जलविद्युत परियोजनाओं पर दो प्रतिशत तक भू-राजस्व कर लागू करने की सरकारी घोषणा
प्रदेश में पिछले दस वर्षों से चल रही विद्युत परियोजनाओं पर भू-राजस्व लगेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को इस बारे में सूचना दी है। हिमाचल प्रदेश में 10 साल से स्थापित विद्युत परियोजनाओं पर भू-राजस्व लगेगा। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की घोषणा के बाद गुरुवार को राजस्व विभाग ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। बिजली उत्पादकों को यह शुल्क साल में दो बार अप्रैल और अक्तूबर में दो किस्तों में देना होगा। 2 फरवरी, 2026 से इसकी वसूली की जाएगी। हिमाचल प्रदेश में 191 परियोजनाएं स्थापित हैं। जिला चंबा में सबसे ज्यादा 45 परियोजनाएं स्थापित हैं, जबकि सोलन जिले में सबसे कम एक परियोजना है। हिमाचल का राजस्व बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने यह फैसला लिया है। केंद्र सरकार से हिमाचल को मिलने वाली राजस्व घाटा अनुदान(आरडीजी) बंद होने पर सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है। छोटे प्रोजेक्ट पर एक फीसदी, जबकि बड़ी परियोजनाओं पर औसत मार्केट मूल्य का दो फीसदी भू-राजस्व लगेगा। ऐसे होगी वसूली इससे सरकार को हर साल दो हजार करोड़ रुपये के करीब कमाई होगी। बड़ी परियोजना बीबीएमबी से 450 और एसजेवीएनएल से 30...