हिमाचल प्रदेश की आज की टॉप न्यूज़

बंदर नसबंदी के सभी सात केंद्र चालू रहेंगे : -

हिमाचल प्रदेश के वन्यजीव विभाग ने पहले पाँच केंद्र बंद करने की योजना बदल दी है। अब राज्य के सभी सात बंदर नसबंदी केंद्र चालू रखे जाएंगे।

सेब उत्पादन में गिरावट का मुद्दा उठा : -

बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने इस सीजन में सेब उत्पादन घटने और बागवानों के भुगतान से जुड़े मुद्दों पर बयान दिया।

मानसून में सामान्य से 11% कम बारिश : -

इस वर्ष हिमाचल में मानसूनी बारिश 652.3 मिमी दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश 734.4 मिमी है। लाहौल-स्पीति में सबसे अधिक, लगभग 65% की कमी दर्ज की गई।

धर्मशाला में प्रीपेड टैक्सी सुविधा की तैयारी : -

शिमला के बाद धर्मशाला में भी प्रीपेड टैक्सी सुविधा शुरू करने की खबर सामने आई है। इसका उद्देश्य यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने पर रोक लगाना है।

हिमाचल हाईकोर्ट का मुआवजे पर अहम फैसला : -

हाईकोर्ट ने भूमि अधिग्रहण के मामले में मुआवजे की राशि पर ब्याज के अधिकार को बरकरार रखा और बढ़ा हुआ मुआवजा जमा करने के निर्देश दिए।

ऊना में सड़क हादसा : - 

पीरनिगाह क्षेत्र में बाइक और रेहड़ी से जुड़े हादसे में एक महिला और तीन साल के बच्चे की मौत हुई, जबकि पाँच लोग घायल हुए।

मौसम का बदला मिजाज, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना : -

हिमाचल के कुछ इलाकों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी से ठंड बढ़ सकती है। यात्रा से पहले मौसम विभाग की चेतावनी जाँचें।

मुख्यमंत्री सुक्खू का दिल्ली में कांग्रेस मार्च में शामिल होने का ऐलान : - 

मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक कांग्रेस के मार्च में शामिल होने की बात कही है।

सेब खरीद: MIS के तहत 13,203 मीट्रिक टन खरीद : - 

सरकारी जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर तक बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) के तहत 13,203 मीट्रिक टन सेब खरीदे जा चुके थे। यह योजना बागवानों को उनकी उपज का बाजार उपलब्ध कराने में मदद करती है।

Comments

Popular posts from this blog

Appeal for Financial Support by Rohit Rana, Alumnus of J.V.S. Public Senior Secondary School, Baijnath ( HP )

धर्मशाला छात्रा मौ-त मामला : - राजकीय प्राध्यापक संघ ने तुरंत बैठक बुलाई, एसपी कांगड़ा से भी मुलाकात की

हिमाचल प्रदेश : - आईआईटी मंडी की खोज: कांगड़ा में पर्याप्त पानी, मंडी में संतुलन और कुल्लू में संकट