सीआईडी साइबर सेल ने पिरामिड स्कीमों का जाल फेंकने के लिए एडवाइजरी जारी की

 हिमाचल प्रदेश में ठग लोगों को फर्जी वेबसाइटों, मोबाइल एप, टेलीग्राम चैनलों, व्हाट्सएप ग्रुपों और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर आकर्षक ऑफर देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। साइबरसेल ने बताया कि पूरा मॉडल पिरामिड योजना पर आधारित है।


Online निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं। आम लोगों को करोड़पति बनने का सपना दिखाकर ठगी की जा रही है। राज्य सीआईडी की साइबर सेल ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है क्योंकि इस तरह की शिकायतों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बताया गया है कि ठग लोगों को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों, व्हाट्सएप ग्रुप, टेलीग्राम चैनल, मोबाइल एप और फर्जी वेबसाइटों पर आकर्षक ऑफर प्रदान कर रहे हैं। 


पहले छोटे निवेश पर बड़े लाभ मिलते हैं। जब कोई भरोसा करता है, तो उसे रेफरल इनकम और मल्टी लेवल इन्वेस्टमेंट में अधिक धन लगाने की प्रेरणा मिलती है। शुरू में कुछ धन वापस करके सिस्टम को सुरक्षित दिखाया जाता है। जब एक निवेशक बड़ी रकम डालता है, ऐप, लिंक और ग्रुप अचानक गायब हो जाते हैं।


साइबरसेल ने बताया कि पूरा मॉडल पिरामिड योजना पर आधारित है। इसमें रिटर्न नए लोगों द्वारा लगाए गए पैसे से मिलता है, न कि किसी व्यापार से। भारत में यह मॉडल गैरकानूनी है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले तीन महीनों में ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है। सबसे अधिक निशाना बनाया जा रहा है युवाओं, महिलाओं और रिटायर्ड कर्मचारियों।


सीआईडी ने लोगों से कहा है कि वे रिटर्न की गारंटी, रेफरल इनकम और दिन में हजारों रुपये कमाने वाली योजनाओं से दूर रहें। निवेश करने से पहले, संस्था की पंजीकरण स्थिति, सेबी या आरबीआई की स्वीकृति और कानूनी वैधता की जांच करनी चाहिए। साथ ही साइबर सेल ने कहा है कि किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें। जालसाजी की आशंका होने पर साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें।

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