हिमाचल प्रदेश के 82 फार्मा उद्योगों में दवा उत्पादन ठप, रिवाइज शेड्यूल एम के चलते रोका उत्पादन
हिमाचल प्रदेश में लगभग 10 हजार युवा लोगों की नौकरी खतरे में है। रिवाइज्ड शेड्यूल एम कारण है। केंद्रीय औषधि नियंत्रण विभाग की ओर से जारी रिवाइज्ड शेड्यूल एम (संशोधित अनुसूचित एम) के लागू होने से पहले ही प्रदेश में 82 दवा उद्योगों में उत्पादन ठप हो गया है। इसके चलते करीब 10 हजार युवाओं की नौकरी खतरे में पड़ गई है। रिवाइज्ड शेड्यूल एम एक जनवरी 2026 से लागू होना है। प्रदेश में पहले ही नियम के तहत निरीक्षण शुरू हो गए हैं। दवा कंपनियों का कहना है कि हिमाचल प्रदेश में निरीक्षण केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी नहीं, बल्कि राज्य ड्रग विभाग की ओर से किया जा रहा है, जो नियमों के खिलाफ है। रिवाइज्ड शेड्यूल एम को एक जनवरी से लागू किया जाना है, लेकिन निरीक्षण कार्यवाही नवंबर में शुरू कर दी गई थी। इस कारण, अब तक 82 से अधिक उद्योगों में काम बंद हो चुका है। अगर यह नियम पूरी तरह से लागू हो जाता है तो 250 से अधिक उद्योग बंद हो सकते हैं। उद्योगपतियों का आरोप है कि सीडीएसओ ने ऐसे नियम लागू किए हैं जिन्हें छोटे दवा उद्योग पूरा नहीं कर सकते। उद्योगपतियों ने केंद्र सरकार से इस मामले पर पुनर्विचार करने की मांग ...