सरकार ने पंचायत चुनाव को टालना चाहते थे, लेकिन विपक्ष ने स्थगन प्रस्ताव लाया
शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन में प्रश्नकाल में विवाद हुआ, जिसके परिणामस्वरूप विपक्ष ने पंचायत चुनावों को स्थगित करने की मांग करते हुए स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया। हिमाचल प्रदेश की चौथी विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से तपोवन में शुरू हो गया है। 5 दिसंबर तक चलने वाले सत्र में कई मुद्दों पर ध्यान दिया जाएगा। यह सत्र आठ बैठकें करेगा। पहले दिन सदन में प्रश्नकाल में विवाद हुआ, जिससे विपक्ष ने पंचायत चुनावों को स्थगित करने का प्रस्ताव लाया। सरकार ने चर्चा के लिए हामी भर दी, हालांकि इस पर हंगामा होने की आशंका थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान का सबसे बड़ा रक्षक है, जिसने महिलाओं को पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण दिया। सरकार कानून के अनुसार काम करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूं तो यह मामला अर्धन्यायिक रहा है। लेकिन इसके बावजूद विपक्ष ने आज संविधान दिवस होने की बात की है तो सरकार ने इसे मंजूर किया है। उन्होंने कहा कि कानून का यदि सही मायने में कोई संरक्षक है तो वह कांग्रेस पार्टी ही है। जो भी इस संबंध में कार्य हो रहा है तो वह कानून की परिधि में ही हो रहा है। कानून की पर...