हिमालय: बीएड डिग्री धारकों के लिए पहली से पांचवीं तक पढ़ाने के लिए ब्रिज कोर्स अनिवार्य, ऑनलाइन आवेदन शुरू
हिमाचल प्रदेश में बीएड धारक शिक्षकों को प्रशिक्षण के रूप में ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों को इस कोर्स के लिए आवेदन करने के लिए कहा है।
बीएड डिग्री धारक शिक्षकों को प्रशिक्षण के रूप में ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के ब्रिज कोर्स में नामांकन के लिए आवेदन करना शुरू हो गया है, जो छह महीने चलेगा। 25 दिसंबर इसका अंतिम दिन होगा।
इस पाठ्यक्रम से बीएड डिग्री धारकों को प्राथमिक स्कूल में शिक्षक बनना होगा। शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे शिक्षकों को इस कोर्स के लिए आवेदन करने के लिए कहा है। जिला उप शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक शिक्षा) राज कुमार पराशर ने बताया कि पहली से पांचवीं तक नियुक्त शिक्षकों को बीएड के आधार पर इस पाठ्यक्रम को करने पर ही मान्यता मिलेगी। कोर्स को पूरा नहीं करने पर यह शिक्षक सेवा से निकाला जाएगा। इसके लिए सभी जिलों को आदेश भेजे गए हैं।
बीएड की डिग्री के आधार पर निजी प्राथमिक स्कूलों में 28 जून 2018 से 11 अगस्त 2023 के बीच नियुक्त शिक्षकों को अनिवार्य प्रशिक्षण के रूप में छह महीने का ब्रिज कोर्स करना होगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने यह छह महीने का ब्रिज कोर्स तैयार किया है। यह कोर्स राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) करवाएगा। यह कोर्स उन शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगा जिन्होंने बीएड किया है और वे निजी स्कूलों में बच्चों को पढ़ा रहे हैं। इस कोर्स को पूरा करने के बाद ही शिक्षक स्कूलों में पहली से पांचवीं पढ़ा सकेंगे।
इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की ओर से अधिसूचना जारी कर दी गई है। सभी डिग्री धारकों को ऑनलाइन पोर्टल पर ब्रिज कोर्स के लिए आवेदन करना होगा। बिना ब्रिज कोर्स किए वे स्कूलों में बच्चों को शिक्षा नहीं दे पाएंगे। -मोहिंद्र चंद पिरटा, शिक्षा उपनिदेशक (प्रारंभिक शिक्षा)
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