआ कटासनी बहुउद्देशीय खेल स्टेडियम आज खुद अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। जिस परियोजना से प्रदेश के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलने की उम्मीद थी, वह अब सरकारी फाइलों और अधूरे ढांचों के बीच सिमटकर रह गई है। आठ मंजिला अधूरा ढांचा सिस्टम फेलियर की मूक गवाही दे रहा है। खिलाड़ियाें को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने की जहां परिकल्पना हुई थी वहां आज जर्जर दीवारें, उखड़े सरिये की छड़ें और जगह-जगह बिखरी लाखों रुपये की निर्माण सामग्री नजर आती है। 19 साल बीत चुके हैं, लेकिन बहुउद्देशीय कटासनी स्टेडियम का सपना अब तक हकीकत नहीं बन पाया है। मंगलवार को मौके पर पहुंचने पर दिखा कि निर्माणाधीन छह मंजिला भवन का अधिकांश हिस्सा मौसम और लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। अधूरे निर्माण कार्य के आसपास झाड़ियां उग आई हैं। लाखों रुपये की मशीनरी जंग लगने से खराब हो गई है। यहां असामाजिक तत्वों के डेरा डाल...